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Written By: Editorial Team | Updated : January 24, 2017 6:12 PM IST
मेथी, ये शब्द सुनते ही आपके मन में क्या ख्याल आते हैं। शायद पाचनतंत्र अच्छा रखनेवाली एक चीज़, एक कड़वे स्वाद वाली सब्ज़ी, मेथी के पराठे या थेपले, है ना? लेकिन अगर आप मेथी को केवल इन कारणों से ही याद करते हैं तो आप जानते ही हैं कि मेथी कितनी फायदेमंद है। लेकिन मेथी और उसके दानें काम आते हैं गैस्ट्रो के अलावा बहुत-सी तकलीफों के इलाज में।
जी हां, मेथी कुछ गंभीर बीमारियों के तकलीफ को कम करने की क्षमता रखती है और केवल आपकी पेट की गड़बड़ियों को ही ठीक नहीं करती। जर्नल ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (Journal of Medical Sciences ) में छपी एक स्टडी में बताया गया कि मेथी के दाने गर्भाशय के अल्सर (ovarian cyst) को ठीक करने के साथ PCOS के लक्षण मानी जानेवाली तकलीफों में भी आराम दिलाता है।
यह स्टडी 50 ऐसी महिलाओं पर आधारित थी जिनके मेनोपॉज की शुरुआत अभी नहीं हुई है। यानि इन महिलाओं की आयु 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच की थी और इन सभी का बीएमआई 45 से नीचे था। साथ ही ये पीसीओएस से पीड़ित थीं और इन्हें गर्भधारण में समस्या हो रही थी। इन सभी महिलाओं को कैप्सूल के रुप में मेथी के दाने खाने के लिए दिए गए। महिलाओं ने 90 दिनों तक इन कैप्सूल्स (500 मिग्रा प्रतिदिन) का सेवन किया।
मेथी और फर्टिलिटी
स्टडी ख़त्म होने के बाद ऐसा निष्कर्ष निकाला गया कि 46 प्रतिशत महिलाओं के ओवेरियन अल्सर में कमी (सिकुड़न) देखी गयी तो वहीं 36 प्रतिशत महिलाओं का अल्सर खत्म हो गया। लगभग 71 प्रतिशत के पीरियड्स रेग्यूलर यानि नियमित रूप से चलने लगे तो वहीं 12 प्रतिशत महिलाएं इस इलाज के दौरान गर्भधारण कर सकीं।
इस आधार पर यह बात कही जा सकती है कि मेथी के दानों का रस पीसीओएस और उससे जुड़ी परेशानियों से राहत दिलाने में सहायता करता है। इसी तरह वह महिलाओं को गर्भधारण करने में भी सहायता करता है। स्टडी के दौरान यह भी पाया गया कि मेथी के दानों के नियमित सेवन से ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (luteinizing hormone या LH) और फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (follicular stimulating hormone या FSH) के निर्माण में मदद हुई जिससे पीसीओएस के लक्षण कही जानेवाली परेशानियों से राहत मिली।
मेथी और इंसुलिन रेज़िस्टेंट
पीसीओएस को इंसुलिन रेज़िस्टेंट और फैट (कोलेस्टॉल और ट्राइग्लिसराइड) के मेटाबॉलिज़्म के साथ भी जोड़कर देखा जाता है। इरान जर्नल ऑफ फार्मास्यूटिकल रिसर्च में छपी एक स्टडी में बताया गया कि पीसीओएस से पीड़ित कुछ महिलाओं को मेटमॉर्फ़िन (Metmorfin- पीसीओएस और गर्भधारण में परेशानी झेल रही महिलाओं को दी जानेवाली एक दवा) के साथ मेथी के दाने वाले कैप्सूल खाने के लिए कहे गए। चार सप्ताह बाद उनका अल्ट्रासाउंड कराया गया जिसकी रिपोर्ट में ऐसा पता चला कि वे महिलाएं जिनके गर्भाशय या ओवरी में पॉलीसिस्टिक (polycystic appearing ovaries) का ख़तरे था उनमें काफी सुधार हुआ है। हालांकि इंसुलिन रेज़िस्टेंट से जुड़े बदलाव बहुत अधिक नहीं दिखायी पड़े पर अनियमित पीरियड्स की समस्या में काफी सुधार हुआ। साथ ही स्कैनिंग में गर्भाशय भी स्वस्थ स्थितियों में दिखायी दीं। गौरतलब है कि पीसीओएस की समस्या होने पर महिला के गर्भाशय फूले हुए नज़र आते हैं उनमें घाव और अल्सर दिखायी पड़ते हैं।
पीसीओएस(PCOS) में मेथी कैसी असर करती है?
• अगर आप प्राकतिक चीजों की शक्ति के बारे में जानते हैं और उनसे इलाज करना पसंद करते हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें ताकि वह आपको आवश्यकता के अनुसार दवा का डोज़ बता सके।
• मेथी के दानों को भिगोकर रखने से उसके फायदे बढ़ जाते हैं। मेथी को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह छानकर उसका पानी पी जाएं।
• आप सलाद में सीज़निंग और सब्ज़ी में तड़के के लिए भी मेथी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Shutterstock