यकीन मानिए आज के समय में अधिकतर लोग जो हाइपरटेंशन, दिल से जुड़ी बीमारियों और डायबिटीज के शिकार हो जाते हैं उसकी मुख्य वजह उनकी सुस्त और खराब जीवनशैली ही है। घंटों एक ही जगह पर बैठकर काम करना और जंक फ़ूड का अधिक सेवन जैसी आदतें ही उन्हें इन बीमारियों की चपेट में ला रही हैं। हालाँकि हम सभी यह अच्छी तरह जानते हैं कि रोजाना एक्सरसाइज करके काफी हद तक इन बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है लेकिन फिर भी कई लोग समय की कमी और व्यस्तता के कारण एक्सरसाइज नहीं कर पाते हैं। अगर आप दिल से जुड़ी किसी भी तरह की बीमारी से पीड़ित हैं तो एक्सरसाइज करना बहुत ज़रूरी हो जाता है। मुंबई स्थित एशियन हार्ट इंस्टिट्यूट के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ, निलेश गौतम यहाँ दिल से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए बता रहे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
अगर हाल ही में आपको दिल से जुड़ी कोई समस्या हुई है और अभी उसका इलाज चल रहा है तो इस दौरान ऐसी कोई भी एक्सरसाइज न करें जिससे हार्ट पर ज्यादा दवाब पड़ता हो क्योंकि इससे आपकी स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है।
अगर हाल ही में आपने हार्ट सर्जरी करवाई है और अब आप एक्सरसाइज करने के बारे में सोच रहे हैं तो शुरुवात में कोई भी हैवी एक्सरसाइज न करें बल्कि सिर्फ वाक करें। रोजाना सुबह और शाम आराम से 4-6 किलोमीटर वाक करें। किसी भी सर्जरी के कम से कम 6 हफ़्तों बाद ही किसी तरह की एक्सरसाइज शुरू करनी चाहिये।
अगर आप घर में या जिम में जाकर एक्सरसाइज करने की सोच रहे हैं तो हफ्ते में 5-6 बार एक्सरसाइज करने के साथ 5-10 मिनट सांसों से सबंधित योगा ज़रूर करें। इसके अलावा हमेशा वर्कआउट करने के पहले 5 मिनट वार्मअप एक्सरसाइज और ख़त्म होने के बाद 5 मिनट कूल डाउन एक्सरसाइज करना न भूलें।
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सर्जरी के बाद या इलाज के दौरान जब भी एक्सरसाइज की शुरुवात करें तो शुरुवात में जॉगिंग या स्विमिंग जैसी हल्की एक्सरसाइज ही करें उसके बाद धीरे धीरे इनकी तीव्रता बढ़ाएं। ऑफिस में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का प्रयोग करें और रोजाना कम से कम 30 मिनट की वाक करें। इससे ब्लड प्रेशर और ग्लूकोज लेवल दोनों ही सामान्य रहता है।
ज्यादा भारी वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करने की बजाय आप एरोबिक एक्सरसाइज कर सकते हैं। इसके अलावा साइकिलिंग और बैडमिंटन खेलना हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ज़रूरी एक्सरसाइज हैं। इन्हें अपनी डेली रूटीन में शामिल करें।
इस दौरान कभी भी पुशअप वाली एक्सरसाइज न करें, इसके अलावा ऐसी कोई भी एक्सरसाइज जिसमें हार्ट पर बहुत दवाब पड़ता हो उसे न करें। आप चाहें तो आइसोटोनिक एक्सरसाइज कर सकते हैं जिससे आपकी मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
एक्सरसाइज करते समय अपने हार्ट रेट पर ख़ास नज़र रखें और एक मानक सेट कर दें कि कभी भी इस रेट से ऊपर जायें तो एक्सरसाइज बंद कर दें। आदर्श मानक के लिए आप अपनी उम्र की संख्या को 220 में से घटा कर उसका निर्धारण कर सकते हैं। मान लीजिये आपकी उम्र 40 है तो इस हिसाब से 220 – 40 =180, इसका मतलब एक्सरसाइज के दौरान कभी भी आपका हार्ट रेट 180 से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
इन सबके बावजूद भी अगर आपको एक्सरसाइज करते समय अचानक सीने में दर्द होने लगे या किसी भी तरह की तकलीफ हो तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर की सलाह लें।
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