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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 8:12 PM IST
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विश्व अल्ज़ाइमर दिवस 21सितम्बर को मनाया जा रहा है।
अल्जाइमर रोग का पता जितना जल्दी चल जाये उतनी जल्दी ही इनके लक्षणों को काबू में किया जा सकता है। इस रोग की सबसे बड़ी मुश्किल बात यह है कि इसमें भूलने के लक्षण बहुत आम होते हैं जिसके कारण पहले पहल इसको समझ पाना मुश्किल हो जाता है और जब समझ में आती है तब देर हो चुकी होती है। इस रोग का पता पहले चल जाने पर रोगी की हालत को बेहतर बनाया जा सकता है। इसके लिए उसे स्वस्थ जीवनशैली यानी हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी पड़ेगी। हेल्दी लाइफ स्टाइल मतलब हेल्दी खाना, एक्टिव लाइफ और वेट मैनेजमेंट आदि। साथ ही स्मोकिंग और शराब जैसी बुरी आदतों को भी छोड़ना पड़ेगा और सामाजिकता की आदत को बढ़ाना पड़ेगा इससे रोग के बढ़ने की गति कुछ हद तक कम हो पायेगी।
अल्जाइमर रोग के प्रारंभिक लक्षण-
डॉ. राजीव आनंद, डाइरेक्टर और एच.ओ.डी, न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट, बी.एल.के सूपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, न्यू दिल्ली के अनुसार इसके लक्षण हर एक का अलग-अलग होता है। फिर भी कुछ बाते हैं जिनका ध्यान रखने पर रोग को समय के अनुसार पहचाना जा सकता है, जिसकी सूची इस प्रकार है-
• याद्दाश्त- लोग आम तौर पर अपने परिवारजनों या रिश्तेदारों, जगह, ज़रूरी डेट या घटना को भूलने लगते हैं।
• कन्फ्यूज़न- इस रोग के शुरूआती दौर में लोग अपने समय, लोगों के नाम, गतिविधियाँ जो आम तौर पर लोग करते हैं उसको भूलने लगते हैं।
• कोई भी काम करने में मुश्किल होने लगता है- रोगी को रोजमर्रा के काम करने में ही मुश्किल आने लगता है जैसे- फाइलों को ठीक करने में, दाढ़ी बनाने और खाना पकाने आदि काम।
• छोटी-छोटी प्रॉबल्म को सॉल्व करने में परेशानी होती है- आसान पजल्स और कैलकुलेशन करने में भी उनको परेशानी होती है।
• सामानों का सही जगह ढूंढ नहीं पाते हैं- अल्जाइमर रोगी का आम लक्षण होता है कि वे चीजों को ढूंढ नहीं पाते हैं या गलत जगहों पर रख देते हैं।
• सामाजिक मेल-मिलाप में समस्या- अल्जाइमर पेशेन्ट सबके साथ मिलकर बात करने या किसी वाद-विवाद में भाग लेने, किसी से बात करने या कुछ लिखने में उनको प्रॉब्लम होता है।
• पढ़ने और देखने में समस्या होती है- आम तौर पर ऐसे लोग छवि को सही तरह से पहचान नहीं पाते हैं, ड्राइव करते वक्त कोई भी निर्णय नहीं ले पाते हैं।
• पर्सनैलिटी में बदलाव- अल्जाइमर रोगी को बार-बार मूड स्विंग होता है, कभी उन्हें डर लगता है तो कभी डिप्रेशन, नहीं तो कन्फ्यूश़न, कुछ भी कभी भी महसूस होने लगता है।
• सामाजिक गतिविधियों से खुद को दूर रखना- ऐसे रोगी अचानक खुद को समेट लेते हैं, पार्टी या किसी गैदरिंग में जाने से कतराने लगते हैं।
• बार-बार एक ही बात कहना- किसी भी बात को याद रखने, सही समय पर काम करना भूल जाने जैसे कारणों से वे बार-बार एक ही बात कहकर उनको याद रखने की कोशिश करते हैं।
क्या 60 के उम्र के बाद ही लोगों को अल्जाइमर रोग होता है?
नहीं, अल्जाइमर साठ साल के पहले भी हो सकता है। किसी-किसी क्षेत्र में इस रोग के लक्षण युवावस्था में ही नजर आने लगते हैं। हेरेडिटी के कारण इसके होने की संभावना ज्यादा होती है।
इस रोग का पता चलने के बाद क्या करना चाहिए?
एक बार इस रोग का पता चल जाने के बाद तुरन्त डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
मूल स्रोत: World Alzheimer’s day 2014: 10 early symptoms of Alzheimer’s disease
अनुवादक : Mousumi Dutta
चित्र स्रोत : Shutterstock images
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