वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रहता है इन 5 जानलेवा बीमारियों का खतरा, डॉक्टर ने किया सावधान

Air pollution side effects: बढ़ता वायु प्रदूषण शरीर के किसी एक हिस्से को नहीं बल्कि कई हिस्सों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इस लेख में एक्सपर्ट्स से जानें वायु प्रदूषण वाले स्थानों में रहना आपके शरीर में किन बीमारियों को पैदा कर सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : November 7, 2023 7:01 PM IST

Disease caused by air pollution: दिल्ली-एनसीआर और उसके आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर काफी गंभीर हो चुका है, जिसके चलते इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा भी काफी बढ़ गया है। दिल्ली में रहने वाले या फिर देश के किसी भी प्रदूषण से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान होना की जरूरत है, क्योंकि प्रदूषण न कोई एक नहीं बल्कि शरीर के अंदर कई बीमारियां पैदा कर सकता है। दिल्ली शालीमार बाग के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर और पल्मोनोलॉजी डॉक्टर इंदर मोहन चूग ने इस बारे में काफी जानकारी दी। डॉक्टर इंदर मोहन ने ज्यादा वायु प्रदूषण से मनुष्यों में कौन सी बीमारी ज्यादा होने का खतरा बढ़ जाता है।

1. ब्रीथिंग डिसऑर्डर (Breathing disorder caused by air pollution)

डॉक्टर इंदर मोहन चुग ने बताया कि ज्यादा प्रदूषण सांस से जुड़ी कई बीमारियां पैदा कर सकता है, जिसमें निमोनिया व ब्रोंकाइटिस जैसे श्वसन संक्रमण से लेकर अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, जैसे गंभीर रोग भी शामिल हैं। श्वसन से जुड़े रोग होने का सबसे ज्यादा खतरा इसलिए होता है, क्योंकि वायु में मौजूद विषाक्त कण सांस के द्वारा अंदर जाकर श्वसन प्रणाली को ही सबसे पहले प्रभावित करते हैं।

2. हार्ट डिजीज (Heart disease caused by air pollution)

बहुत ही कम लोग जानते हैं कि लंबे समय तक वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहना आपके हार्ट को भी प्रभावित कर सकता है। डॉक्टर चूग ने बताया कि ज्यादा प्रदूषण शरीर के अंदर सूजन पैदा कर सकता है, जिससे हार्ट से जुड़ी कई बीमारियां होने का खतरा गंभीर रूप से बढ़ जाता है। खासतौर पर हार्ट के मरीजों को वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।

3. लंग डिजीज (Lung disease caused by air pollution)

श्वसन प्रणाली के साथ-साथ वायु प्रदूषण से अगर शरीर का कोई अंग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है, तो उसमें फेफड़ों का नाम भी आता है। वायु प्रदूषण मे मौजूद जहरीले तत्व शरीर के अंदर जाकर फेफड़ों को प्रभावित करते हैं और लंग कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां पैदा करने का खतरे को बढ़ा सकते हैं।

4. स्ट्रोक (Stroke caused by air pollution)

ज्यादा लंबे समय तक वायु से प्रदूषित स्थान पर रहना स्ट्रोक जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हवा में मौजूद जहरीले तत्व फेफड़ों के माध्यम से आपके रक्त में मिल सकते हैं, जो बाद में जाकर स्ट्रोक जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं। इसलिए डॉक्टर लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में न रहने की सलाह देते हैं।

5. डायबिटीज (Diabetes caused by air pollution)

डॉक्टर चूग के अनुसार ऐसे कई अध्ययन हुए जिनमें पाया गया है कि एयर पॉल्यूशन के संपर्क में रहना कुछ लोगों के शरीर में डायबिटीज विकसित होने के खतरे को बढ़ा सकता है। जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज है, उनका प्रदूषण प्रभावित क्षेत्र में रहना ब्लड शुगर बढ़ाने के साथ-साथ डायबिटीज से जुड़ी अन्य जटिलताएं भी पैदा कर सकता है।

यह महत्वपूर्ण है कि इस सूचना के प्रदूषण के कारण इन बीमारियों के जोखिम आवश्यकतानुसार अलग-अलग हो सकते हैं, जैसे कि प्रदूषण का स्तर और अवधि, व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा और विशेष प्रदूषक शामिल हैं। इन खतरों को कम करने के लिए पर्यावरण विधियों, जीवन शैली में परिवर्तनों, और वायु और जल गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए लोक स्वास्थ्य पहलों के माध्यम से प्रदूषण स्तर को कम करना महत्वपूर्ण है। साथ ही, व्यक्तियों को प्रदूषित वायु और पानी से बचाव करने, धूम्रपान छोड़ने और स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए कदम उठाने के लिए भी महत्वपूर्ण है।