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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:39 AM IST
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कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान वैजाइना और ऐनल ऐरिया के आसपास स्किन पर रैशिज़ हो जाते हैं। इनमें बहुत दर्द होता है। इन्हें पीरियड्स रैशिज़ कहा जाता है। एक तो पहले ही महिलाओं को पीरियड्स में पेट में तेज दर्द, कमर दर्द जैसी तकलीफों से गुज़रना पड़ता है, ऊपर से ये रैशिज़, जो आमतौर पर सैनेटरी नैपकिन लगाने के कारण होते हैं। अगर आप भी इस समस्या से जूझती हैं तो हम आपके लिए लाए हैं ऐसे तरीके जिनसे आपकी ये तकलीफ कम हो सकती है।
1) पैड के पैकेट का ब्रांड बदलें – अगर आपके सैनेटरी नैपकिन में प्लास्टिक लाइनिंग है तो तुरंत उसका इस्तेमाल छोड़ दें। नमी बढ़ने और गर्माहट रहने से आपकी स्किन पर ये रैशिज़ पैदा कर देते हैं। ऐसे नैपकिन खरीदें जो सेंसिटिव स्किन के लिए हों और मुलायम मटीरियल से बने हों।
2) जल्दी-जल्दी नैपकिन बदलें – सैनेटरी नैपकिन दिन में सिर्फ दो बार बदलने की आदत ठीक नहीं। इसकी जगह हर 4-5 घंटे में इसे बदलें। बाहर जाएं तो अपने साथ एक्स्ट्रा पैड लेकर जाएं।
3) टाइट जींस न पहलें, कॉटन पैंटी पहनें – महीने के उन 5-6 दिनों के लिए अपनी जींस और साटिन पैंटी अलग रख दें। इस दौरान ढीली पैंट और कॉटन अंडरवियर पहनें। इससे आपको नीचे की तरफ ज्यादा पसीना नहीं आएगा और आपके वैजाइना के आसपास का एरिया सूखा रहेगा। ऐसे में दर्दभरे पीरियड्स रैशिज़ नहीं होंगे।
4) साफ-सफाई का रखें ख्याल – जब भी आप टॉयलेट जाएं तो अपने प्राइवेट पार्ट्स को धोएं और टॉयलेट पेपर से सुखाएं। इसके लिए वेट वाइप्स का इस्तेमाल न करें, उनमें अल्कोहल होता है जो स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है। सोने से पहले नहाएं जरूर।
ये तो तरीके हुए पीरियड्स में रैशिज़ से बचाव करने के। लेकिन तब क्या जब आपको पहले ही रैशिज़ हो चुके हों? रैशिज़ को दूर करने के तीन उपाय भी जान लें।
1)जब आपको रैशिज़ हो जाए तो साबुन, बॉडी वॉश या लैक्टो कैलेमाइन या वैसलीन जैसी कोई क्रीम न लगाएं। ऐसा करने से रैशिज़ में और ज्यादा दर्द होगा। अगर आप कोई क्रीम लगाना ही चाहती हैं तो अपनी गायनाकॉलोजिस्ट की सलाह पर लगाएं।
2)रैशिज़ पर गुनगुना पानी डालने से भी कई महिलाओं को आराम होता है। गर्म पानी से इनफ्लेमेशन और जलन कम हो जाती है। साथ ही रैशिज़ से पसीना और सूखा या जमा खून साफ हो जाता है।
3)इसके बाद ठंडे मार्बल या पत्थर के फर्श पर बैठिये। आप पैंट या कपड़े के ऊपर से आइस या हीट पैक की सेक ले सकती हैं, लेकिन उन्हें डायरेक्ट न लगाएं। अगर इन सबसे राहत न मिले तो ये यीस्ट इंफेक्शन हो सकता है, इसके लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
चित्र स्रोत- Shutterstock