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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:41 AM IST
शुगर यानी शर्करा को मीठा ज़हर भी कहा जाता है क्योंकि इससे डायबिटीज़ और दिल की बीमारियों जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। एक और चर्चा इन दिनों ज़ोर पकड़ रही है कि शुगर की वजह से कैंसर का खतरा भी बढ़ता है। मुंबई के कंबला हिल्स हॉस्पिटल की कंसल्टेंट डायटीशियन नीति देसाई कहती हैं, ‘शुगर को एक तरह का प्रो-इनफ्लेमेटरी एजेंट माना जाता है और जब कैंसर का नाम लिया जाता है तो ये उतनी ही खतरनाक है जितना की तंबाकू। ज्यादा शुगर लेने से इंसुलिन लेवल बढ़ जाता है और ये वज़न भी बढ़ाता है, यही दोनों कारण कैंसर का खतरा बढ़ा देते हैं। ऐसे कई शोध हो चुके हैं जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि शुगर ली जाने वाली मात्रा और कैंसर में संबंध होता है।
फ्रूक्टोज और आंत का कैंसर : करंट ओपिनियन ऑन एंडोक्रिनोलोजी, डायबिटीज एंड ओबेसिटी नामक जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, फ्रूक्टोज या फलों में पाये जाने शुगर का अधिक सेवन करने से आँतों के कैंसर के होने की संभावना बढ़ जाती है। फ्रूक्टोज शरीर के अन्दर जाकर ग्लूकोज में परिवर्तित हो जाता है और इससे शरीर को उर्जा मिलती है लेकिन फ्रक्टोज का विघटन प्रोटीन सिंथेसिस को बढ़ाता है जिससे ट्यूमर के बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
डॉ. नीति इसका कारण बताती हैं कि ‘ ज्यादा फ्रूक्टोज के सेवन से जब यह विघटित होती है तो एंजाइम के द्वारा ग्लूकोज में परिवर्तित होती है और इससे ऊर्जा और प्य्रूविक एसिड भी निकलती है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि कैंसर कोशिकाएं ऐसे एसिडिक माहौल में ही ज्यादा बढ़ती हैं।
शुगर और ब्रेस्ट कैंसर: एक शोध के अनुसार अधेड़ उम्र की महिलाओं में खाने वाले शुगर और ब्रेस्ट कैंसर के बीच संबंध होता है। ज्यादा शुगर के सेवन से खून में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है और अगर आप ऐसे ही नियमित रूप से ज्यादा शुगर का सेवन करती हैं तो शरीर में इन्सुलिन की मात्रा प्रभावित हो जाती है। जिससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
शुगर और कोलोन कैंसर: खाने वाले शुगर के अधिक सेवन से ब्रेस्ट कैंसर के अलावा कोलन कैंसर के होने की संभावना भी काफी ज्यादा रहती है। इसके सेवन से शरीर में ट्राईग्लेसराइड, ग्लूकोज और इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है। हाल ही में किये एक सर्वे के अनुसार इस शुगर में पाये जाने वाले सुक्रोज के कारण ही अधिकतर युवा कोलोन कैंसर के शिकार हो जाते हैं। यह बात भी पता चली है कि जो लोग फाइबर की तुलना में ज्यादा शुगर का सेवन करते हैं उनका बीएमआई भी ज्यादा होता है और ऐसे लोगों में कोलन कैंसर का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा होता है।
देसाई बताती हैं कि इसलिए आपको हमेशा शुगर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिये क्योंकि कार्बोहाइड्रेट भी विघटन के बाद शुगर में तब्दील हो जाता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए जो पहले से ही पीसीओ(PCO) से पीड़ित हैं और उनका इन्सुलिन लेवल काफी बढ़ा हुआ है उन्हें अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिये।
सीमित मात्रा में शुगर का सेवन कैसे करें?
चाय, कॉफ़ी और ब्रेकफास्ट सेरेल में अलग से शुगर न मिलाएं। इसके अलावा किसी भी प्रोसेस्ड फ़ूड या रेडी-टू –इट फ़ूड को खरीदने से पहले उसके फ़ूड लेबल को ज़रूर चेक कर लें। ब्रेड, बिस्किट, पास्ता और शुगर से भरपूर ड्रिंक्स का सेवन बिलकुल कम कर दें।
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock
संदर्भ :
References:
[1]1: Port AM, Ruth MR, Istfan NW. Fructose consumption and cancer: is there a connection? Curr Opin Endocrinol Diabetes Obes. 2012 Oct;19(5):367-74. doi: 10.1097/MED.0b013e328357f0cb. Review. PubMed PMID: 22922366.
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