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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 4:39 PM IST
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वैजाइना की ड्राईनेस परेशान करने वाली हो सकती है। यूरीनेशन और इंटरकोर्स के दौरान इसकी वजह से जलन, खुजली, दर्द आदि समस्याएं हो सकती हैं। इसके लिए एट्रोफिक वैजाइनिटिस (atrophic vaginitis) जैसे टर्म का इस्तेमाल किया जाता है।
वैजाइनल ड्राइनेस का सबसे बड़ा कारण एस्ट्रोजन स्तर कम होना है, ये एक ऐसी स्थिति है जो मेनोपॉज़ के बाद सामने आती है। ऐसा स्तनपान कराने वाली महिलाओं के साथ भी होता है और कभी-कभी किसी और शारीरिक समस्या के कारण एस्ट्रोजन का उत्पादन घट जाता है। (आख़िर क्यों सुरक्षित नहीं है वैजाइनल शेव)
मेनोपॉज़-पूर्व होने वाली वैजाइनल ड्राइनेस आपके लिए इतनी बुरी साबित हो सकती है कि इसकी वजह से आपकी उत्पादकता घट सकती है, आपका रिलेशनशिप प्रभावित हो सकता है और दिनभर आपको थकान महसूस हो सकती है। अगर आपको कभी ये समस्या हुई हो तो आप समझ सकती हैं कि ये प्रभाव अतिश्योक्ति नहीं है। हालांकि इस स्थिति से निपटने के लिए कई तरीके मौजूद हैं। लेकिन हम यहां आपको एक नैचुरल तरीका, नारियल तेल का इस्तेमाल बता रहे हैं।
वैजाइनल ड्राईनेस के लिए नारियल तेल ही क्यों?
ये एक शानदार लुब्रीकेंट है – नारियल को वैजाइना में लगाने से तुरंत ड्राईनेस की वजह से हुई जलन में आराम मिलता है। ये इस एरिया को स्मूद करता है।
इंफेक्शन से सुरक्षा – नारियल के तेल ऐसे एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक तत्व होते हैं जो फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से लड़ते हैं। कुछ ऐसे अध्ययन भी हैं जो ये बताते हैं कि नारियल तेल एटॉपिक डर्मटाइटिस (atopic dermatitis) को भी दूर करता है।
हाइड्रेटिड रखे – एस्ट्रोजन की कमी से वैजाइना ड्राई और खुजली वाली हो जाती है। नारियल तेल न सिर्फ ड्राईनेस को दूर करता है, बल्कि उसे डाइड्रेटिज भी रखता है।
आप एक दिन में एक या दो बार नारियल तेल लगा सकती हैं। कई बार, दो दिन तक भी इसका असर बना रहता है। नियमित रूप से इस उपाय को अपनाने से आपको आराम मिलेगा।
चित्र स्रोत - Shutterstock