जीवनशैली में बदलाव किसी भी डायबिटीज़ मैनेजमेंट प्रोग्राम का मुख्य बिंदु होता है, जिसमें नियमित कसरत और हेल्दी आहार शामिल होती है। डायट मैनेजमेंट, आपकी ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर रखने के लिए मदद करता है, और बताता है कि कितना और कब खाना चाहिए। डायबिटालॉजिस्ट डॉ. वी. मोहन,(डॉ. मोहन डायबिटीज़ स्पेशलिटी सेंटर के अध्यक्ष) बता रहे हैं डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए कुछ खास डायट टिप्स।
कैलोरी: कैलोरी इन्सुलिन की मदद से भोजन से प्राप्त होनेवाली ऊर्जा है। आपकी कैलोरी की रोज़ाना ज़रूरत आपकी शारीरिक गतिविधियों (गतिहीन, थोड़ी कसरत करनेवाले और बहुत अधिक शारीरिक परिश्रम करनेवाले), उम्र, जेंडर, और व्यक्ति की पोषण एवं शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है और यह रोगियों के आदर्श शारीरिक वजन (आईबीडब्ल्यू) के आधार पर तय किया जाता है। आपको रोज़ाना कितनी कैलोरी का सेवन करना है वह आपका डॉक्टर और आपका डायटिशन तय करता है। लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप रोज़ कितना कैलोरी लेता है।
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट बनाम कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट: मीठे या शक्कर से भरे खाद्य पदार्थ (चीनी, मिठाई, जेली, जाम आदि), रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (सफेद रवा, मैदा) ब्लड ग्लूकोज़ को तेजी से बढ़ाते हैं। जबकि कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट सब्जियों और साबुत अनाज में मौजूद होते हैं और रक्त में ग्लूकोज़ धीरे-धीरे बढ़ाते हैं। साबुत अनाज, सब्जियों, और फलों का कम ग्लाइकेमिक इंडेक्स होता है। रिफाइंड खाद्य पदार्थों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज़्यादा होता है, इसलिए वे ब्लड शुगर में अचानक और तेज़ बढ़ोतरी करते हैं। अगर शरीर इस ब्लड शुगर का उपयोग नहीं करता है, तो यह फैट के रूप में संग्रहित हो जाते हैं। साबुत अनाज, सब्जियों और फलों में पाए जानेवाले नैचुरल कार्बोहाइड्रेट्स विटामिन, खनिज, और फाइबर प्रदान करते हैं। इसके अलावा वे आमतौर पर ज़्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थों की तुलना में कम कैलोरी वाले होते हैं।
फाइबर: डायटरी फाइबर कार्बोहाइड्रेट का एक स्रोत है। फाइबर फल, सब्जियों, बीन्स, मटर, ब्राउन चावल, होल ग्रेन ब्रेड और दाल, जैसे पेड़-पौधों से मिलनेवाले भोजन में पाया जाता है। फाइबर को पचाने या अन्य स्टार्च की तरह अवशोषित नहीं किया जाता है, और इसलिए इसमें ब्लड शुगर को बढ़ानेवाले प्रभाव कम होते हैं, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स कम होता है और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल भी कम करता है। दिनभर में 20 से 35 ग्राम फाइबर खाना चाहिए।
प्रोटीन: प्रोटीन हमारे शरीर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमारे कुल शरीर के वजन का पांचवां हिस्सा है। मांसाहारी भोजन खानेवालों को सलाह दी जाती है कि वे प्रोटीन के लिए अंडे का सफेद हिस्सा, मछली और लीन चिकन खाएं। वैसे पशु स्रोतों से बहुत अधिक प्रोटीन पाने की कोशिश कम करनी चाहिए। शाकाहारियों के लिए सोया, दाल, साबुत अनाज या दालें (चना, राजमा, हरे चने), लो-फैट दूध और डेयरी उत्पाद खा सकते हैं।
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