उम्र बढ़ने के साथ आँखों में हो सकती हैं ये 7 समस्याएं

आँखों से जुड़ी कई समस्याएं ऐसी होती हैं जिनका सही समय पर इलाज करा लें तो उनसे हमेशा के लिए आराम मिल जाता है!

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Written By: Editorial Team | Published : January 17, 2017 5:21 PM IST

जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है वैसे ही आपकी आंखें भी कमजोर होती चली जाती हैं और अगर आप ठीक ढंग से अपनी आँखों का ख्याल नहीं रखते हैं तो हो सकता है कि कम उम्र में ही आपकी आंखें ख़राब हो जाएँ। बढ़ती उम्र के साथ लोगों को नजर में धुंधलापन की समस्या सबसे ज्यादा होती है और अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो आगे चलकर आपके लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप आँखों में होने वाली हर समस्या के लक्षणों के बारे में पहले से जानते रहे जिससे आप सही समय पर अपना इलाज करवा सकें। मुंबई स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. माधवी जेस्टे यहाँ बढ़ती उम्र में होने वाली आँखों से जुड़ी कुछ समस्याओं के बारे में बता रही हैं।

आँखों में सूखापन: आँखों में आंसुओं के कम बनने या ज़रूरत से ज्यादा इवैपरेशन के कारण भी आँखों में सूखेपन की समस्या हो जाती है। ज्यादा देर तक एयर कंडीशनर के बैठना और देर तक कंप्यूटर स्क्रीन देखने से भी आँखों की नमी सूख जाती है जिससे आँखों में जलन होने लगती है। इस समस्या के बहुत अधिक बढ़ जाने पर आपकी कॉर्निया भी डैमेज हो सकती है जिससे आपकी देखने की क्षमता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। इसलिए शुरुवाती लक्षण दिखने पर ही इसका इलाज करवाएं।

आँखों से पानी निकलना: आँखों में अगर कुछ भी बाहरी चीज चली जाये तो इससे आँखों में से पानी निकलने लगता है। हालांकि कई लोग इसे सामान्य समस्या समझ कर अनदेखा कर देते हैं लेकिन आँखों से अचानक पानी निकलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कन्जंगक्टवाइटिस या कॉर्नियल इन्फेक्शन के कारण भी आपकी आँखों से पानी निकलने लगता है और अगर आपने सही समय पर इसका इलाज नहीं करवाया तो इससे आगे चलकर आपकी देखने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए बेहतर होगा अगर आप समय रहते इसकी जांच करवा लें।

मोतियाबिंद : यह समस्या मुख्य तौर पर अधिक उम्र के लोगों को होती हैं हालांकि इसके होने की कई वजहें हो सकती हैं। लम्बे समय तक आँख में इन्फेक्शन होना या आँख में हुई किसी इंजरी के कारण आपको मोतियाबिंद की शिकायत हो सकती है। अगर आप डायबिटीज से पीड़ित हैं तो हो सकता है आप कम ही उम्र में इस बीमारी की चपेट में आ जायें। अगर सही समय पर आप इसका इलाज नहीं करवाते हैं तो आपकी देखने की क्षमता भी खत्म हो सकती है।

ग्लूकोमा: इस बीमारी में आँखों की नसें डैमेज हो जाती हैं जिससे आपकी देखने की क्षमता ख़त्म हो सकती है। अगर सही समय पर इसका इलाज हो जाये तो इस समस्या से निजात पाया जा सकता है। वैसे इस बीमारी में कोई भी घरेलू उपचार काम नहीं करता है इसलिए इसे सिर्फ सर्जरी या दवाइयों से ही ठीक किया जा सकता है।

डायबिटिक रेटिनोपैथी (Diabetic retinopathy): यह समस्या मुख्य रूप से डायबिटीज के मरीजों को ही होती है। जो लोग काफी लम्बे समय से डायबिटीज से पीड़ित रहते हैं उनमें यह समस्या होने की संभावना काफी ज्यादा होती है। अगर आप ने शुरुवात में ही इस बीमारी को पहचान कर इसका इलाज कराना शुरू कर दिया तो आप इससे छुटकारा पा सकते हैं वरना इससे आपकी देखने की क्षमता पूरी तरह ख़त्म हो सकती है।

मैकुलर डिजनरेशन (macular degeneration): जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है कि यह समस्या अधेड़ उम्र के लोगों को होती है। अभी तक इस समस्या का कोई स्थायी इलाज संभव नहीं है बस कुछ इंजेक्शन लगाकर मरीज के विजन को बचाए रखा जा सकता है। अधिकतर मामलों में इससे पीड़ित मरीज की नजर बढ़ती उम्र के साथ तेजी से कम होती जाती है।

प्रेसबायोपिया (Presbyopia) : आँख की मांसपेशियां कमजोर होने के कारण कई लोग प्रेसबायोपिया के शिकार हो जाते हैं। इससे पीड़ित मरीज की नजर धीरे धीरे कमजोर होने लगती है और उसे पढ़ने लिखने में भी तकलीफ होने लगती है। यह समस्या आमतौर पर 40 साल से अधिक उम्र वालों को ज्यादा होती है। इसका कोई भी घरेलू इलाज नहीं है इसे सिर्फ डॉक्टर द्वारा ही ठेक किया जा सकता है।

डबल विज़न: आँखों की मांसपेशियों में पैरालिसिस के कारण यह गंभीर समस्या हो जाती है। मुख्य रूप से यह मस्तिष्क में हुई दिक्कत के कारण होता है और इस अवस्था में मरीज को तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाना चाहिए।

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अनुवादक: Anoop Singh

चित्र स्रोत: Shutterstock

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