डायबिटिक के लिए गेंहू का आटा 'धीमे जहर' से कम नहीं, ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए खाएं इन 4 आटों की रोटियां

ज्यादातर लोग आम तौर पर गेहूं के आटे से बनी रोटियां खाना पसंद करते हैं लेकिन डायबिटीज रोगियों के लिए ये हानिकारक हो सकता है, इसलिए उन्हें एक हेल्दी विकल्प तलाशने की जरूरत है, जो इस समस्या को कंट्रोल करने (blood sugar) में उनकी मदद कर सके।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : January 6, 2021 9:32 AM IST

भारत में करीब 7 करोड़ लोग मधुमेह यानी की डायबिटीज (blood sugar) से पीड़ित हैं, जिसके कारण ये स्वास्थ्य समस्या अपने आप में एक चिंता का विषय बनता जा रहा है। ये आंकड़ा भले ही चौंकाने वाला है लेकिन राहत की बात यह है कि कोई भी व्यक्ति अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव कर, हेल्दी भोजन और एक्सरसाइज के साथ इस स्थिति को कंट्रोल कर सकता है। डायबिटीज रोगियों को हमेशा से अपनी डाइट में अधिक फाइबर और प्रोटीन शामिल करने की सलाह दी जाती है। साथ ही उन्हें अपने ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने के लिए कार्ब्स और शुगर इनटेक को भी कम रखने के लिए कहा जाता है। लेकिन जब भी हम अपने खाने के तरीके को बदलने की बात करते हैं, तो हमें अपने खाने की थालियों में सजी रोटियों पर भी ध्यान देना चाहिए। ज्यादातर लोग आम तौर पर गेहूं के आटे से बनी रोटियां खाना पसंद करते हैं लेकिन डायबिटीज रोगियों के लिए ये हानिकारक हो सकता है, इसलिए उन्हें एक हेल्दी विकल्प तलाशने की जरूरत है, जो इस समस्या को कंट्रोल करने (blood sugar) में उनकी मदद कर सके। इस लेख में हम आपको ऐसे 4 आटों की रोटियों के बारे में बता रहे हैं, जो डायबिटीज रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद हैं। तो आइए जानते हैं कौन से है ये आटा।

रागी आटा (ragi aata: blood sugar)

फाइबर से समृद्ध रागी डायबिटीज रोगियों के लिए गेहूं का एक बढ़िया विकल्प है। फाइबर आपको ज्यादा समय तक फुल रखने में मदद करता है, जिस कारण आप वजन को बढ़ने से रोक पाते हैं और अपने सही वजन को बनाए रखते हैं। स्वस्थ वजन बनाए रखना डायबिटीज को कंट्रोल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दरअसल फाइबर को पचने में ज्यादा समय लगता है, जिसके कारण ब्लड शुगर (blood sugar) धीरे-धीरे बढ़ता है और कंट्रोल रहता है।

अमरनाथ

अमरनाथ को अपने एंटी-डायबिटिक और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। ये आटा आपके ब्लड में शुगर (blood sugar) के स्तर को नियंत्रित रखता है और मिनरल्स, विटामिन, प्रोटीन और लिपिड से समृद्ध होता है, जो इस स्थिति को कंट्रोल रखने के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

जौ (barley: blood sugar)

जौ का आटा गट हार्मोन को बढ़ाने और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में मदद करता है। यह आपके शरीर को स्वस्थ रखने और विभिन्न बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है। इतना ही नहीं इसके सेवन से सूजन और जलन को भी कम करने में मदद मिलती है।

चना

चने का अटा घुलनशील फाइबर से समृद्ध होता है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है और शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। ऐसा होने से ब्लड शुगर (blood sugar) धीरे-धीरे बढ़ता है।

गेहूं के आटे से बचें (avoid wheat: blood sugar)

साबुत गेहूं का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 30 होता है लेकिन पिसाई की प्रक्रिया के कारण इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 70 फीसदी तक बढ़ जाता है। इसलिए डायबिटीज रोगियों के लिए ये आटा बिल्कुल भी हेल्दी नहीं है और इसे खाने से उनका ब्लड शुगर बढ़ता है।