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अनुवादक – Shabnam Khan
आपने ध्यान दिया होगा मानसून आते ही कई लोगों को जोड़ों में दर्द होने लगता है। मानसून के दौरान जॉइंट पेन यानी जोड़ों का दर्द बहुत आम बात है। जिन लोगों को रूमेटाइड अर्थराइटिस या ऑस्टियो अर्थराइटिस होता है, उनके लिए तो ये बारिश के महीने बहुत परेशानी वाले होते हैं। हमने जसलोक अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर अमित पिस्पति से इस समस्या के बारे में बात की। उनसे इसका कारण पूछा और बचाव भी। आइये जानें उनका क्या कहना था।
मौसम और तापमान में बदलाव मसल्स में अकड़न पैदा करता है। इस अकड़न यानी स्टिफनेस से घुटनों, कूल्हों और उंगलियों तक में दर्द होने लगता है। 60 की उम्र से अधिक लोगों पर इसका ज्यादा असर दिखता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कम उम्र के लोग इससे बचे हुए हैं। आजकल युवाओं को भी खराब लाइफस्टाइल के कारण बारिश के दिनों में जोड़ों में दर्द महसूस होता है।
बचाव
इससे समस्या से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है एक्सरसाइज़। नियमित रूप से स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करने से और रोज़ के कामकाज करने से इस तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है। इस मौसम में दिन में दो बार स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। अगर आप लंबे वक्त के लिए बैठे हैं तो लगभग आधा घंटे के लिए वॉक करें। एयरकंडीशन में बैठने से ये समस्या बढ़ सकती है। इसलिए कोशिश करें कि हर 40 मिनट में खड़े हो जाएं और कुछ कदम चलें।
रूमेटाइड अर्थराइटिस या ऑस्टियो अर्थराइटिस के मरीज़ दर्द बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। हो सकता है वो आपकी दवाओं में कुछ बदलाव कर दे। अपने जोड़ों में होने वाले दर्द और तकलीफ को अनदेखा न करें। अगर आप दर्द से बचे रहना चाहते हैं तो आपके लिए सबसे अच्छा है कि आप 22 डिग्री तापमान में रहें। इस मौसम में ऐसा खाना खाएं जो हल्का हो और पचाने में आसान हो।
कब जाएं डॉक्टर के पास
अगर जोड़ों में दर्द 3 हफ्ते या उसके बाद भी बना रहे हो डॉक्टर के पास जाएं। हो सकता है कि वो आपको कुछ ब्लड टेस्ट करवाने को कहे या दवाएं लिखें। आपको फिज़ियोथैरिपी या लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह भी दी जा सकती है।
चित्र स्रोत - Shutterstock