एनीमिया से बचने के लिए ऐसी होनी चाहिए आपकी डायट

इन 5 कारणों से हो सकता है एनीमिया का खतरा!

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST

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अनुवादक – Usman Khan

आयरन की कमी या एनीमिया एक सामान्य खून संबंधी बीमारी है। इसमें शरीर द्वारा लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन कम हो जाता है, जिनका मुख्य कार्य मस्तिष्क और शरीर के अन्य भागों में ऑक्सीजन ले जाने का होता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं का सबसे महत्वपूर्ण घटक है। यह एक प्रोटीन है, जिसका मुख्य कार्य फेफड़ों से रक्त के माध्यम से ऑक्सीजन को शरीर की कोशिकाओं तक ले जाने का है। शरीर आयरन की कमी के कारण ऑक्सीजन ले जाने के लिए पर्याप्त हीमोग्लोबिन का उत्पादन नहीं कर सकता है। पढ़ें: एनीमिया दूर करने के लिए खाएं गुड़-चना

आयरन की कमी इन कारणों से हो सकती है

1) आयरन की अपर्याप्त मात्रा- जो लोग अपनी डायट में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल नहीं करते हैं, ऐसे लोग एनीमिया का शिकार हो सकते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां, मांस, गार्डन क्रैस सीड्स, खजूर और चावल जैसी चीजें आयरन के मुख्य स्रोत हैं। माशाहारी चीजों से ज्यादा आयरन मिलता है। शाकाहारी चीजों से केवल पांच फीसदी तक आयरन मिलता है। शाकाहारी लोगों को विटामिन सी से भरपूर चीजें भी खानी चाहिए।

2) आयरन का अपर्याप्त उपयोग- कई स्वास्थ्य परेशानियां जैसे- जठरांत्र (gastrointestinal) की गड़बड़ी, क्रोनिक इन्फ्लैमेशन और दोषपूर्ण आयरन के उपयोग आदि से आयरन के अवशोषण में बाधा आ सकती है।

3) अचानक खून की कमी- आकस्मिक रक्तस्राव के मामले में ऐसा हो सकता है। इसके अलावा टीबी, अल्सर और पेट से जुड़े रोगों के मामले में भी ऐसा हो सकता है। मासिक धर्म और प्रसव के दौरान अत्यधिक खून की कमी से भी एनीमिया हो सकता है।

4) आयरन की आवश्यकता को बढ़ाना- बचपन, किशोरावस्था, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान आयरन की अधिक आवश्यकता होती है। अगर इन चरणों में आयरन की मात्रा में वृद्धि नहीं की, तो एनीमिया का जोखिम हो सकता है।

5) आयरन का अपर्याप्त अवशोषण- ऐसा दस्त के दौरान हो सकता है। दस्त के दौरान पेट से एसिड स्राव की कमी हो जाती है या पुरानी गुर्दे की बीमारियों में जब एंटासिड चिकित्सा दी जाती है।

एनीमिया से बचने के लिए ऐसी हो आपकी डायट

  • डाइअटिशन फरजाना चौहान के अनुसार, आप अपनी डायट में मांस, अंडे की जर्दी, हरी पत्तेदार सब्जियां, किशमिश, चना, सोयाबीन, खजूर आदि जैसे आयरन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें और इनका कम से कम दो बार सेवन करें।

  • संतरा, अमरूद, आंवला आदि जैसे विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं। क्योंकि विटामिन सी लोहे के अवशोषण को बढ़ावा देता है।

  • फोलिक एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें, यह एक बी कॉम्प्लेक्स विटामिन होता है, जो हीमोग्लोबिन अर्थात सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के लिए आवश्यक घटक है।

  • फोलिक एसिड खाद्य पदार्थ दाल, हरी पत्तेदार सब्जियां, क्लस्टर सेम, भिंडी और अंडे आदि का सेवन करें।

  • चाय, कॉफ़ी और कोला व कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ आयरन के अवशोषण में बाधा पहुंचा सकते हैं। इसलिए इनके अत्यधिक सेवन से बचें।

  • ऑक्ज़ालिक एसिड से भरपूर फूड्स भी आयरन के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं।

  • कॉपर, प्रोटीन, ऊर्जा, विटामिन बी -6 और विटामिन ई जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण भी एनीमिया हो सकता है। इसलिए संतुलित और पौष्टिक भोजन करना चाहिए।

चित्र स्रोत - Shutterstock


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