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दुनिया भर में 1.7 अरब लोगों को है कोविड का गम्भीर खतरा, 5 में से 1 व्यक्ति को हो सकता है सीवियर इंफेेक्शन

एक्सपर्ट्स के मुताबिक दुनियाभर में लगभग 22 प्रतिशत आबादी को गम्भीर कोविड इंफेक्शन का ख़तरा है। मतलब हर पांचवां व्यक्ति कोविड-19 इंफेक्शन का शिकार हो सकता है। यह खतरा बहुत गम्भीर है क्योंकि यह उन लोगों की संख्या के आधार पर बताया जा रहा है, जिन्हें किसी प्रकार की बीमारी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार वैश्विक स्तर पर हर 5 में से एक व्यक्ति को कोविड-19 का रिस्क है। ये सभी वो लोग हैं जिन्हें, पहले से डायबिटीज, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां और सासं लेने से जुड़ी समस्याएं हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 17, 2020 6:38 PM IST

Chances of Covid-19 Risk: कोरोना वायरस के खतरे से जुड़ी एक नयी जानकारी विशेषज्ञों ने साझा की है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक दुनियाभर में लगभग 22 प्रतिशत आबादी को गम्भीर कोविड इंफेक्शन का ख़तरा है। मतलब हर पांचवां व्यक्ति कोविड-19 इंफेक्शन का शिकार हो सकता है। यह खतरा बहुत गम्भीर है क्योंकि यह उन लोगों की संख्या के आधार पर बताया जा रहा है, जिन्हें किसी प्रकार की बीमारी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार वैश्विक स्तर पर हर 5 में से एक व्यक्ति को कोविड-19 का रिस्क है। ये सभी वो लोग हैं जिन्हें, पहले से डायबिटीज, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां और सासं लेने से जुड़ी समस्याएं हैं। (Chances of Covid-19 Risk in hindi)

दुनिया के 1.7 अरब लोगों को है कोविड का गम्भीर खतरा (Chances of Covid-19 Risk)

लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में छापे गए एक स्टडी के निष्कर्षों के अनुसार, डायबिटीज़, हार्ट डिज़िज़ेज़ और लंग प्रॉब्लम जैसी परेशानियां झेल रहे लोग कोविड संक्रमण के प्रति बहुत संवेदनशील हैं।  स्टडी में लगा अनुमान दुनियाभर में करीब 1.7 अरब लोग इन बीमारियों का शिकार हैं। जो कि वैश्विक आबादी का लगभग 22 फीसदी हिस्सा हैं। इन सभी लोगों के लिए कोरोना संक्रमण का ख़तरा बहुत गम्भीर है। (Chances of Covid-19 Risk worldwide) इस स्टडी के आंकडों पर भरोसा करें को, कोविड इंफेक्शन की चपेट में आने के लिए बहुत ज़्यादा संवेदनशील मानी जा रही इस श्रेणी में लगभग 5 फीसदी लोगों की उम्र 20 साल से कम  है। वहीं, 66 फीसदी लोग 70 साल या उससे अधिक उम्र के हैं।

डायबिटीज़ के मरीज़ों को है कोविड-19 का गम्भीर खतरा:

स्टडी यह भी कहती है कि, कम उम्र वाले लोगों में कम से कम एक अंतर्निहित स्थिति वाले लोग होते हैं। लेकिन, ग्लोबली इस खतरे की वजहें अलग-अलग हो सकती हैं। इसीलिए, ऐसे देशों में जहां किसी विशेष बीमारी के मरीज़ ज़्यादा है वहां, कोविड का खतरा बहुत अधिक होता है। लांसेट पत्रिका में प्रकाशित इस रिसर्च में उदाहरण देते हुए कहा गया है कि, यूरोप की 30 फीसदी आबादी को एक से अधिक बीमारियां हैं। इसीलिए, उनके लिए रिस्क भी कहीं ज्यादा है। इसी तरह फिजी और मॉरिशस जैसे छोटे देशों में डायबिटीज के मरीज़ स्थानीय स्तर पर सबसे ज़्यादा है। चूंकि, डायबिटिक्स कोविड-19 के ख़तरे पर सबसे ज़्यादा हैं। इसीलिए, हो सकता है कि ये सारे लोग आगे जाकर कोविड-19 से संक्रमित हो जाएं। (Diabetes and Covid-19 infection)

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