डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं? ऐसे करें कंट्रोल

अगर आप इन दोनों समस्याओं से एक पीड़ित हैं, तो आर्टिकल जरूर पढ़ें

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:39 AM IST

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अनुवादक – Usman Khan

डायबिटीजऔर हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) दोनों ही गंभीर समस्याएं हैं। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपनी डायट और फिटनेस का उचित ध्यान रखना पड़ता है। लेकिन हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों को अपनी लाइफस्टाइल का बहुत ज्यादा ध्यान रखना होता है, वर्ना ऐसे लोगों को स्ट्रोक, किडनी प्रॉब्लम्स और दिल की बीमारियां हो सकती हैं। पढ़ें- डायबिटीज मरीजों के लिए वरदान हैं ये हरी पत्तियां

हाई ब्लड प्रेशर क्या है?

खून रक्त धमनियों (arteries) के माध्यम से रक्त वाहिकाओं (blood vessels) की दीवारों पर अधिक दबाव डालने लगता है। लेकिन कुछ मामलों में धमनियों की दीवारें मोटी होती हैं, जो रक्त के प्रवाह के लिए प्रतिरोध में वृद्धि कर देती हैं। इसलिए ब्लड प्रेशर बढ़ने पर हार्ट पंप मारने लगता है, जो हाइपरटेंशन का कारण बन जाता है।

डायबिटीज और हाइपरटेंशन किस तरह चिंता का कारण है?

जर्नल एडवांस इन कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार,इन दोनों समस्यायों से नाड़ी तंत्र (vascular system) प्रभावित होता है, जिससे आपको दिल की बीमारियों का खतरा होता है। इसके अलावा ये किडनी के फंक्शन को कम कर देती हैं।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज- हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट वेसल्स की इनर लाइनिंग डैमेज और अंगों को ब्लड की सप्लाई बाधित हो सकती है। दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से उत्तकों को नुकसान और लंबे समय तक सीने में दर्द हो सकता है।

किडनी डैमेज- रक्त का प्रवाह बाधित होने से आपके गुर्दों को पर्याप्त खून नहीं मिल पाता है, जिस वजह से वो सही से काम नहीं कर पाती हैं। इसके अलावा अनकंट्रोल डायबिटीज से आपको डायबिटिक नेफ्रोपैथी का खतरा बढ़ सकता है।

डायबिटिक रेटिनोपैथी-मुंबई स्थित एडवांस आई हॉस्पिटल एंड इंस्टिट्यूट में रेटिना स्पेशलिस्ट डॉक्टर हरेश असनानी के अनुसार, डायबिटीज और हाइपरटेंशन के कंट्रोल नहीं होने पर आपको डायबिटिक रेटिनोपैथी यानि आंखों को नुकसान का खतरा हो सकता है। इसका कारण रक्त वाहिकाओं में सूजन और तरल पदार्थ का बाहर रिसाव होता है। कई मामलों में दृष्टि की हानि भी हो सकती है। इससे बचने का आसान तरीका ये है कि आपको नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहनी चाहिए।

इन बातों का रखें ध्यान

  • ध्यान रहे कि आपका ब्लड प्रेशर 130/80 एमएम एचजी और ब्लड शुगर लेवल 100 एमजी/डीएल के आसपास होना चाहिए।
  • नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच करें।
  • कम नमक और हेल्दी डायट लें।
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज़ करें।

चित्र स्रोत - Shutterstock

सन्दर्भ- Schutta MH. Diabetes and hypertension: epidemiology of the relationship and pathophysiology of factors associated with these comorbid conditions. J Cardiometab Syndr. 2007 Spring;2(2):124-30. Review. PubMed PMID: 17684469.

Grossman E, Messerli FH. Hypertension and diabetes. Adv Cardiol. 2008;45:82-106. doi: 10.1159/0000115189. Review. PubMed PMID: 18230957.


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