छठ का कठिन व्रत कैसे बढ़ाता है सेरोटोनिन और घटाता है तनाव? जानिए मेंटल हेल्थ के लिए कितना फायदेमंद है ये व्रत

Chhath Vrat 2025 : छठ पर्व 4 दिन तक चलता है, जिसका न सिर्फ धार्मिक महत्व है। बल्कि यह सामाजिक संबंधों को सुधारने से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक का ध्यान रखता है।

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Written By: Kishori Mishra | Published : October 27, 2025 10:22 AM IST

Benefits of Chhath Vrat : दिवाली के छठे दिन छठ व्रत किया जाता है, जो 4 दिनों तक चलता है। इसकी शुरुआत नहाय खाए से हो जाती है। आस्था का यह त्योहार मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है लेकिन आज के समय में पूरे विश्व में इस पावन पर्व की चर्चा की जा रही है। क्योंकि इसकी शुद्धता लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। बता दें कि छठ व्रत में सूर्य देव की पूजा की जाती है और पानी में खड़े होकर अर्घ्य दिया जाता है। 36 घंटों के निर्जला व्रत सबसे कठिन व्रत माना जाता है। हालांकि, छठ व्रत तनाव कम करने के साथ-साथ आपका सेरोटोनिन जैसा हार्मोन भी बढ़ाता है। दरअसल, इस व्रत को करने से मन शांत होता है और पॉजिटिविटी बढ़ती है। साथ ही तनाव भी कमम होता है।

छठ का व्रत सेरोटिनिन को बढ़ाकर कैसे कम करता है तनाव

मन शांत होता है

जब छठ पर्व में पूजा के दौरान सूर्य देव का ध्यान किया जाता है, तो इससे एकाग्रता बढ़ती है। यह एक तरह से मेडिटेशन का काम करता है, जिससे मन शांत होता है और तनाव से मुक्ति मिलती है।

सामाजिक जुड़ाव

यह त्योहार सबके साथ मिलकर किया जाता है। ऐसे में लोग एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं, जो आपसी सहयोग और खुशी को बढ़ाता है। दरअसल, जब हम अन्य लोगों से मिलते हैं तो मन में एक अलग ही खुशी होती है, जो मेंटल हेल्थ के लिए काफी अच्छा रहता है।

शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति

जब कोई भी व्यक्ति 36 घंटे का व्रत रखता है, तो इससे मानसिक व शारीरिक शांति व सहनशक्ति का अनुभव करता है। इससे खुद पर नियंत्रण और मानसिक दृढ़ता बढ़ती है।

परिवार के साथ संबंध मजबूत होना

छठ पर्व का त्योहार 4 दिन तक चलता है और इस पर्व को पूरा परिवार एक साथ मिलकर बनाता है। ऐसे में जब पूरा परिवार एक साथ आता है, तो उनका संबंध मजबूत होता है, जो कई मायनों में अहम होता है। दरअसल, इस भागदौड़ भरी जिंदगी में कोई किसी के साथ वक्त नहीं बिता पाता है। ऐसे में छठ पूजा पर लोगों को अपने परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिल जाता है।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए छठ पर्व के फायदे

स्ट्रेस दूर करे: छठ पर्व सिर्फ धार्मिक महत्व नहीं रखता है, बल्कि यह स्ट्रेस बस्टर भी होता है। दरअसल, छठ पर्व को करने से मानसिक तनाव भी कम होता है।

नकारात्मकता से मिले छुटकारा: व्रत को करने से शारीरिक के साथ-साथ मानसिक शुद्धता भी आती है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। लोगों को क्रोथ और जलन जैसी भावनाओं से निजात मिलता है।

सेरोटोनिन और डोपामाइन रिलीज होना: मेडिटेशन और धार्मिक गतिविधियों को करने से सेरोटोनिन व डोपामाइन जैसे फील-गुड हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जिससे मन खुश होता है।

Highlights

  • छठ व्रत को करने से नकारात्मकता दूर होती है।
  • इस पावन पर्व में शामिल होने से सेरोटोनिन और डोपामाइन रिलीज होता है।
  • स्ट्रेस को दूर करने में भी यह पावन पर्व मददगार होता है।