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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:39 AM IST
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अनुवादक – Usman Khan
कई लोग डिप्रेशन में अपनी लाइफ को बर्बाद करने पर उतारू हो जाते हैं। बेशक डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति को ये समझ नहीं आता है कि उसे क्या करना चाहिए क्या नहीं। अगर आपको भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो डॉक्टर संजय मुखर्जी आपकी मदद कर सकते हैं। डॉक्टर के अनुसार, अवसाद तीन तरह के होते हैं- माइल्ड, मॉडरेट और मेजर। इनसे निपटने का तरीका भी अलग-अलग होता है। पढ़ें- टमाटर खाकर दूर करें अपना डिप्रेशन, जानें कैसे!
माइल्ड डिप्रेशन से हर कोई पीड़ित हो सकता है। प्यार में धोखा मिलने पर उदास या भावुक होना इसके लक्षण हैं। ये कुछ घंटों या दिनों तक रहता है और इससे निपटने के लिए साइकोथेरेपी या मेडिकल की जरूरत होती है। मॉडरेट डिप्रेशन दो हफ्तों से ज्यादा हो सकता है। इसमें व्यक्ति को भूख नहीं लगती है और वो बहुत सोता है। ये काउंसलिंग से सही किया जा सकता है। मेजर डिप्रेशन में व्यक्ति नाकारा हो जाता है। वो जीवन से मोह त्याग लेता है। वो काम पर जाना, खानापीना छोड़ना, नहीं सोना या लंबे समय तक सोने लगता है। सबसे बड़ी व्यक्ति आत्महत्या का प्रयास भी कर सकता है। इसके इलाज के लिए दवा लेना बहुत जरूरी है। दवाओं से कुछ आराम मिलता है लेकिन छोड़ने के बाद स्थिति जस की तस हो जाती है।
डॉक्टर मुखर्जी एक थेरेपी की सलाह देते हैं, जिसे 'ए डोज ऑफ हैप्पीनेस' के नाम से जाना जाता है। ये आनंद-एमाइन, डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन, सेरोटोनिन और एंडोर्फिन के लिए है। आनंद-एमाइन खुशी के लिए है और डोज सभी डिप्रेशन से लड़ने वाले सभी हार्मोन के लिए है। डॉक्टर ने एक हैप्पीनेस प्रोग्राम 'साइंस ऑफ हैप्पीनेस एंड मेथड' शुरू किया है। इसका मतलब ये है कि 'मैं वो हूं और मेरे पास अपनी मदद करने की शक्ति है'। ये प्रोग्राम पांच गतिविधियों में बंटा हुआ है-
लोग- अवसाद से पीड़ित व्यक्ति को दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ समय बिताना चाहिए। लोगों से बचना नहीं चाहिए बल्कि उनके साथ मिलाप बढ़ाना चाहिए। इससे आपको धीरे-धीरे ठीक होने में मदद मिलती है।
आनंद- जीवन में मजे करो। वो करो जिससे तुम्हे खुशी मिलती है। अगर आप खाना बनाना पसंद करते हैं, तो अपने लिए कुछ अच्छा बनाएं। पेंटिंग पसंद है तो वो करो।
जुनून- कई लोग काम तो करते हैं लेकिन बेमन करते हैं, दरअसल आपके काम में आपका जुनून साफ़ नजर आना चाहिए। कोई भी काम मन लगाकर करो।
फिजिक- स्वास्थ्य ही धन है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए फिजिकली फिट रहने के जरूरत है। इसके लिये रोजाना एक्सरसाइज़ करें। इससे खुशी वाले हार्मोन जारी होते हैं, जिससे आप अच्छा महसूस करते हैं।
शान्ति- शान्ति पाने के लिए आपको ध्यान लगाने की जरूरत होती है। इसके लिए आप किसी भी तरह के मेडिटेशन का अभ्यास कर सकते हैं। इससे दिमाग शांत होगा और आपको डिप्रेशन से लड़ने में मदद मिलेगी।
चित्र स्रोत - Shutterstock