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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST
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अनुवादक: Anoop Singh
दिल से जुड़ी बीमारियों को इसलिये साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि इनके शुरुवाती लक्षणों पर किसी का ध्यान ही नहीं जाता और जब तक मरीज को यह पता चलता है कि उसे दिल से जुड़ी कोई बीमारी है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। हालांकि ऐसा नहीं है कि आप इन लक्षणों को पहले नहीं पहचान सकते बस आपको थोड़ा ज्यादा सचेत होने की ज़रूरत है। मुंबई स्थित लीलावती हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अजित मेनन यहाँ हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में बता रहे हैं।
सांस उखड़ना और अत्यधिक थकान : जब आप दिन भर बहुत काम कर रहे हैं या आपकी नींद ठीक से पूरी नहीं हो पा रही है तो थकान महसूस होना लाजिमी है, लेकिन दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण होने वाली थकान इनसे बहुत अलग होती है। इसमें आप बिना कुछ किये ही थक जाते हैं कभी-कभी आप पायेंगे की घर के छोटे-मोटे काम करने में भी आपको बहुत ज्यादा थकावट हो रही है। ऐसी अवस्था साफ़ तौर पर यह दर्शाती है कि आपका हार्ट ठीक तरह से ब्लड को पंप नहीं कर पा रहा है। जब आपका ह्रदय खून को ठीक से पंप नहीं कर पाता है तो नसों में बहने वाला खून और तरल आपके फेफड़ों में पहुँच जाता है जिससे आपकी साँसे उखड़ने लगती है और आपको एक कदम चलने में भी बहुत मुश्किल होने लगती है। इसलिये ऐसे किसी भी लक्षण को अनदेखा न करें। पढ़ें: पेनकिलर खाने से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का ख़तरा!
सीने में दर्द: सीने में अचानक से उठा तेज दर्द हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है, काफी देर तक सीने में रहने वाला दर्द यह दर्शाता है की आपका दिल ठीक से काम नहीं कर रहा है। हार्ट में हुई परेशानियों के कारण सीने में उठने वाला दर्द थोड़ी देर आराम कर लेने के बाद शांत हो जाता है। ऐसा दर्द हो तो आप इसे एक चेतावनी के रूप में लें और अगर ऐसा दर्द बार बार हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। अगर आपके सीने में होने वाले दर्द से आपके जबड़ों और बायें हाथ में दर्द होने लगे और आप अपने मुंह को हिला भी न सके तो समझ लीजिये की आपके हार्ट में परेशानी बहुत बढ़ गयी है और आपको कभी भी हार्ट अटैक आ सकता है।
अपच : आपको बार-बार होने वाली अपच की समस्या भी यह दर्शाता है की आपका दिल ठीक से काम नहीं कर रहा है। शायद आपको यह नहीं पता कि एसिडिटी और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियां भी दिल से किसी न किसी रूप में जुड़ी हुई होती हैं। अगर आपका हार्ट पूरी क्षमता के साथ ब्लड को पंप नहीं कर रहा है तो आपकी आंतो में कम मात्रा में खून पहुंचेगा जिससे अपच और एसिडिटी जैसी बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर एंटासिड दवाइयों के सेवन से आपको आराम मिलता है और दवा बंद होने पर फिर से ये समस्या शुरू हो जाती है तो इसका मतलब है कि आपका ह्रदय ठीक से काम नहीं कर रहा है। आपको तुरंत किसी कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह लेनी चाहिये।
पैरों में सूजन : वैसे तो पैरों में सूजन अक्सर किडनी के संक्रमित हो जाने के कारण होता है, लेकिन ह्रदय में हुई दिक्कतों के कारण होने वाले सूजन के दो कारण होते हैं। पहला तो यह की आपका हार्ट ठीक से ब्लड को पंप नहीं कर पाता है जिससे धमनियों में खून इकठ्ठा हो जाता है जिससे आपको पैरों में सूजन हो जाती है। दूसरा कारण यह है कि अगर आपका ह्रदय ठीक से काम नहीं कर रहा है तो किडनी भी ठीक से शरीर से वेस्ट (Waste) को बाहर नहीं निकाल पाता है जिससे पैरों में सूजन हो जाती है।
अनियमित हार्टबीट : अगर आपकी हार्टबीट अचानक से बढ़ जाए तो यह भी हार्ट अटैक की चेतावनी हो सकती है। क्योंकि अगर आपके शरीर में सब कुछ ठीक तरह से काम कर रहा है तो आपकी हार्टबीट बिल्कुल सामान्य ही रहेगी, इसमें हुआ परिवर्तन साफ़ तौर पर यह दर्शाता है कि आपका दिल ठीक से काम नहीं कर रहा है। ऐसा होने पर इसे कभी भी अनदेखा न करें बल्कि तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
चित्र स्रोत: Shutterstock