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एक कप गर्म चाय हर भारतीय की पहली पसंद होती है, चाहे वह अमीर हो या गरीब। आजकल लोग आम चाय के बदले ग्रीन टी पीना पसंद कर रहे हैं। और इसके फायदे भी अनेक है लेकिन क्या आप जानते हैं कि देसी मसाला चाय भी समान रूप से हेल्दी होता है। हाँ, अगर टेस्ट के बारे में सोचे तो यह सादा ग्रीन टी की तुलना में ज़्यादा टेस्टी होता है। इसको बनाने के लिए जितने मसालों की ज़रूरत होती है वह सारे आपके किचन में ही मिल जायेंगे, जैसे- लौंग, इलायची,अदरक, दालचीनी, तुलसी और थोड़ी-सी चाय की पत्ती। यहाँ कुछ ऐसे चीजों के बारे में जानकारी दी जा रही है, जो इस चाय को अनोखा और स्वास्थ्यवर्द्धक बनाता है।
एन्टी इन्फ्लैमटोरी गुण होता है- इस मसाला चाय को बनाने के लिए जिन मसालों की ज़रूरत होती है, उन सब के अलग-अलग फायदें तो हैं ही साथ ही यह सब एक साथ मिलकर शरीर में किसी भी प्रकार के सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इस काम में सबसे ज़्यादा मदद अदरक करता है। नैशनल इन्स्टिटूट ऑफ हेल्थ के द्वारा प्रकाशित एक पत्र के अनुसार अदरक प्रोस्टोग्लैंडीस (prostaglandins) और ग्लूकोट्राइन (leukotriene) के संश्लेषण को रोकता है ( जो सूजन के प्रक्रिया में अहम् भूमिका निभाता है),जिससे सूजन से राहत मिलती है। लौंग भी इस कार्य में बहुत मददगार साबित होता है, क्योंकि इसमे यूजेनॉल नाम का यौगिक होता है जो मांसपेशियों के सूजन को कम करता है। यह दोनों मसालें विशेष रूप से पेनकिलर का काम करते हैं।
थकान दूर करता है- दिन भर के थकान को दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है एक कप गर्म मसाला चाय। चाय में जो टैनीन होता है वह शरीर को स्फुर्ति प्रदान करता है। चाय में जो कैफ़ीन होता है वह उत्तेजक का काम करता है, लेकिन कॉफी के तुलना में इसमें कम कैफ़ीन की मात्रा होती है। इन मसालों का सम्मिश्रण थकान को दूर करने में मदद करता है।
सर्दी-खाँसी और फ्लू से लड़ता है- मसाला चाय में एन्टी-बैक्टिरियल, एन्टी फंगल, एन्टी पैरसिटिक (anti parasitic) गुण होते हैं जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता (immunity) को बढ़ाकर सर्दी-खाँसी या ज़ुकाम से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इस काम में मुख्य रूप से लौंग, दालचीनी, इलायची और अदरक काम करते हैं।
हजम शक्ति को बढ़ाता है- आप सोच रहे होंगे ये कैसे हो सकता है? होलिस्टिक गुरू मिक्की मेहता के अनुसार मसाला चाय में लौंग, तुलसी, अदरक और इलायची डाला जाता है ,लेकिन इसका एसिडिक स्वभाव तब बदल जाता है जब इसमें दूसरे मसालों के साथ अदरक को डाल दिया जाता है। अदरक के कारण यह सुपाच्य बन जाता है। इसलिए जब आप एक कप चाय पीते हैं तब एक अलग ही प्रकार की ताजगी और शांति महसूस करने लगते हैं।
दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी- ब्लैक टी जो मसाला चाय का एक तत्व होता है वह एन्टी-ऑक्सिडेंट का स्रोत होता है लेकिन इसके अलावा लौंग और इलायची बैड कोलेस्ट्रोल के मात्रा को कम करके शरीर में गुड कोलेस्ट्रोल के मात्रा को बढ़ाता है। इससे शरीर में गुड कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ती है। साथ ही यह धमनियों में प्लैक के उत्पत्ति को रोकता है और इसमें जो टैनीन होता है वह दिल के धड़कन को नियंत्रित और रक्त-वाहिका के प्रेशर को ठीक रखता है।
चयापचय (metabolism) को बढ़ाता है- यह चयापचय के दर को बढ़ाकर वज़न को घटाने में मदद करता है। साथ ही हजम शक्ति को बढ़ाता है। आयुर्वेद के अनुसार गर्म खाद्द पदार्थ शरीर के चयापचय दर को बढ़ाने में मदद करता है।
मधुमेह होने के संभावना को कम करता है- लौंग, दालचीनी और इलायची शरीर के ब्लड-शुगर को कम करके मधुमेह के संभावना को कम करता है। दालचीनी मानसिक स्वास्थ्य को सुधारकर अल्ज़ाइमर के संभावना को कम करता है। लौंग शरीर के शुगर का सही तरह से इस्तेमाल करता है।
माहवारी (period) के दर्द को कम करता है- इलायची, लौंग और दालचीनी पेनकिलर का काम करता है और पिरियड के दौरान दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।
मूल स्रोत- 8 reasons that will make you grab that cup of masala chai right now!
अनुवादक- Mousumi Dutta
चित्र स्रोत: Shutterstock
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