Heart diseases : सीने में होने वाला दर्द एसिडिटी है या हार्ट अटैक, जाने दोनों में क्या है अंतर

Heart attack early signs: हार्ट अटैक के कई लक्षण एसिडिटी के समान दिखते हैं और यही कारण है कई बार हम इन्हें इग्नोर कर देते हैं और स्थिति जानलेवा हो जाती है। चलिए जानते हैं हार्ट अटैक के कौन से लक्षण हैं, जो एसिडिटी से मिलते-जुलते हैं।

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Written By: intern23.seo | Updated : September 10, 2023 12:31 PM IST

Symptoms of heart attack: एसिडिटी आमतौर पर खान-पान व खराब लाइफस्टाइल से जुड़ी काफी आम समस्या है और इसमें खतरे से जुड़ी कोई बात नहीं होती है। लेकिन इसके कुछ लक्षण हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों से मेल खाते हैं और इस कारण से कई बार हार्ट अटैक के दौरान भी लोग गैस से लक्षण समझकर उन्हें इग्नोर कर देते हैं। हार्ट अटैक कोई आम समस्या नहीं बल्कि जानलेवा स्थिति पैदा करने वाली समस्या है। लेकिन आप बीमारी का सही से उपचार कर लेते हैं तो आपकी जान बच सकती है। लापरवाही की स्थिति में एसिडिटी जैसा लगने वाला माइनर हार्ट अटैक जानलेवा स्थिति पैदा कर देता है। जहां माइनर हार्ट अटैक हमारे दिल को कमजोर करता है वहीं एसिडिटी हमारे ब्लड प्रेशर को बढ़ाती है। आइए जानते हैं ऐसे लक्षण जो एसिडिटी और हार्ट अटैक में समान होते हैं।

हार्ट अटैक या एसिडिटी कैसे पता लगाएं अंतर (Acidity or heart attack)

एसिडिटी लाइफस्टाइल और आहार में होने वाली गड़बड़ी के कारण पैदा होती है। जो काफी परेशान करने वाली स्थिति है। एसिडिटी से पेट में जलन, दर्द और ऐंठन जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। जबकि माइनर हार्ट अटैक में खून की सप्लाई करने वाली कोई नस ब्लॉक हो जाती हैं। जिससे कई बार खून का थक्का बन जाने के कारण रक्त का प्रवाह रुक जाता है। इसमें सीने में बहुत तेज दर्द होता है। इस तरह दोनों के अलग-अलग लक्षणों के कारण ही दोनों का इलाज भी बिल्कुल अलग होता है। कुछ साधारण से तरीकों की मदद से आप हार्ट अटैक व एसिडिटी के अंतर का पता लगा सकते हैं।

एसिडिटी और हार्ट के रोगी खानपान में बदलाव करें ( Healthy Food routine)

जो लोग एसिडिटी की समस्या से ग्रस्त हैं उन्हें सबसे पहले अपने खानपान की आदतों को सुधारना चाहिए। ऐसे लोगों को बहुत अधिक तला भुना और मसालेदार खाने से परहेज करना चाहिए। एसिडिटी के रोगी को चाहिए कि वह बाजार में मिलने वाले खाने को छोड़कर घर पर बना सादा भोजन ही करे। वहीं हार्ट के रोगी को चाहिए कि वह बहुत ज्यादा ऑयली और फैट बढ़ाने वाला भोजन ना करें। क्योंकि तेल को बहुत अधिक गर्म करने पर उसमें ट्रांस फैट बन जाता है, जो हमारे खून को गाढ़ा करता है। ये गाढा खून ही हार्ट अटैक का कारण बनता है।

नियमित करें योगाभ्यास (Daily Exercise)

यदि आप माइनर हार्ट अटैक के शिकार हो चुके हैं तो अब इसे हल्के में ना लें। अब आपको अपनी लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव कर लेना चाहिए। हार्ट के पेशेंट को किसी डॉक्टर की सलाह के साथ कुछ आसान योगाभ्यास डेली करने चाहिए। हालांकि हार्ट के मरीज कोई भी एक्सरसाइज शुरू करने से पहले एक बार अपने हार्ट की जांच जरूर करा लें। क्योंकि दिल में किसी तरह की समस्या होना एक्सरसाइज आपके लिए घातक हो सकती है।

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