... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Read this in English.
अनुवादक – Usman Khan
तुलसी के पौधे को एक पवित्र पौधा माना जाता है। इस पौधे का भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा में एक जड़ी बूटी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। तुलसी का पौधा स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और बीमारियों की रोकथाम के लिए जाना जाता है। आप इस इस आश्चर्यचकित जड़ी बूटी का इस्तेमाल तनाव दूर करने के लिए भी कर सकते हैं। पढ़ें: डाइबीटिज़ और फीवर को करें कंट्रोल में तुलसी
तुलसी के पत्ते शरीर में कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) लेवल को नियंत्रित कर आपको तनाव से राहत दिलाने में सहायक है। इतना ही नहीं तुलसी के पत्ते तनाव के कारण मस्तिष्क पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव का मुकाबला करने में भी मदद करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर तुलसी के खुशबूदार पत्ते मानसिक स्पष्टता को बढ़ावा देने के साथ-साथ फ्री रैडिकल्स को खत्म कर स्ट्रेस को कम करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
तुलसी के पत्तों में पावरफुल एडप्टोजेनिक (adaptogenic) गुण होते हैं, जो इसे एक बेहतर एंटी-स्ट्रेस एजेंट बनाते हैं। इससे नसों को आराम मिलता है और ब्लड सर्कुलेशन नियंत्रित करने में मदद मिलती है। पोषक तत्वों से भरपूर तुलसी के पत्ते ऑक्सीकरण प्रक्रिया (oxidation process) को धीमा करने और तनाव के हानिकारक प्रभावों से शरीर की रक्षा करने में सहायता करते हैं।
तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल ऐसे करें
चित्र स्रोत - Shutterstock
संदर्भ: Jyoti. S — Antistressor activity of Ocimum sanctum (Tulsi) against experimentally induced oxidative stress
Holy Basil – WebMD