मुंह के छाले होने पर चबायें तुलसी का पत्ता

Mouth ulcer से परेशान हैं?

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:29 AM IST

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अनुवादक : Mousumi Dutta

आजकल गलत खान-पान के कारण पेट संबंधी समस्या होना आम बात-सी बन गई है। अक्सर इन कारणों से भी मुँह में छाले पड़ जाते हैं। वैसे तो ये दिखने में छोटे होते हैं लेकिन दर्द देते हैं बहुत। मुँह में छाला पड़ने से खाने-पीने में बहुत तकलीफ होती है। जब भी खाते है दर्द से हाल बेहाल हो जाता है। मार्केट में इस दर्द से राहत पाने के लिए बहुत सारे दवाईयां मिल जायेंगी जो तुरन्त आराम देने का वादा करते हैं। क्यों नहीं इन दवाओं के जगह पर नैचुरल चीजों को ट्राई करते, जिनका कोई साइड-इफेक्ट भी नहीं होता है।

इन नैचुरल चीजों में तुलसी का पत्ता एक ऐसा नाम है जिनके औषधिय गुण अनगिनत हैं। तुलसी के पत्ते में अल्सर को ठीक करने का औषधिय गुण होता है। कई अध्ययनों से ये प्रमाणित हुआ है कि तुलसी का पत्ता माउथ अल्सर या गैस्ट्रिक अल्सर को ठीक करने में प्रभावी रूप से काम करती है।

माउथ अल्सर होने का कोई निश्चिंत कारण खोज पाना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन तनाव, मसालेदार खाना खाने के कारण एसिडिटी, मुँह, दाँत या मसूड़ों की सही तरह से देखभाल न करने पर मुँह में छाले जैसे घाव बन जाते हैं।

तुलसी का एन्टी-बैक्टिरीयल गुण मुँह को इन्फेक्शन से दूर रखने में मदद करती है। मुँह में पनपने वाले बैक्टिरीया को 99% तक खत्म करके छाले पड़ने के लक्षणों से राहत और बैक्टिरीया या जर्म को पनपने से रोकते हैं। इसके साथ तुलसी से दांतों में कैविटी, बदबू या प्लाक होने का खतरा भी कम होता है।

अध्ययनों से ये पता चलता है कि तुलसी का पत्ता चबाने से लार का पीएच (ph) नियंत्रित रहता है और एसिड के कारण मुँह को जो क्षति पहुँचती है उसके अनुपात को कम करता है।

टिप- दिन में तीन से चार बार 2-3 तुलसी का पत्ते चबाकर पानी पी लें। इससे न सिर्फ मुँह के छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं बल्कि उनका आना भी कम हो जाता है।

नोट- ये सिर्फ घरेलू उपचार है, अगर आपके मुँह के छाले तब भी ठीक नही हो रहे हैं तो डॉक्टर से पास जाने में देर न करें।

चित्र स्रोत- Shutterstock

संदर्भ-

  • Gayathri Ramesh et al. Estimation of salivary and tongue coating pH on chewing household herbal leaves: A randomized controlled trial.
  • Priyabrata Pattanayak et al. Ocimum sanctum Linn. A reservoir plant for therapeutic applications: An overview


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