आंखों में गीलापन कम होने की समस्या से निजात पाने के लिए खाएं ये चीजें

ऑफिस में एयर कंडीशनर में बैठे लोग Dry Eye Syndrome समस्या के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं।

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Written By: Editorial Team | Published : February 23, 2017 3:05 PM IST

आंखों के डाक्टरों ने बताया कि उनके पास सबसे ज्यादा मरीज आंखों के सूखने की समस्या (Dry Eyes) वाले आते हैं। जब आंखों की ग्रंथियां सही मात्रा में आंसू का उत्पादन नहीं कर पाती हैं तो ऐसे में आंखें सूखने लगती है और उनमें जलन होने लगती है। आंखों से जुड़ी यह एक आम बीमारी है और इससे लगभग हर कोई परेशान रहता है। बैंगलोर स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के चीफ डायटीशियनशालिनी अरविन्द यहां कुछ घरेलू उपाय बता रही हैं।

पानी: आंखों में पानी की कमी यह दर्शाता है कि आपके शरीर में भी पानी की कमी है। जो लोग दिन भर एयर कंडीशनर में बैठकर काम करते हैं उनकी आंखें जल्दी सूखने लगती हैं। ऑफिस में बैठे लोग ही इस समस्या के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं। इससे बचने के लिए आप दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी ज़रूर पियें। पानी की पर्याप्त मात्रा होने पर ही आंखों में पर्याप्त मात्रा में आंसू का निर्माण हो पाता है जो कि आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है।

ओमेगा-3 फैटी एसिड: यह एसिड हमारे शरीर के बाकी अंगों के साथ-साथ आंखों के लिए भी उतना ही फायदेमंद है। ओमेगा-3 फैटी एसिड की वजह से आप ग्लूकोमा और हाई आइ प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से बच जाते हैं। इसके लिए आप फिश ऑयल, चिया बीज, अखरोट, सोयाबीन और पालक को अपनी डायट में ज़रूर शामिल करें।

पोटैशियम: शरीर की कोशिकाओं के सही विकास के लिए पोटैशियम की पर्याप्त मात्रा होना बहुत ज़रूरी है। जिन लोगों को ड्राईआई की समस्या होती हैं उनमें पोटैशियम की मात्रा काफी कम होती है। इसलिए अपनी डायट में पोटैशियम से भरपूर चीजें जैसे कि आलू, पालक, टमाटर, केला, ड्राई फ्रूट्स और रागी जैसी चीजों को ज़रूर शामिल करें।

विटामिन बी : सभी तरह के विटामिन आंखों के लिए फायदेमंद ही होते हैं। वैसे विटामिन बी6 और फोलिक एसिड कोशिकाओं को रिपेयर करने में अहम भूमिका निभाते हैं। आंखों के म्यूकस मेम्ब्रेन के लिए फोलिक एसिड बहुत ज़रूरी होता है। इसके लिए आप अंडे, मछली, साबुत अनाज, मशरूम, ब्रोकली और हरी सब्जियों को अपनी डायट में शामिल करें।

विटामिन इ: विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है और शरीर के इम्यून सिस्टम का यह मुख्य भाग होता है। जब इसका सेवन जिंक और बीटा-कैरोटीन के साथ करते हैं तो उससे बढ़ती उम्र में होने वाले मैकुलर डिजनरेशन का खतरा कम होता है।इसके अलावा यह मोतियाबिंद के खतरे को भी कम करता है। विटामिन ई पाने के लिए सनफ्लावर सीड्स, वेजिटेबल ऑयल, पालक, बादाम, ब्रोकली और मछली को अपनी डायट में शामिल करें।

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अनुवादक: Anoop Singh

चित्र स्रोत: Shutterstock

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