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डायलिसिस से ठीक होने पर अस्पताल के चक्कर लगाने से बचाएंगे ये 5 टिप्स, जानें हेल्दी रहने के आसान उपाय
किडनी हमारे शरीर का सबसे जरूरी अंग है, इसमें कोई दो राय नहीं लेकिन जब हमारी किडनी का स्वास्थ्य बिगड़ता है तो नौबत अस्पताल के चक्कर लगाने तक की आ जाती है। खराब किडनी के गंभीर मामलों में ज्यादातर लोगों को डायलिसिस की जरूरत पड़ती है, जो कि किसी भी व्यक्ति के लिए एक डरवाना सच साबित हो सकता है। किडनी के गंभीर मामलों और किडनी फेल्योर जैसी स्थिति में लोगों को डायलिसिस की जरूरत पड़ती है और किडनी को सही तरीके से काम कराने के लिए आपको डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। डायलिसिस के बाद आपका जीवन सही तरीके से गुजरे इसके लिए आपको डॉक्टरी सलाह के साथ-साथ कुछ ऐसे टिप्स को फॉलो करने की जरूरत है, जिसकी मदद से आपको अस्पताल के चक्कर न लगाने पड़े। आइए जानते हैं कौन से हैं ये टिप्स।
किडनी फेल्योर के शिकार लोगों को अपने तय डायलिसिस शेड्यूल को हमेशा अटेंड करना चाहिए और किसी भी तरह के उपचार को मिस नहीं करना चाहिए। डायलिसिस स्किन करने से न सिर्फ शरीर में अपशिष्ट जमाहोने लगते हैं बल्कि ये गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की भी वजह बन सकता है।
अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको इमरजेंसी में पहुंचने की नौबत आ सकती है। हीमोडायलिसिस का हर सेशन 4 घंटे का होना चाहिए, इसके साथ ही आपको कभी भी टेक्निशियन से डायलिसिस की अवधि के बारे में नहीं पूछना चाहिए।
सही तरीके से हाथों को धोना और साफ-सफाई का ध्यान रखने से इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है, जो कि अस्पताल में डायलिसिस के मरीजों में काफी आम माना जाता है। किसी भी मरीज को डायलिसिस के दौरान अपने आस-पास की जगह को नहीं छूना चाहिए।
ज्यादातर मरीजों को डायलिसिस से पहले और बाद में वजन जरूर कराना चाहिए और उन्हें घर पर रहते हुए अपने वजन पर ध्यान देना चाहिए। दरअसल घर पर रहने के दौरान जरूरत से ज्यादा पानी पीने सेशरीर नें तरल पदार्थ की मात्रा ज्यादा हो सकती है, जिसकी वजह से कई दिक्कतें हो सकती हैं।
डायलिसिस के मरीजों को डॉक्टर की लिखी दवाओं का सही तरीके से सेवन करना चाहिए और उन्हें समय पर लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के साथ-साथ खून की कमी की दूर करने और इंफेक्शन से बचना भी जरूरी है।