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Written By: Mousumi Dutta | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST
डाइबिटीक यानि मधुमेह रोगी के सबसे पहला और ज़रूरी सवाल ये होता है कि क्या खाये और क्या नहीं? इस खाने की तालिका में फल, सब्ज़ी, स्नैक्स सब कुछ आ जाते हैं। मुश्किल की बात तब हो जाती है लोग अक्सर बिना जाने लोग बहुत कुछ अपने अंदाज से ही खाना छोड़ देते हैं। फल ये होता है कि वे जाने-अनजाने इनके फायदों से दूर हो जाते हैं। इसलिए टाइप-2 डाइबिटीज़ और हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज़ सबसे पहले कुछ भी खाना खाने या छोड़ने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। पढ़े-
यह तो सभी को पता है कि केला के अनगिनत गुण है और ये एक ऐसा फल है जो बच्चे से लेकर बड़े सबके लिए खाना अच्छा होता है। क्योंकि केला फाइबर, मिनरल, पोटाशियम, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी6, मैगनीज़ का स्रोत है। जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के साथ-साथ कब्ज़ और एसिडिटी से राहत दिलाने में सहायता करता है। आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि इस फल को खाने से स्किन में अलग ही ग्लो आता है। लेकिन अक्सर लोग ये मानते हैं कि डाइबिटीज़ होने पर फलों में केला खाना छोड़ देना चाहिए क्योंकि इसको खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है। लेकिन रिसर्च के दौरान ये साबित हुआ है कि रोजाना संतुलित मात्रा में या 250- 500 ग्राम/दिन केला खाने से फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज़ लेवल के साथ एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल का अनुपात भी कम होता है। अध्ययन के दौरान तीस हाइपरकोलेस्ट्रेलोमिक और पंद्रह टाइप-2 डाइबिटीज़ के मरीजों ने रोज केला खाया और चार हफ़्तों के बाद ये पाया कि टाइप-2 डाइबिटीज़ और हाइपरकोलेस्ट्रेलोमिक मरीजों पर इसका कोई बुरा असर नहीं पड़ा वरन् बाद में इनका प्रभाव स्वास्थ्य पर बेहतर पड़ा।–[1]
इस अनुसंधान से आपको पता चल ही गया होगा कि केला खाना सिर्फ डाइबिटीज़ नहीं बल्कि हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज़ों के लिए फायदेमंद होता है।
चित्र स्रोत: Shutterstock
संदर्भ
1: Cressey R, Kumsaiyai W, Mangklabruks A. Daily consumption of banana marginally
improves blood glucose and lipid profile in hypercholesterolemic subjects and
increases serum adiponectin in type 2 diabetic patients. Indian J Exp Biol. 2014
Dec;52(12):1173-81. PubMed PMID: 25651610.