... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 7:39 PM IST
हर वयस्क एक दिन में 4-7 बार मूत्र त्यागता यानी यूरीन पास करता है। ये प्रक्रिया दर्दरहित होनी चाहिए। लेकिन कभी-कभी यूरीनेशन के दौरान दर्द और जलन होती है। यूरीन पास करते वक्त दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं। उनमें से ज्यादातर कारण उत्सर्जन तंत्र (excretion) या प्रजनन प्रणाली से संबंधित समस्याएं होती हैं। ये समस्या पुरूषों और महिलाओं दोनों को हो सकती हैं।
1. यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
यूटूआई यानी यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यूरीनेशन के दौरान होने वाले दर्द का प्रमुख कारण होता है। ये तब होता है जब आपके शरीर में मूत्रमार्ग के जरिये जीवाणु पहुंच जाते हैं। बैक्टीरिया की मौजूदगी से यूरीनरी ट्रैक्ट में सूजन पैदा कर देती है जिससे यूरीनेशन के दौरान जलन व दर्द महसूस होता है।
2. किडनी में पथरी
ये भी एक कारण हो सकता है मूत्र त्यागते हुए दर्द का। इसमें लोअर बैक में दर्द भी होता है।
3. युरेथराइटिस
पुरूषों में युरेथराइटिस यूरीनेशन के दौरान दर्द का मुख्य कारण होता है। यह बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन और यौन संचारित रोगों की वजह से भी होता है। प्रोस्टेट इंफेक्शन और प्रोस्टेट कैंसर भी पुरूषों में यूरीनेशन के दौरान दर्द का एक कारण हो सकता है।
4. प्रजनन समस्याएं
महिलाओं में प्रजनन समस्याएं भी यूरीनेशन के दौरान दर्द का कारण हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, मीनोपॉज के दौरान परिवर्तन वैजाइनल कोशिकाओं को प्रभावित कर यूरीनेट करने में जलन का कारण बन सकते हैं। ब्लैडर में लंबे वक्त तक कैथिटर के इस्तेमाल से भी ये समस्या हो सकती है। अपने छोटे यूरीनरी ट्रैक्ट के कारण महिलाओं को सिस्टाइटिस होने की बहुत आशंका रहती है।
5. एलर्जी
कई बार ये समस्या नहाने में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों के कारण भी हो जाती है। ये उत्पाद जैसे कि साबुन या लोशन एलर्जी पैदा कर सकते हैं, जिससे यूरीनेशन में दर्द होता है।
6. किडनी में सूजन
किडनी में सूजन को पाईलोनेफ्रराटिस (pyelonephritis) कहते हैं। इसके कारण भी यूरीनेशन में दर्द व जलन हो सकती है। हालांकि ये इस समस्या का एक दुर्लभ कारण है।
7. ब्लैडर को नुकसान
यूरीनरी ब्लैडर में ट्यूमर या सिस्टाइटिस की समस्या होने पर उसे नुकसान पहुंचता है। ऐसी स्थिति में यूरीन पास करते हुए दिक्कत महसूस होती है।
उपचार न करवाने पर क्या हो सकती हैं दिक्कतें?
अगर इस समस्या का उपचार न करवाया जाए तो ये जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसकी वजह से किडनी फेलियर, सेप्टिसेमिया और कैंसर फैलने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए अगर आपको दो दिन तक ये समस्या रहें, खासतौर पर यूरीन में बदबू, पस या खून आए और उल्टी, बुखार, कमर में दर्द जैसे लक्षण भी दिखे तो तुरंत मेडिकल सहायता लें।
उपचार और रोकथाम
अगर यूरीनेशन में दर्द का कारण इंफेक्शन है तो इसका इलाज क्रीम या टैब्लेट के रूप में एंटीबायोटिक्स, यूरीनरी एनाल्जेसिक्स और एंटी फंगल तत्वों से होता है। यूरीनेशन के दौरान दर्द के लिए बहुत से प्राकृतिक उपचार भी हैं।
इस समस्या से बचने के लिए कुछ टिप्स:
1. खूब सारा पानी पियें ताकी आपका शरीर का सिस्टम साफ रहे।
2. जब यूरीन की इच्छा हो, कर लें, रोके नहीं। इससे इंफेक्शन का रिस्क कम होता है।
3. मसालेदार और मीठा खाने से बचें। ये आपके ब्लैडर की लाइनिंग को प्रभावित कर पेल्विक में दर्द और किडनी के लिए समस्या पैदा कर सकते हैं।
4. अल्कोहल और कैफीनयुक्त पेय पदार्थों जैसे कि चाय, कॉफी को पीने से बचें। ये ब्लैडर की जलन को बढ़ाते हैं और इनसे डिहाइड्रेशन भी होता है। साथ ही टमाटर और सिट्रस फूड खाने से भी बचें।
5. अपनी साफ सफाई का ध्यार रखें। यूरीनेशन के बाद महिलाओं वो स्थान सुखाना चाहिए ताकि जर्म्स न फैलें। पीरियड्स के दौरान सैनेटरी पैड्स जल्दी-जल्दी बदलें।
6. उस स्थान पर ऐसे साबुन, तेल या पाऊडर का इस्तेमाल न करें जिससे जलन पैदा हो।
7. सुरक्षित और स्वस्थ सेक्स ही करें। इंटरकोर्स के बाद यूरीनेट करें ताकि बैक्टिरिया वहां से निकल सके।
8. तंग कपड़े पहनने से बचें।
मूल स्रोत : Have pain while urinating? Know why and what you can do about it
अनुवादक – Shabnam Khan
चित्र स्रोत – Getty Images
हिन्दी के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारा हिन्दी सेक्शन देखिए।लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।