गुलाब की पंखुड़ियां - कंजक्टिवाइटिस के लिए आयुर्वेदिक उपचार

Conjunctivitis होने पर इसे जरूर ट्राई करें!

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:37 AM IST

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अनुवादक – Shabnam Khan

गर्मियों में कंजक्टिवाइटिस की समस्या बहुत आम है। लोग लोकल भाषा में इसे आंख आना भी कहते हैं। अगर आपको आंखों में चिपचिपा पदार्थ या आई म्यूकस ज्यादा महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। देरी करने से आई इंफेक्शन हो सकता है। डॉक्टर कंजक्टिवाइटिस के लिए आई ड्रॉप और कुछ दवाएं देते हैं जिससे इसका इलाज होता है। इस दौरान कुछ घरेलू या प्राकृतिक उपचार अपनाने से आपको राहत महसूस हो सकती है। आयुर्वेद में ऐसे कई नैचुरल उपचार हैं, जिनसे कंजक्टिवाइटिस में आराम मिलता है। कैराली आयुर्वेदिक ग्रुप और सेंटर की डायरेक्टर डॉक्टर गीता रमेश ने हमें आयुर्वेद के ऐसे ही कुछ उपाय बताएं:

1)  वतजअभिशायंदा – ऐसे मरीज़ जिन्हें आंखों में अधिक दर्द हो।

2)  पित्तजअभिशायंदा – ऐसे मरीज़ जिनकी आंखों में अधिक जलन महसूस हो।

3)  कफजअभिशायंदा – ऐसे मरीज़ जिनकी आंखों में अधिक खुजली महसूस हो।

4)  रक्तजाअभिशायंदा – ऐसे मरीज़ जिन्हें आंखों में दर्द, जलन, लालिमा महसूस हो और कुछ घाव घी हो जाएं।

गुलाब की पंखुड़ियां और कंजक्टिवाइटिस

कंजक्टिवाइटिस को नियंत्रित करने के लिए गुलाब की पंखुड़ियों से आंखें धोना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। गुलाब की पंखुड़ियां एस्ट्रीजेंट होती हैं और काफी ठंडक पहुंचाती हैं। ये जख्म को ठीक करती हैं और दर्द में राहत पहुंचाने में मददगार होती हैं। जॉर्ज वालेरा ने अपनी किताब हेल्दी चिंल्ड्रन में बच्चों को कंजिक्टिवाइटिस होने पर गुलाब की पंखुड़ियों के इस्तेमाल की सलाह दी है। इनके एंटीबैक्टीरियल और क्लेजिंग तत्व इंफेक्शन को ठीक करके लालिमा दूर करते हैं।

इस्तेमाल का तरीका

गुलाब की 10-15 ताज़ी पंखुड़ियां लें। उन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोएं। इसका पेस्ट बनाएं। अब इसे 100 मिली पानी में उबालें, और आधा होने पर गैस से उतारें। अब इसे साफ सूती कपड़े से छानकर ठंडा करें। दिन में 4-5 बार इसका इस्तेमाल आंखों के लिए करें।

चित्र स्रोत - Shutterstock


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