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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:42 AM IST
कई बार कुछ लोगों को ऐसी अजीबोगरीब चीजों को लेकर डर लगता है जो वास्तव में होती ही नहीं हैं जैसे कि अचानक से कोई आवाज सुनाई देना, या ऐसा महसूस होना कि आपके पीछे कोई खड़ा है या अचानक ही कहीं से तेज गंध आती हुई महसूस करना। ये सारे लक्षण हैलूसिनेशन (Hallucinations) नामक मानसिक बीमारी के हैं इसमें मुख्य रूप से मरीज को कुछ ऐसी आभासी चीजें महसूस होती हैं जिससे वो डरने लगता है और आस पास के लोग उसे पागल समझने लगते हैं। अधिकतर लोगों में अभी भी इस मानसिक बीमारी को लेकर ज्यादा जागरूकता नहीं है जिस कारण वे अपने आस पास इससे पीड़ित मरीजों को देखकर उन्हें पागल करार देते हैं।
कुछ अध्ययनों से इस बात का पता चला है कि कुछ ऐसी बीमारियां भी हैं जिनसे पीड़ित मरीज को ऐसा महसूस होने की संभावना बढ़ जाती है। यहाँ ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में आपको बता रहे हैं जिनके कारण भी आपको ऐसा महसूस हो सकता है।
स्किज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia): यह एक गंभीर मानसिक रोग है इसमें मरीज को अपनी कल्पना और सच्चाई में फर्क ही समझ नहीं आता है। इसमें मरीज को अपनी कल्पनाओं वाली चीजें सामने विजुअल की तरह होती हुई दिखती हैं और इन विजुअल्स में उन्हें अपने परिवार के सदस्यों से लेकर जानवर तक दिख सकते हैं। अधिकतर मामलों में मरीज इन विजुअल्स को देखकर खुद ही डरने लगते हैं। हालांकि अभी तक यह बीमारी लाइलाज ही है लेकिन कुछ दवाओं से इनके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
डेलेरियम: यह भी एक गंभीर मानसिक बीमारी है। इसमें मरीज काफी हद तक अपनी सुध बुध खो बैठते हैं और अचानक से वे बुरी तरह डिस्टर्ब हो जाते हैं। उनके व्यवहार में अचानक से कई तरह के बदलाव आने लगते हैं जैसे की परेशान होना, ठीक से बोल न पाना और आपको बातों को ठीक से समझ न पाना। यह एक अस्थायी समस्या है और ये ज्यादा अल्कोहल पीने वाले और ड्रग्स लेने वाले लोगों को ज्यादा होता है।
डीमेंसिया : डीमेंसिया से पीड़ित मरीज अपनी याद्दाश्त को लेकर परेशान रहते हैं और कई बार वे बहुत ज़रूरी चीजें भी भूल जाते हैं। वास्तव में डीमेंसिया खुद एक बीमारी नहीं है बल्कि अल्जाइमर के मरीजों को होने वाले कई लक्षणों को मिलकर उसे यह नाम दिया गया है। इससे पीड़ित मरीज कई बार अपने शरीर का बैलेंस भी नहीं बना पाते हैं और लगभग 20% मरीजों को अजीबोगरीब चीजें विजुअल्स के रूप में दिखाई देती हैं।
सेजर(Seizures) : डॉक्टर्स का कहना है कि सेजर बीमारी से पीड़ित मरीजों को छोटे छोटे चमकते हुए रंगीन स्पॉट दिखाई देते हैं। कई बार मिरगी के मरीजों को भी झटके लगने के साथ ऐसे विजुअल्स दिखाई देने लगते हैं। आमतौर पर यह समस्या ब्रेन ट्यूमर, हार्ट डिसीज, हाई ब्लड प्रेशर और सांप के काटने के कारण होती है।
माइग्रेन: कई बार माइग्रेन के शिकार लोगों को भी ऐसी आभासी चीजों से डर होने लगता है। रिसर्चर के अनुसार माइग्रेन के मरीजों को ऐसे भ्रम होना बहुत आम बात है। आमतौर पर उन्हें सफ़ेद रंग की टेढ़ी-मेढ़ी लाइनें दिखती हैं। कुछ मरीजों को ये जिग-ज़ैग लाइनें कई अलग अलग कलर में भी दिखती हैं।
अच्छी नींद न लेना: रिसर्चर के अनुसार जो लोग भरपूर नींद नहीं लेते हैं या अनिद्रा जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं साथ ही वे डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याओं से भी परेशान हैं तो ऐसे लोगों को आभासी भ्रम होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्हें ऐसे विजुअल्स सपनों की तरह दिखाई देते हैं।
पार्किन्सन डिसीज: इस बीमारी से पीड़ित 50% मरीजों को ऐसी आभासी भ्रम वाली चीजें दिखाई देती हैं। अधिकतर मरीजों को कोई इंसान या जानवर या फिर कोई ऐसी चीज दिखाई देती है जिसको देखकर वे रिएक्ट करने लगते हैं और आस पास के लोगों को यह देखकर लगता है कि सामने वाला पागल हो गया है क्योंकि वास्तव में वे चीजें होती ही नहीं हैं।
ट्यूमर : ऐसे मरीज जिनका ट्यूमर उनकी ऑप्टिक नर्व को प्रभावित करता है उन्हें भी ऐसे आभासी भ्रम की स्थिति से गुजरना पड़ता है। हाल ही में किये एक अध्ययन के अनुसार एक सर्वे में जिसमें 59 ऐसे मरीजों को शामिल किया गया जिसमें सभी टेम्पोरल लोब ट्यूमर (Temporal lobe tumors) से पीड़ित थे उनमें से 13 मरीजों ने विजुअल हलूसिनेशन को महसूस किया है। दूसरे एक अध्ययन के अनुसार एक सर्वे में ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित 15% मरीजों में भी इस मानसिक बीमारी के लक्षण पाये गये।
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock