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अनुवादक – Usman Khan
समय से पहले बालों का झड़ना काफी चिंता का विषय हो सकता है। सिर में बालों का उगना और बढ़ना बालों के विकास चक्र पर निर्भर करता है। इस चक्र के दौरान सिर में कुछ अस्थाई बाल भी उग आते हैं, जिनका झड़ना सामान्य बात है। हालांकि बालों का झड़ना कई अन्य कारण जैसे- जीन, हार्मोन्स, ऑटोइम्यून, स्ट्रेस, चाइल्डबर्थ, इलनेस और कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट पर भी निर्भर करता है। वैसे सिर में बाल दोबारा उग सकते हैं लेकिन उसके लिए हालात सही होने चाहिए। वैसे हेयर एक्सपर्ट की मानें तो, हेल्दी डायट, रेगुलर डिटॉक्सीफ्लाइंग, एक्सरसाइज और हेयर मसाज से बालों को झड़ने से रोका जा सकता है। लेकिन कई बार ये उपाय भी धरे के धरे रह जाते हैं।
बाल झड़ने विशेषकर गंजेपन के ट्रीटमेंट के लिए वर्तमान में एफडीए ने केवल टोपिकल मिनॉक्सीडिल (Topical minoxidil) को मंजूरी दी है। अध्ययनों के अनुसार, इससे 60 फीसदी तक बालों को विकास हो सकता है। इसके अलावा बालों का विकास कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है। इन कारकों में आयरन और जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन, सिर पर चीन की विभिन्न जड़ी बूटियों को लगाना, हॉट आयॅल ट्रीटमेंट, मसाज, होम्योपैथिक औषधि, आयुर्वेदिक टॉनिक और एक्यूपंक्चर या एक्यूप्रेशर शामिल हैं। हम इस लेख में आपको बताएंगे कि एक्यूप्रेशर के जरिए बालों का विकास कैसे किया जा सकता है। पढ़ें- बाल जल्दी बढ़ाने के लिये खायें ये 8 चीजें
एक्यूप्रेशर क्या है?
हमारे शरीर पर मौजूद कुछ बिंदु ही कई रोगों का निदान करने की क्षमता रखते हैं। यदि इन बिंदुओं पर विशेष प्रकार से दबाव डाला जाए, तो यह कई रोगों के इलाज में मदद कर सकते हैं। एक्यूप्रेशर इलाज की ऐसी ही एक पद्धति है, जो शरीर के इन खास बिंदुओं को दबाकर रोग को दूर करने का कार्य करती है। यदि इसे किसी विशेषज्ञ की देखरेख में किया जाए, तो आमतौर पर इसके दुष्प्रभाव कम होते हैं। ये थेरेपी लाइफ एनर्जी पर आधारित है, जिसे ची या क्यूई (chi or qi) कहा जाता है, जो मरिडीअन (meridians) के प्रवाह में बहती है। जब ची का प्रवाह बंद हो जाता है, तो बीमारियां शुरु होने लगती हैं। इस थेरेपी में उंगली के जरिए आराम से बॉडी के हीलिंग प्वाइंट्स पर प्रेशर बनाया जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने, मांसपेशियों को आराम और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। अगर आपके बाल तनाव, बीमारी, ऑटोइम्यून या हार्मोनल असंतुलन की वजह से झड़ गए हैं, तो एक्यूप्रेशर चिकित्सा आपके बालों के विकास के लिए सही साबित हो सकती है।
बालों के विकास के लिए एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स कौन से हैं?
पाईह्यू प्वाइंट Paihui point (जीवी20)- ये हिस्सा सिर के सबसे ऊपर होता है और ये सिर में ब्लड सर्कुलेशन के लिए जाना जाता है। इस पर दबाव बनाने से सिर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और स्वस्थ बालों के विकास को बढ़ावा मिलता है। इसलिए रोजाना दिन में एक बार उंगली से इस हिस्से पर दबाव बनाया जाना चाहिए। इस हिस्से की सही पहचान करने के लिए आप नाक से एक काल्पनिक रेखा बनाते हुए सिर के ऊपर ले जाएं। ठीक इसी तरह दोनों कान के ऊपर से भी एक रेखा खींचते हुए सिर के ऊपर ले जाएं। जहां ये रेखाएं एक दूसरे को क्रॉस करती हैं, ये हिस्सा वहीं होता है यानि सिर के बिल्कुल ऊपर बीच में। इस प्रक्रिया में आप फिंगर से दबाव बनाने के अलावा 10 टूथपिक्स को एक रबड़ में बांधकर भी इस हिस्से पर दबाव बना सकते हैं। इस हिस्से पर दो से तीन मिनट तक दबाव बनाने के बाद पूरे सिर की पांचों उंगलियों से कोमलता से दबाव बनाकर मालिश करें।
जीवी 12 और जीवी 14- जीवी यानी गवर्निंग वेसल मरिडीअन (governing vessel meridian) 12 और 14, ये दोनों प्वाइंट भी सिर पर होते हैं।
जीवी 12, टी 3 के स्पाइनस प्रोसेस (spinous process) के ठीक नीचे मौजूद होता है। ये शोल्डर ब्लेड्स (shoulder blades) यानि पीठ दोनो तरफ की चौड़ी हड्डी के बीच एक हड्डियों का समूह थोरैसिक वर्टिब्रा (thoracic vertebrae) है।
जीवी 14, सी 7 के स्पाइनस प्रोसेस (spinous process) के ठीक नीचे मौजूद होता है। ये गर्दन के पीछे स्किन की ओर पीछे निकला हुआ हिस्सा होता है। ये हिस्सा गर्दन के बेस के लेफ्ट की तरफ होता है, जिसे आसानी से देखा जा सकता है।
एलआई 1
एलआई 1 एक्यूप्रेशर प्वाइंट बड़ी आंत से जुड़ी हुई पहली लंबर वर्टिब्रा (lumbar vertebrae) के नीचे होता है। आप इसे उंगली की नोक पर भी पा सकते हैं। तर्जनी उंगली के नाखून के कोने से 1 मिमी आगे वाले हिस्से पर दबाव बनाएं। इस प्वाइंट पर रोजाना दिन में एक बार 2 से 3 मिनट तक दबाव बनाएं।
एलयू 6, एलयू 7 और एलयू 9
ये सभी तीनों एक्यूप्रेशर प्वाइंट लंग्स मेरिडियन (Lung Meridian) के ऊपर स्थित हैं।
एलयू 6- यह एक्यूप्रेशर प्वाइंट फॉरआर्म (forearm) यानि हाथ से कोहनी के बीच के हिस्से के भीतर मौजूद होता है। ऐसे समझें, 5 कन (cun) कोहनी क्रीज के नीचे और 7 कन (cun) कलाई क्रीज के ऊपर वाला हिस्सा। इस हिस्से पर रोजाना दिन में एक बार दो से तीन मिनट तक 2 से 3 बार मजबूती से दबाव बनाएं।
एलयू 7- दोनों अंगुठों को क्रॉस करके और फिर अंदरूनी भुजा पर तर्जनी को रखकर आप इस एक्यूप्रेशर पॉइंट को प्राप्त कर सकते हैं।
एलयू 9- ये एक्यूप्रेशर प्वाइंट अंगूठे के सामने कलाई में नाड़ी के ऊपर स्थित है।
बी 13
तीन उंगलियों को कंधे की हड्डी (scapula) के लेवल पर कंधे और रीढ़ की हड्डी के बीच में रखें और दबाव बनाएं या रगड़ें। रीढ़ की हड्डी के दूसरी तरफ ये प्रक्रिया दोहराएं। तनाव दूर करने के लिए इस प्रक्रिया को बेहतर माना जाता है।
ऊपर बताए गए सभी एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स पर रोजाना दो से तीन मिनट तक उंगली से दबाव बनाएं या मसाज करें।
चित्र स्रोत - Shutterstock
संदर्भ: Harries, M., Sun, J., Paus, R. and King, L. (2010). Management of alopecia areata. BMJ, 341(jul23 1), pp.c3671-c3671.
Acupressure-diet.com, (2014). Hair Loss – Acupressure Diet -. [online] Available at: https:// www.acupressure-diet.com/diet/hair_loss.htm.