Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

सांस लेने में होती है तकलीफ, ये 3 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

दिल के रोग जैसे एन्जाइना, हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, जन्मजात दिल में परेशानी या एरीथमिया आदि के कारण भी सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

सांस लेने में होती है तकलीफ, ये 3 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार
सांस लेने में तकलीफ हृदय रोगों से हो सकता है जुड़ाव। © Shutterstock.

Written by Anshumala |Published : February 23, 2019 10:04 AM IST

शरीर में जितनी भी कोशिका है, उन्हें जीवित और स्वस्थ रहने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा आपके शरीर को कार्बन डाइऑक्साइड से छुटकारा पाने की भी आवश्यकता होती है। इन दोनों कार्यों को करने के लिए फेफड़ों का स्वस्थ्य रहना बहुत ही जरूरी है। सांस नली के जाम होने या फेफड़ों में छोटी-मोटी परेशानी होने पर सांसें छोटी आने लगती हैं। ध्यान दें यदि आपको यह समस्या लंबे समय से है तो यह किसी दूसरी बीमारी का लक्षण हो सकता है, जैसे अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज यानी (सीओपीडी) और निमोनिया।

सोरायसिस जैसी गंभीर बीमारी से बचना है, तो हेल्दी लीवर के लिए डायट में इन्हें जरूर करें शामिल

सांस लेने में तकलीफ हृदय रोग भी हो सकता है

Also Read

More News

दिल के रोग जैसे, एन्जाइना, हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, जन्मजात दिल में परेशानी या एरीथमिया आदि दिल की बीमारियों के चलते भी सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। दरअसल, दिल की मांसपेशियां कमजोर होने पर वे सामान्य गति से पंप नहीं कर पातीं। फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है और व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसे लोग रात में जैसे ही सोने के लिए लेटते हैं, उन्हें खांसी आने लगती है। इसके अलावा इसमें पैरों या टखनों में भी सूजन आ जाती है और व्यक्ति को सामान्य से ज्यादा थकान रहती है।

प्रेगनेंसी में लें गहरी सांस, होंगे ये 4 फायदे

बेचैनी भी है एक कारण

तनाव और डर की स्थिति में व्यक्ति सबसे ज्यादा बेचैन होता है और ऐसी स्थिति में वह कई बार गलत निर्णय भी ले लेता है। दरअसल, बेचैनी हाइपर-वेंटिलेशन की वजह से होती है यानी जरूरत से ज्यादा सांस लेना। सामान्य स्थिति में हम दिन में 20,000 बार सांस लेते और छोड़ते हैं। ओवर-ब्रीदिंग में यह आंकड़ा बढ़ जाता है। ज्यादा ऑक्सीजन लेते हैं और उसी के अनुसार कार्बन डाईऑक्साइड भी छोड़ते हैं। शरीर को यही महसूस होता रहता है कि हम पर्याप्त सांस नहीं ले रहे।

वजन ज्यादा होना

जिसका वजन जितना ज्यादा होगा, उसे सांस लेने में उतनी ही तकलीफ होगी। आपको बता दें कि मोटे लोगों को सांस फूलने की बहुत ही ज्यादा समस्या रहती है। सांस के लिए मस्तिष्क से आने वाले निर्देश का पैटर्न बदल जाता है। वजन में इजाफा और सक्रियता की कमी रोजमर्रा के कामों को प्रभावित करने लगते हैं। ऐसे में थोड़ा सा चलने, दौड़ने या सीढि़यां चढ़ने पर परेशानी होने लगती है।

प्रेगनेंसी को आसान बनाना है, तो हर दिन लीजिए गहरी सांस

यूं पाएं सांस में तकलीफ से राहत

- अपने घर को साफ रखने के अलावा अपने बिस्तर को भी साफ रखें। घर में वेंटिलेशन का पूरा ध्यान दें।

- सिगरेट पीेते हैं तो इसे जल्दी से छोड़ दें। धूम्रपान की वजह से न केवल आपको सांस लेने में दिक्कत होगी बल्कि कैंसर जैसी कई गंभीर समस्याओं का भी आपको सामना करना पड़ सकता है।

- खाने में ब्रोकोली, गोभी, पत्ता गोभी, पालक और चौलाई को शामिल करें।

- व्यायाम नहीं करते हैं तो आप सुबह-शाम व्यायाम करना शुरू कर दें। ध्यान दें, अगर आप प्रदूषित शहर में रहते हैं, तो कोशिश करें कि आप घर पर ही व्यायाम करें।

- वजन कम करने की कोशिश करें। अमेरिकी डायबिटीज एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, मोटापा फेफड़े को सही ढंग से काम करने से रोकता है। इसके लिए आप अपने खाने-पीने पर ध्यान दें।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

डायबिटीज में फूलती है सांस, जानें क्या है वजह

About the Author

... Read More