
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Health Insurance and Mediclaim : हॉस्पिटल में लंबे-चौड़े बिल और गंभीर परिस्थिति में पैसों की कमी से इलाज न होने जैसी स्थिति से बचने के लिए कई लोग हेल्थ इंश्योरेंस या मेडिक्लेम लेते हैं। लेकिन कई बार हम गलत हेल्थ प्लान पॉलिसी ले बैठते हैं, जिसकी वजह से इलाज के दौरान हमें सही क्लेम का पैसा नहीं मिलता है या क्लेम करने पर क्लेम रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो जाता है। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है? अगर हां, तो सबसे पहले हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिक्लेम के बीच के अंतर को समझ लें। अक्सर हम इन दोनों को एक ही चीज समझ बैठते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। ये दोनों ही हेल्थ प्लान अलग-अलग होते हैं, जो आपके जरूरत के समय काम आते हैं। लेकिन आपको इस बात को समझने की जरूरत है कि इन दोनों ही हेल्थ प्लान में से आपको कौन से प्लान की जरूरत है या आपको कौन सा प्लान लेना चाहिए। आइए जानते हैं हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिक्लेम के बीच के अंतर को?
हेल्थ इंश्योरेंस लेने पर अगर आप किसी ऐसे हॉस्पिटल में एडमिट हुए हैं, जो इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क में आता है, वहां के सारे इलाज का खर्चा इंश्योरेंस कंपनी वहन करती है। इतना ही नहीं, भर्ती होने से तीन महीने पहले और बाद का खर्चा भी इसमें कवर किया जाता है। हालांकि, कुछ स्थितियों में इंश्योरेंस कंपनी कुछ टेस्ट और चीजों पर क्लेम किया हुआ अमाउंट पूरा नहीं देती है। वहीं, कुछ कंपनिया आपके इलाज का पूरा खर्चा उठाती है। इतना ही नहीं, अगर आपने किसी हॉस्पिटल में अपने पैसे हुए हैं, तो कंपनी से आप रिम्बर्समेंट भी ले सकते हैं।
इस हेल्थ प्लान में भी आपको हेल्थ से जुड़े खर्चों में आर्थिक रूप से मदद मिलती है। लेकिन इसमें मेडिकल इमर्जेंसी होने पर हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद का ही खर्चा शामिल होता है। अन्य सभी के खर्चों को आपको उठाना पड़ता है। जैसे- भर्ती होने से तीन महीने पहले और बाद का खर्चा मेडिक्लेम कंपनी नहीं उठाती है।
मेडिक्लेम लेने पर हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद का खर्चा उठाया जाता है। वहीं, हेल्थ इंश्योरेंस में आपके भर्ती होने के बाद का सभी तरह का खर्चा उठाया जाता है। इसमें एंबुलेंस का खर्चा, टेस्ट सभी चीजों को शामिल किया जाता है।
मेडिक्लेम में भर्ती होने से पहले और डिस्चार्ज होने के बाद के खर्चों को कवर नहीं किया जाता है। वहीं, हेल्थ इंश्योरेंस में भर्ती होने से पहले और डिस्चार्ज होने के बाद के लगभग तीन महीने के खर्चों को उठाया जाता है। कुछ-कुछ कंपनियों में समय ज्यादा या कम हो सकता है।
ध्यान रखें कि किसी भी तरह के हेल्थ प्लान को लेने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। ताकि जरूरत पड़ने पर आपके सभी खर्चों को कवर किया जा सके।