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अनुवादक – Usman Khan
डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखने और इंसुलिन का उत्पादन बढ़ाने के लिए अपने खानपान का खास ध्यान रखना पड़ता है। ऐसी कई जड़ी बूटियां और मसाले हैं, जो डायबिटीज के उपचार में सहायक हैं। इन्ही में से एक डिल की पत्तियां (dill leaves) हैं। सौंफ के पौधे जैसे दिखने वाले इस पौधे को शेपु या सुवा भाजी के नाम से भी जाना जाता है। परंपरागत रूप से इसका इस्तेमाल मछली, अंडे और मशरूम बनाने के लिए एक मसाले के रूप में किया जाता है। अमेरिकी बोटनिस्ट डॉक्टर जेम्स ड्यूक के अनुसार, डिल में 70 तरह के केमिकल होते हैं, जिस वजह से ये डायबिटीज के इलाज के लिए प्रभावी जड़ी बूटी है। पढ़ें: रोजाना केवल 6 जामुन खाने से डायबिटीज के मरीजों को होता है ये बड़ा फायदा
डिल ही क्यों
अध्ययनों के अनुसार, डिल की पत्तियों के रस में कई चिकित्सकीय गुण होते हैं, जिस वजह से ये टाइप 2 डायबिटीज के इलाज में सहायक है। जब अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के इलाज और शरीर में हानिकारक सूजन को कम करने के लिए ग्लुकोकोर्टीकोइड (glucocorticoid) थेरेपी का उपयोग किया जाता है, तो ये लंबे समय तक हाइपरग्लाइसेमिया (hyperglycemia) का नेतृत्व कर सकते हैं। ये एक ऐसी स्थिति है, जब टाइप 2 डायबिटीज मरीजों में ग्लूकोज की अतिरिक्त मात्रा हो जाती है। हालांकि डिल के पत्तों का रस पीने से इंसुलिन के स्तर में उतार-चढ़ाव को कम करने और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसके अलावा इसके पत्तों का रस थायराइड कंट्रोल करने और इम्युनिटी सिस्टम मज़बूत करने में भी मददगार है।
इसका इस्तेमाल ऐसे करें
अगर आप टाइप 2 डायबिटीज के मरीज़ नहीं हैं, तो भी डिल खाने से आपको ब्लड शुगर लेवल कम करने और इंसुलिन प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है। इसलिए इन हरी पत्तियों को अपनी डायट में ज़रूर शामिल करें।
चित्र स्रोत - Shutterstock
संदर्भ: Panda S. The effect of Anethum graveolens L. (dill) on corticosteroid induced diabetes mellitus: involvement of thyroid hormones. Phytother Res. 2008 Dec;22(12):1695-7. doi: 10.1002/ptr.2553. PubMed PMID: 18814208.