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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 8:12 PM IST
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मैं 38 साल की महिला हूँ? क्या सचमुच चालिस के उम्र तक मेनोपोज़ या रजोनिवृत्ति होने की संभावना होती है? समय से पहले मेनोपोज़ होने के आशंका को कैसे रोका जा सकता है? मुझे इसके बारे में कुछ जानकारी चाहिए?
डॉ नूपुर गुप्ता, कंसल्टंट गाइनकालजिस्ट एण्ड आब्स्टिट्रिशन, डाइरेक्टर वेल वुमन, गुड़गांव के अनुसार मेनोपोज़ का सही समय 51 साल होता है लेकिन चालिस या उसके पहले मेनोपोज़ होना प्रीमैच्योर मेनोपोज़ की अवस्था कहते हैं। भारत में समय से पहले मेनोपोज़ होने की उतनी आशंका नहीं होती है लेकिन कुछ ऐसे तथ्य हैं जिनके कारण यह समस्या हो सकती है, जैसे- देर से शादी, प्रेगनेंसी डिले करना, और कैरियर सेन्ट्रिक होना आदि। इसके अलावा भी कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं- प्रदूषण, बीमारी, स्ट्रेस, सेडेन्टरी लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खान-पान जैसी बातें हो सकती हैं। इनके सब के अलावा और भी कुछ फैक्टर हैं जिनके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए जिनके कारण मेनपोज़ समय से आ सकता है- पढ़े- मेनोपोज़ : कारण, लक्षण और सलाह
• अगर आपके घर में मेनोपोज़ जल्दी होने का इतिहास चला आ रहा, जैसे माँ या बड़ी बहन को हुआ हैं तो आशंका बनती है।
• अगर आपको थाइरॉयड का प्रॉबल्म हैं तो हार्मोनल बदलाव के कारण मेनोपोज़ जल्दी होने की पूरी संभावना हैं।
• अगर आपने कैंसर का ट्रीटमेंट किया है जैसे- केमोथ्रेपी और रेडियोथ्रेपी हुआ है तो ओवरी इफेक्ट हो सकता है, जिसके कारण मेनोपोज़ जल्दी आ सकता है।
• जिन्होंने हिस्टरेक्टमी किया है उनके हार्मोन संबंधी बहुत से बदलाव होते हैं जो मेनोपोज़ जल्दी आने के कारण बन सकते हैं।
• अध्ययन यह बताता है कि प्लास्टिक कॉन्टेनर, परफ्यूम, लिपस्टिक, फेस क्रिम, नेल वर्निश का इस्तेमाल मेनोपोज़ के अवस्था को चार साल पहले ला सकता है।
• आपका वज़न भी मेनोपोज़ का एक अहम् कारण बनता है। अगर आपका बी.एम.आई (body mass index) 18 साल के नीचे हैं तो प्रीमैच्युर मेनोपोज़ होने की संभावना ज्यादा होती है।
हाँ, कुछ ब्लड टेस्ट और फीज़िकल एक्ज़ामीनेशन के मदद से प्रीमैच्युर मेनोपोज़ होने के खतरे को पहले से पता लगाया जा सकता है। डॉ. नूपूर के कहना है कि अपने डेली लाइफ में कुछ बदलाव लाकर आप समय से पहले मेनोपोज़ होने के खतरे को टाल सकते हैं- पढ़े- महिला दिवस 2015: गर्भावस्था, बांझपन और मेनोपोज़ के दौरान महिलाओं के मानसिक अवस्था से लड़ने के कुछ टिप्स
• नियमित व्यायाम करें- अगर आपका काम ज्यादा देर बैठकर करना है तो तुरन्त व्यायाम करना शुरू कर दें। युवावस्था में एक घंटे तक एक्सरसाइज़ ज़रूर करें और मध्य वयस्क महिला कम से कम तीस मिनट व्यायाम करें जिसमें योग, जॉगिंग, जिमिंग कुछ भी हो सकता है।
• फॉलिक एसिड लें- अपने डायट पर भी ध्यान रखें क्योंकि प्रजनन काल में भ्रूण के मस्तिष्क और स्पाइन के विकास के लिए इसका सेवन ज़रूरी होता है। इसके लिए आप हरी पत्तेदार सब्ज़ियां प्रचुर मात्रा में खायें।
• कार्बोहाइड्रेड का सेवन संतुलित मात्रा में करें- आपके शरीर को 40- 50% कार्बोहाइड्रेड की ज़रूरत होती है लेकिन तुरन्त एनर्जी देने वाले खाद्द पदार्थ का सेवन न करें। फूड्स लो ग्लेसेमिक इ्न्डेक्स वाले होने चाहिए। सिंपल कार्बोहाइड्रेड के जगह पर कॉमप्लेक्स कार्बोहाइड्रेड्स को डायट में शामिल करें।
• डायट में प्रोटीन और ट्रांस फैट को शामिल करें- डायट में प्रोटीन को शामिल करने से मसल्स ग्रोथ होता है। लेकिन डायट में इनको शामिल करने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि पॉलि अनसैचुरेटेड एसिड्स होने चाहिए जो बॉडी फंक्शन को सही तरह से करने में मदद करते हैं।
• किसी भी प्रकार के सप्लीमेंट्स को ना कहे- जितना हो सके अपने डायट में ताजे फल और सब्ज़ियों को शामिल करें जिससे विटामिन और पौष्टिकताएं भरपूर मात्रा में मिल सके।
इन सब बातों का एक ही सारांश हैं कि आप हेल्दी लाइफ स्टाइल के मदद से मेनोपोज़ को कुछ हद तक समय से पहले आने से रोक सकते हैं।
मूल स्रोत: What is early menopause and how can I avoid it? (Query)
अनुवादक : Mousumi Dutta
चित्र स्रोत : Shutterstock images
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