hamburger icon
A
Read in English

हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C में क्या अंतर है? जानिए बचाव के उपाय

हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली सूजन को कहा जाता है। हेपेटाइटिस B और C इसके वायरल प्रकार हैं, जो लंबे समय तक रहने पर लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। आइए, जानते हैं हेपेटाइटिस बी और सी में क्या अंतर है-

WrittenBy

Written By: Anju Rawat | Updated : July 28, 2026 7:34 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Amit Miglani

हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली सूजन को कहा जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें वायरल संक्रमण प्रमुख कारणों में शामिल है। WHO के अनुसार शराब, कुछ दवाएं और ऑटोइम्यून स्थितियां भी हेपेटाइटिस का कारण बन सकती हैं। हेपेटाइटिस कई प्रकार के होते हैं, इनमें हेपेटाइटिस B और C क्रॉनिक लिवर डिजीज के प्रमुख कारणों में शामिल हैं और लंबे समय तक रहने पर सिरोसिस व लिवर कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। लेकिन, ये दोनों तरह के हेपेटाइटिस अलग-अलग होते हैं। इनके वायरस, फैलने का तरीका और इलाज, सब अलग-अलग होता है। विश्व हेपेटाइटिस दिवस (हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है) के मौके परएशियन हॉस्पिटल के डायरेक्टर एंड एचओडी-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉ. अमित मिगलानी (Dr Amit Miglani, Director & HOD, Gastroenterology, Asian Hospital) से जानते हैं कि हेपेटाइटिस बी और सी में क्या अंतर होता है?

हेपेटाइटिस B क्या होता है?

डॉ. अमित बताते हैं कि हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रमण है। यह हेपेटाइटिस बी वायरस (HBV) के कारण होता है। यह हेपेटाइटिस संक्रमित खून, संक्रमित सुई का इस्तेमाल करना, असुरक्षित यौन संबंध बनाना आदि के जरिए फैल सकता है। कई मामलों में हेपेटाइटिस बी कुछ समय बाद खुद ठीक हो जाता है। लेकिन, कुछ मामलों में यह बीमारी क्रॉनिक रूप ले लेती है। जब हेपेटाइटिस क्रॉनिक बनती है, तो लिवर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाने लगती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इसके बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है और प्रभावी भी है।

हेपेटाइटिस C क्या होता है?

डॉ. अमित बताते हैं कि हेपेटाइटिस सी एक संक्रमण है, जो हेपेटाइटिस सी वायरस (HCV) के कारण होता है। यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खून के संपर्क में आने से फैलता है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में मां से बच्चे और ऐसे यौन संपर्क से भी फैल सकता है जिसमें रक्त का संपर्क हो। यह बीमारी बिना स्पष्ट लक्षण के सालों तक शरीर में रह सकती है और लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है।

हेपेटाइटिस B और C में क्या अंतर है?

1. वायरस में अंतर

हेपेटाइटिस B डीएनए वायरस (DNA virus) है, जबकि हेपेटाइटिस C आरएनए वायरस (RNA virus) है। इन दोनों वायरस में शरीर का इलाज अलग तरह से होता है।

2. संक्रमण फैलने का तरीका

हेपेटाइटिस बी और सी, दोनों के वायरस संक्रमित खून से फैल सकते हैं। लेकिन हेपेटाइटिस बी यौन संपर्क और मां से बच्चे में के जरिए भी फैल सकता है। हेपेटाइटिस सी मुख्य रूप से खून के संपर्क में आने से फैलता है।

हेपेटाइटिस बी संक्रमण तेजी से फैल सकता है और यह बच्चों में लंबे समय तक रह सकता है। वहीं, हेपेटाइटिस सी अक्सर वर्षों तक बिना लक्षण के रहकर लिवर को नुकसान पहुंचाता रहता है।

3. वैक्सीन की उपलब्धता

हेपेटाइटिस बी के लिए प्रभावी वैक्सीन मौजूद है। वहीं, हेपेटाइटिस सी के लिए अभी कोई टीका उपलब्ध नहीं है। इसलिए हेपेटाइटिस से बचाव के लिए आपको वैक्सीन जरूर लगानी चाहिए।

4. इलाज में अंतर

हेपेटाइटिस बी को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन दवाओं से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। वहीं, हेपेटाइटिस सी का इलाज अब पहले की तुलना में काफी बेहतर हो गया है। ज्यादातर मामलों में इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

अगर हेपेटाइटिस बी और सी का समय पर इलाज न कराया जाए, तो ये दोनों लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर और लिवर कैंसर का कारण बन सकते हैं।

इन लक्षणों की न करें अनदेखी

हेपेटाइटिस बी और सी होने पर शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देता है। लेकिन, जब समस्या बढ़ती जाती है तो कुछ लक्षणों का अनुभव हो सकता है।

  • लगातार थकान रहना
  • भूख कम लगना
  • पेट के दाहिने हिस्से में दर्द
  • आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया)
  • गहरे रंग का पेशाब
  • मतली और उल्टी
  • वजन कम होना

हेपेटाइटिस से बचने के लिए क्या करें?

  • हेपेटाइटिस बी से बचने के लिए आपको वैक्सीन जरूर लगाना चाहिए।
  • हेपेटाइटिस से बचाव के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाएं।
  • संक्रमित व्यक्ति के खून के संपर्क में आने से बचें।
  • संक्रमित सुई और निजी चीजों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

Disclaimer: हेपेटाइटिस बी और सी दोनों लिवर के लिए खतरनाक हो सकते हैं। समय पर जांच, सही इलाज और सावधानी से इनकी गंभीरता से बचा जा सकता है। अगर आपको हेपेटाइटिस से जुड़ा कोई लक्षण महसूस हो रहा है, तो इसकी अनदेखी बिल्कुल न करें।