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जोड़ों के दर्द से राहत दिलाएं ये 4 आयुर्वेदिक तेल

क्या आप भी Joint Pain से परेशान हैं?

जोड़ों के दर्द से राहत दिलाएं ये 4 आयुर्वेदिक तेल

Written by Editorial Team |Updated : January 5, 2017 8:37 AM IST

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अनुवादक – Shabnam Khan

जोड़ों के दर्द में आराम पहुंचाने के लिए आयुर्वेदिक तेल बहुत असरदार होते हैं। हमने कैराली आयुर्वेदिक ग्रुप की गीता रमेश से इस बारे में बात की, और उन्होंने हमें ऐसे चार आयुर्वेदिक तेलों के बारे में जानकारी दी, जिनके इस्तेमाल से जोड़ों के दर्द में राहत पाई जा सकती है।

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उन्होंने कहा, आयुर्वेदिक थैरेपी ऊतकों में फंसी अशुद्धियों को दूर करने में मदद करती हैं और उन्हें तरल करती हैं, जिससे वो सर्कुलेशन में आसानी से अवशोषित हो जाते हैं। इससे दर्द कम होने में मदद मिलती है। इसके अलावा, गर्म तेल की मसाज शरीर को आराम पहुंचाती है और वात दोष के कारण पैदा हुए असंतुलन को दूर करती है।

नीचे चार तरह के आयुर्वेदिक तेल और उनके फायदे बताए जा रहे हैं।

1)  धनवंतरम तैलम – ये एक आयुर्वेदिक तेल है जो शरीर में वात बढ़ जाने के कारण हुए जोड़ों के दर्द को दूर करने के काम आता है। रूमेटाइड, ऑस्टियो-अर्थराइटिस, स्पोंडिलाइटिस, सिरदर्द जैसी समस्याओं में ये दर्द से राहत दिलाता है। ये बालमूल याव, कोल और कुलथ को मिलाकर बनाया जाता है, और इसे रोज इस्तेमाल कर सकते हैं।

2)  कोट्टम चुक्कडी तैलम – शरीर में वात बढ़ने से होने वाली तकलीफों में भी इस तेल का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन खासतौर पर इस्तेमाल जोड़ों के दर्द में राहत और इनफ्लेमेशन दूर करने के लिए किया जाता है। ये लोअर बैक पेन, अर्थराइटिस और स्पोंडिलोसिस में राहत पहुंचाता है। ये तेल अदरक, वासंबू, लहसुन, सरसों, तिल, दही, इमली जूस आदि से मिलकर बनता है। ये तेल लंबे वक्त के लिए दर्द से आराम दिलाता है।

3)  पेंदा तैलम – ये ठंडक पहुंचाने वाला तेल है जो खासतौर पर रूमेटाइट के लिए इस्तेमाल होता है। ये जोड़ों का दर्द दूर करने में बहुत असरदार होता है। जिन लोगों के शरीर में पित्त ज्यादा होता है उनके लिए ये तेल होता है। ये हड्डियों का घर्षण कम करता है और अर्थराइटिस और रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी बीमारियों को धीमा करता है।

4)  वालिया नारायण तैलम – ये तेल विलवा, अश्वगंधा, भृहति, तिल आदि चीजों से मिलकर ये तेल बनाया जाता है जो अर्थराइटिस के दर्द में राहत पहुंचाता है। ये शरीर में वात और पित्त के लेवल का संतुलन बनाता है। वालिया नारायण तैलम का इस्तेमाल आंखों और तंत्रिका तंत्र के लिए भी किया जाता है।

चित्र स्रोत - Shutterstock

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