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अनुवादक – Shabnam Khan
आपको ये तो मालूम है कि हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के कारण दिल की ज्यादातर बीमारियां जैसे कि हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक आदि होते है। लेकिन आपको इस बात की जानकारी है कि हाई बीपी के कारण किडनी भी डैमेज हो सकती है?
मुंबई के मुक्ता डायलेसिस सेंटर और भक्ति वेदांत हॉस्पिटल की कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट डॉक्टर ज्योत्सना ज़ोप कहती हैं, ‘हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर कहा जाता है। इसके लक्षण जब तक नज़र आते हैं, ये पहले ही आपके शरीर को नुकसान पहुंचा चुका होता है। ये किडनी की गंभीर समस्या का कारण भी होता है। कई मरीज़ों में ये पहचान करनी मुश्किल होती है कि दोनों समस्याएं में से पहले कौन-सी हुई थी।’
इस तरीके से बीपी पहुंचाता है किडनी को नुकसान
किडनी की रक्तवाहिकाओं को नुकसान पहुंचाए – हाइपरटेंशन में दिल के लिए काम करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि नसों और धमनियों में बहुत ज्यादा खून पहुंचने लगता है। एक समय बाद, नाज़ुक नसों के लिए ये दबाव संभालना मुश्किल हो जाता है, और उनके साथ-साथ किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है। जब किडनी ठीक प्रकार से काम नहीं कर पाती तो शरीर में फ्लूड (fluid) जमा हो जाता है जिससे ब्लड प्रेशर और बढ़ता है।
शरीर से अपशिष्ट पदार्थ नहीं निकल पाते
जब कितनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है तो शरीर से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त फ्लूड बाहर नहीं निकल पाते, जिससे अन्य कई तरीकों की समस्याएं हो सकती हैं। (किडनी की पथरी में न खाएं ये 6 चीज़ें)
किडनी फेलियर
हाई ब्लड प्रेशर किडनी की रक्त वाहिकाओं के छोटे झुंड (cluster) जिसे क्लोमेरूली (glomeruli) कहते हैं, को नष्ट कर सकता है। इनके नष्ट हो जाने के कारण , किडनी अवशिष्ट पदार्थों को बाहर नहीं निकाल पाती। इससे किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
चित्र स्रोत - Shutterstock