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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:21 AM IST
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अगर कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है, क्या उसे पसीना लाने के लिए कवर किया जाना चाहिए? बॉड़ी का तापमान कम करने के अन्य तरीके क्या हैं?
इस सवाल का जवाब दिल्ली-एनसीआर स्थित रॉकलैंड ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स में चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉक्टर रतन कुमार वैश्य देंगे।
बुखार के रोगी को कवर कर देना सही विचार नहीं
डॉक्टर वैश्य के अनुसार, बुखार के दौरान मरीज को किसी कंबल से लपेट देना और उसे जैकेट्स पहना देना अच्छी विचार नहीं है। वास्तव में मुख्य उद्देश्य शरीर का तापमान कम करना होना चाहिए ना कि मरीज को लपेटना। एक बात का खास ध्यान रखें कि मामूली बुखार होने पर दवा का सहारा लेना सही नहीं है। पढ़ें- बच्चे के बुखार के दौरान इन 6 बातों का रखें ध्यान!
पसीने से बुखार होगा कम, केवल मिथक
डॉक्टर के अनुसार, ये गलत धारणा है कि ठंड के कारण शरीर का तापमान बढ़ता है और शरीर कांपने लगता है। वास्तव में शरीर वायरस या बैक्टीरिया से लड़ने के लिए अपने तापमान को बढ़ाकर रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देता है। रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने के कारण ही कंपन होती है। इस समय आपका उद्देश्य मरीज को ज्यादा से ज्यादा सुविधा प्रदान करना होना चाहिए। कुछ लोग मरीज के नीचे कई सारे कंबल बिछा देते हैं, दरअसल इससे तापमान और ज्यादा बढ़ता है। अगर शरीर का तापमान 102 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा हो जाता है तो, सीजर्स (seizure) के चांस भी ज्यादा होते हैं।
केवल हल्के कम्बल से कवर करें
दरअसल ये एक मिथक है कि बुखार में मरीज़ को पसीना आने से वह ठीक हो जाएगा। कंबल और स्वेटर का इस्तेमाल सर्दियों में बाहरी ठंडे तापमान से बचने के लिए किया जाता है। इसलिए रोगी को किसी हल्के कंबल से कवर करना ही पर्याप्त है। कोल्ड स्पॉन्जिंग (Cold sponging) तापमान को रेगुलेट करने का बेहतर तरीका है। कमरे का तापमान सही रखना और रोगी को हल्के गर्म पानी से नहलाना भी सही उपाय है। इसके लिए कंबल और जैकेट्स का प्रयोग करना सही नहीं है।
मूल स्रोत -Does sweating bring down fever?
अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock
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