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जब किसी व्यक्ति को सीने में या हार्ट संबंधी कोई दिक्कत होती है तो डॉक्टर इलाज शुरू करते ही एक्स रे कराने को कहते हैं। एक्स-रे करना एक आसान प्रक्रिया है। आमतौर पर इसकी सलाह इमरजेंसी स्थिति में दी जाती है। मुंबई स्थित बालाभाई नानावटी हॉस्पिटल में कंसल्टेंट रेडियोलोजिस्ट डॉक्टर रश्मि पारिख आपको बता रही हैं कि एक्स-रे कैसे किया जाता है। हर साल 8 नवंबर को विश्व रेडियोग्राफी दिवस (World Radiography Day) मानाया जाता है। इस मौके पर आइए जानते हैं चेस्ट एक्स-रे से जुड़े सभी जरूरी सवालों के जवाब-
एक्स-रे की सलाह क्यों दी जाती है?
हार्ट, लंग्स, वायुमार्ग और रीढ़ व सीने की हड्डियों में समस्या का पता लगाने के लिए एक्स-रे की सलाह दी जाती है। अगर आपको सांस लेने में कठिनाई, छाती में दर्द, बुखार या लगातार खांसी हो रही है, तो आपका डॉक्टर निमोनिया, वातस्फीति (emphysema), दिल की समस्याओं, फेफड़ों के रोगों की पुष्टि करने के लिए इस टेस्ट की सलाह दे सकता है।
एक्स-रे कराने से पहले रोगी को क्या तैयारी करनी चाहिए?
वैसे इसके लिए किसी खास तैयारी की जरूरत नहीं होती है। हालांकि आपको आभूषण या चश्मे जैसी चीजों को उतार देना चाहिए। इसके अलावा आपको ढीला गाउन पहनने की जरूरत पड़ सकती है।
क्या गर्भवती महिला एक्स-रे करा सकती है?
गर्भवती महिला को केवल सख्त चिकित्सा सलाह के बाद ही एक्स-रे कराने को कहा जाता है। अगर आपको शक है कि आप गर्भवती हैं या आपको पीरियड्स नहीं हुए हैं, तो एक्स-रे कराने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है।
एक्स-रे की मशीन कैसी दिखती है?
आमतौर पर इस टेस्ट को करने के लिए रोगी को टेबल पर लेटाया या बैठाया जाता है। कई मामलों में मशीन के सामने खड़े होकर भी एक्स-रे किया जा सकता है। बॉक्स की तरह एक मशीन होती है जिसमें एक स्पेशल प्लेट लगी होती है, जो प्रभावित हिस्से की इमेज लेती है। आपातकालीन स्थिति के मामले में एक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का इस्तेमाल किया जाता है।
एक्स-रे मशीन कैसे काम करती है?
आपको एक्स-रे मशीन के सामने खड़ा होने के लिए कहा जा सकता है और आपका चेहरा उपकरण के सामने होता है। इसके बाद रेडिएशन की एक किरण बॉडी से पास होती है। यह एक फोटोग्राफिक फिल्म या डिजिटल डिटेक्टर पर इमेज रिकॉर्ड करती है। आपको इमेज प्लेट पर अपने चेस्ट को लगाकर और हाथ हिप्स पर रखकर खड़ा होना पड़ता है। आपको कुछ समय तक सांस रोकने के लिए कहा जा सकता है, जिससे इमेज धुंधली ना हो।
एक्स-रे करने में कितना समय लगता है?
इस टेस्ट का पूरा काम लगभग 15 से 20 मिनट में पूरा हो जाता है।
क्या एक्स-रे करते समय में दर्द होता है?
इस प्रक्रिया में दर्द नहीं होता है। रूम ठंडा होने की वजह से आपको थोड़ी बेचैनी जरूर हो सकती है।
एक्स-रे की इमेज देखने में कैसी लगती है?
चेस्ट एक्स-रे सफेद, भूरे और काले रंग का होता है। पसलियों और रीढ़ की हड्डी का रंग सफेद या भूरा होता है क्योंकि यहां घने ऊतक होते हैं जबकि फेफड़े का रंग काला दिखाई देता है, क्योंकि यहां नरम ऊतक होते हैं।
एक्स-रे से के साइड इफेक्ट्स होते हैं क्या?
आम धारणा के विपरीत इस प्रक्रिया के बाद बॉडी में रेडिएशन की कोई राशि नहीं रहती है। प्रक्रिया के दौरान रेडिएशन की वजह से कैंसर का बहुत कम जोखिम होता है। इसके अलावा एक्स-रे के कोई साइड इफेक्ट नहीं होते हैं।