चक्कर आना और सिर घूमना नहीं है एक, डॉक्टर से जानें इसके बीच फर्क

गर्मी के मौसम में अक्सर लोगों को चक्कर आने और सिर घूमने की परेशानी होती है। लोग इन दोनों ही परेशानियों को एक मान लेते हैं। लेकिन यह दोनों परिस्थतियां अलग- अलग हैं। आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके बारे में-

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Written By: Ashu Kumar Das | Updated : May 4, 2026 12:55 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Manoj Yadav

उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, नोएडा समेत विभिन्न राज्यों में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी के कारण लोगों को कई प्रकार की परेशानियां हो रही हैं। पसीना, तेज धूप और लू के कारण गर्मियों में अक्सर लोगों को चक्कर आते हैं, वहीं कुछ लोगों का सिर तेज धूप में जाते ही घूमने लगता है। सिर घूमने और चक्कर आने की परेशानी को 10 से में 9 लोग एक ही मान लेते हैं। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं, तो ऐसा नहीं है। फरीदाबाद के सेक्टर- 8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. मनोज यादव बताते हैं कि चक्कर आना और सिर घूमना दोनों ही अलग-अलग समस्याएं हैं। चक्कर आना और सिर घूमने के कारण, लक्षण और इलाज भी अलग होते हैं। इसलिए एक आम आदमी का दोनों के बीच अंतर समझना बहुत जरूरी है, ताकि सही समय पर बीमारी का इलाज किया जा सके।

चक्कर आना क्या है?

चक्कर आना (Dizziness) एक सामान्य शब्द है। चक्कर आने की स्थिति में मरीज को अचानक से अस्थिर महसूस होना और कुछ गंभीर मामलों में बेहोशी महसूस हो सकती है। चक्कर आने पर व्यक्ति को सिर हल्का लगना, आंखों के आगे अंधेरा छाना, शरीर में कमजोरी, संतुलन बिगड़ना, बेहोशी जैसा महसूस होना जैसे लक्षण नजर आते हैं।

चक्कर आने के कारण क्या हैं?

  1. लो ब्लड प्रेशर
  2. गर्मी में शरीर में पानी की कमी
  3. मानसिक तनाव और चिंता रहना
  4. ज्यादा देर भूखे रहना
  5. तनाव या चिंता
  6. एनीमिया (खून की कमी)
  7. अचानक खड़े होने पर

जब आप अचानक से उठते हैं तो सिर घूमता है।

सिर घूमना क्या होता है?

डॉ. मनोज यादव का कहना है कि सिर घूमना की स्थिति को वर्टिगो कहा जाता है। सिर घूमने की स्थिति में व्यक्ति को ऐसा लगता है कि आसपास की चीजें घूम रही हैं या वह खुद घूम रहा है, जबकि रियल में ऐसा होता नहीं है। सिर घूमने पर कमरे के घूमने जैसा महसूस होना, चलने में असंतुलन, मतली या उल्टी, कान में आवाज और आंखों का अनियंत्रित हिलना जैसे लक्षण नजर आते हैं।

सिर घूमने के कारण क्या हैं?

  1. कान के अंदरूनी हिस्से की समस्या
  2. कान में संक्रमण
  3. माइग्रेन
  4. दिमाग के जुड़ी किसी प्रकार की समस्या

चक्कर आना और सिर घूमने में क्या अंतर हैं?

आधारचक्कर आनासिर घूमना
फील कैसा होता हैहल्कापनकमजोरी होने का एहसास
कारणब्लड प्रेशरकमजोरी कान या दिमाग की समस्या
गंभीरताहल्कीकभी-कभी गंभीर
संतुलनथोड़ा असंतुलनअसंतुलन ज्यादा

Dizziness (4) गर्मियों में सिर घूमना और चक्कर आने की स्थिति गंभीर हो सकती है।

चक्कर आना और सिर घूमने के बीच कनेक्शन

डॉक्टर बताते हैं कि कई बार चक्कर आना और सिर घूमना एक साथ भी हो सकते हैं, इसलिए पहचान करना जरूरी है। अगर आपको लगता है कि आप गिर सकते हैं, यह स्थिति चक्कर आने के साथ- साथ सिर घूमना दोनों ही हो सकता है। गर्मियों में अक्सर तेज धूप, लू से आने के बाद चक्कर आने की परेशानी हो रही है या लगातार ठंडी जगह पर रहने के बाद सिर घूमता है, तो इस विषय पर डॉक्टर से बात करें। डॉ. मनोज का कहना है कि चक्कर आना और सिर घूमने का इलाज समय पर न किया जाए तो यह गंभीर हो सकता है और भविष्य में किसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी का कारण बन सकता है।

चक्कर आना और सिर घूमने का पता कैसे लगाया जाता है?

किसी व्यक्ति को चक्कर आने और सिर घूमने की परेशानी है, इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर विभिन्न प्रकार के मेडिकल टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।

  1. ब्लड टेस्ट
  2. ब्लड प्रेशर चेक
  3. MRI या CT स्कैन
  4. कान की जांच

चक्कर आने से बचाव के लिए क्या करें?

  1. रोजाना पर्याप्त पानी पिएं (1 दिन में कम से कम 3 लीटर)
  2. समय पर भोजन करें
  3. किसी भी परिस्थिति में अचानक खड़े होने से बचें।
  4. आयरन युक्त फूड को खाने में शामिल करें।
  5. सिर घूमने से बचाव के लिए क्या करें?
  6. सिर को धीरे-धीरे घुमाएं
  7. ज्यादा स्क्रीन टाइम से बचें
  8. कान की सफाई और देखभाल करें

Disclaimer: चक्कर आना और सिर घूमना दोनों अलग-अलग समस्याएं हैं, लेकिन अक्सर लोग इन्हें एक ही मान लेते हैं। जहां चक्कर आना सामान्य कमजोरी या ब्लड प्रेशर से जुड़ा हो सकता है, वहीं सिर घूमना आमतौर पर कान या दिमाग की समस्या से संबंधित होता है। चक्कर आना और सिर घूमने की परेशानी में सही समय पर इलाज करवाना बहुत  जरूरी है। अगर आपको यह समस्या बार-बार हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें और इस विषय पर तुरंत डॉक्टर से बात करें।

FAQs

वर्टिगो कितने दिन तक रहता है?

वर्टिगो की अवधि उसके कारण पर निर्भर करती है; यह कुछ सेकंड से लेकर घंटों, दिनों, या महीनों तक रह सकती है।

वर्टिगो का इलाज क्या है?

वर्टिगो के इलाज में वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन थेरेपी (VRT), पोजीशनिंग मैन्युवर, दवाएं, जीवनशैली में बदलाव, और कुछ मामलों में सर्जरी शामिल हैं।

वर्टिगो की प्रॉब्लम क्यों होती है?

वर्टिगो के मुख्य कारण आंतरिक कान की समस्याएं (जैसे सौम्य पैरॉक्सिस्मल पोजिशनल वर्टिगो (BPPV) या संक्रमण) और मस्तिष्क से जुड़ी समस्याएं (जैसे माइग्रेन या स्ट्रोक) हैं।

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