... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Read this in English.
अनुवादक – Usman Khan
गठिया या अर्थराइटिस (arthritis) एक गंभीर समस्या है। केवल बुजुर्ग ही नहीं अब युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। इसके पीछे खराब जीवनशैली एक बड़ा कारण है। केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि कुछ ऐसे लक्षण भी होते हैं, जिनसे पता लग सकता है कि आप इस रोग की चपेट में आ चुके हैं या आ सकते हैं। पढ़ें- गठिया से परेशान हैं तो आजमायें ये 10 टिप्स
1) गठिया का इतिहास
आर्थोपेडिक सर्जन और घुटने के स्पेशलिस्ट डॉक्टर प्रदीप मोनूट के अनुसार, अगर आपके माता या पिता को गठिया या जोड़ों के दर्द की समस्या है, तो आपको बोन डेस्टीनिटी टेस्ट या सिंपल ब्लड टेस्ट करा लेना चाहिए। क्योंकि इससे आपको ये समस्या हो सकती है। वास्तव में ऐसे कई जेनेटिक कारण होते हैं, जिस वजह से आपको रूमटॉइड अर्थराइटिस होने का खतरा होता है।
2) अधिक वजन
खराब जीवनशैली के कारण मोटापा बढ़ना एक आम समस्या है। लेकिन धीरे-धीरे मोटापा बढ़ने से आपके शरीर का सारा भार आपके जोड़ों पर टिकता चला जाता है। बाद में ये जोड़ों में दर्द का कारण बनने लगता है। गठिया से बचने के लिए आप मोटापा कम करें और एक्सरसाइज़ से जोड़ों वाले हिस्से को मजबूत बनाएं।
3) सुबह का दर्द
अगर उठने के बाद थोड़ी देर तक आपके जोड़ों में दर्द रहता है, तो आपको इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इसके अलावा सोफे, फर्श या चेयर पर लंबे समय तक बैठने से होने वाले दर्द को भी नजरअंदाज ना करें। अगर आपको मांसपेशियों की जकड़न सताती है, तो आपको गठिया का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट और एक्स-रे कराने चाहिए। कई बार ऐसा विटामिन बी3 की कमी के कारण भी हो सकता है।
4) जोड़ों में दर्द
चलते, बैठते या सीढ़ी चढ़ते समय अगर आपको जोड़ों में दर्द होता है, तो ये गठिया का संकेत हो सकते हैं। कई बार दर्द इतना होता है कि आपकी नींद हराम हो जाती है।
5) थकान
ये गठिया का जटिल लक्षण है। अगर बुखार और दर्द के साथ थकान बार-बार होती है, तो ये गठिया का लक्षण हो सकता है। कई बार लोग इसे फ्लू का लक्षण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
चित्र स्रोत - Shutterstock