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अनुवादक – Shabnam Khan
डार्क चॉकलेट खाने का आपके पास अब एक और बहाना है। अगली बार जब खांसी से आप बेचैन हो जाएं तो राहत पाने के लिए एक टुकड़ा डार्क चॉकलेट खा लें। डार्क चॉकलेट डिप्रेशन दूर करती है, कामोत्तजना बढ़ाती है और इसके अलावा ये काम भी करती है। अध्ययन में ये बात सामने आई है कि डार्क चॉकलेट में मौजूद थिओब्रोमाइन (theobromine) सेंसरी नर्व एक्टीवेशन (sensory nerve activation) में बाधा डालता है और इस तरह से खांसी में कमी आती है।क्लिनिकल ट्रायल में ये बात सामने आई है कि थिओब्रोमाइन को शरीर के अंदर लेने से खांसी कम होती है। (जानेये कैसे डार्क चॉकलेट से कम होता है वज़न भी!)
खांसी और उसकी वजह से होने वाली इरीटेशन को दूर करने के अलावा डार्क चॉकलेट कई प्रकार के फायदे पहुंचाती है। असल में, रिसर्च में ये सामने आया है कि थिओब्रोमाइन बिल्कुल उसी तरह प्रभाव डालता है जैसे कोडेन (codeine)। कोडेन एक ऐसा ड्रग है इसका इस्तेमाल ख़ांसी से राहत पाने के लिए किया जाता है। जितना गाढ़ा (concentration) थिओब्रोमाइन होगा उतना अच्छा असर आपकी खांसी पर पड़ेगा। फीकी (unsweetened) डार्क चॉकलेट की एक आउंस की बार में 450मिली ग्राम थिओब्रोमाइन होता है। हालांकि डार्क चॉकलेट खा लेने से आपकी खांसी पूरी तरीके से ठीक नहीं हो जाती, इससे सिर्फ आपको कुछ राहत मिलती है। ये सिर्फ बहुत अधिक खांसी से होने वाले दर्द और परेशानी को कम करता है। डार्क चॉकलेट खाने और खांसी को कम के बीच और क्या संबंध हो सकते हैं अब इस पर आगे के अध्ययन होने शुरू हुए हैं।
चित्र स्रोत - Shutterstock
संदर्भ