... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Jitendra Gupta | Updated : September 3, 2021 5:57 PM IST
डायबिटीज रोगियों के शरीर के इस अंग में रहता है अक्सर दर्द, जानें कारण और बचाव के टिप्स
डायबिटीज रोगी इस बात को भलीभांति जानते होंगे कि ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करना आसान नहीं होता। आपको स्वस्थ रहने के लिए डॉक्टर द्वारा लिखी दवाओं के साथ-साथ अपनी जीवनशैली में भी कुछ जरूरी बदलाव करने होते हैं। ब्लड शुगर बढ़ने-घटने जैसी स्थिति डायबिटीज रोगियों के लिए बेहद हानिकारक साबित होती है। इस दौरान उनके पेट और भोजन नलिका में कुछ बदलाव भी महसूस हो सकते हैं और तो और कुछ मामलों में उनके पेट में दर्द भी हो सकता है। इस लेख में हम आपको ये बताने जा रहे हैं कि आखिर डायबिटीज में पेट दर्द क्यों होता है और इसका इलाज कैसे किया जा सकता है।
डायबीटीज का पता चलने पर खान-पान की आदतों में बदलाव सबसे पहला उपाय होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। अक्सर यह सलाह दी जाती है कि डायबिटीज रोगियों को फाइबर से भरपूर भोजनकरना चाहिए, जैसे फल, बीन्स और हरी सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करना।
इन खाद्य पदार्थों से आपके शरीर को ज्यादा कैलोरी नहीं मिलती लेकिन पर्याप्त मात्रा में फाइबर जरूर मिलता है। इसके साथ ही आपको अपना कोलेस्ट्रॉल लेवल भी सुधारने में मदद मिलती है। हालांकि बहुत अधिक फाइबर गैस और सूजन पैदा कर सकता है, जिससे पेट दर्द हो सकता है।
इसके अलावा लोगों को अपने भोजन में फाइबर की मात्रा को अचानक बढ़ाने की सलाह भी नहीं दी जाती है क्योंकि ऐसा करने से पेट दर्द, गैस और सूजन हो सकती है, जिससे बचने के लिए आपको धीरे-धीरे अपने खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाने को कहा जाता है। अगर आप फलियां और दाल भिगो रहे हैं, तो उस पानी को फेंक दें, जिसमें वे भिगोए गए हैं। इससे भी गैस और सूजन को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
टाइप 2 डायबिटीज में ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम करने के लिए कुछ दवाएं भी आपके पेट में दर्द पैदा कर सकती हैं। एक्सपर्ट कम डोज से शुरू करने की सलाह देते हैं और व्यक्ति के ब्लड शुगर लेवलके आधार पर इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है।
मेटफोर्मिन, टाइप 2 डायबिटीज के लिए विशेष दवा है। हालांकि कुछ मामलों में ये जलन, मतली या दस्त का कारण भी बन सकती है। 5 से 10 प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जो इस दवा को झेल नहीं पाते हैं और उन्हें दस्त और पेट में तकलीफ होती है।
इंजेक्शन योग्य दवाइयां भी मतली और उल्टी का कारण बन सकती हैं। हालांकि इसका सीधा संबंध आपकी डोज से होता है। इसे भी कम डोज से शुरू करने और धीमी गति से बढ़ाने का सुझाव दिया जाता है। GLP-1 एगोनिस्ट, पेट खाली करने की गति को धीमा कर देते हैं, जिससे पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। लोग इस भावना से अवगत नहीं होते और असहज महसूस करते हैं।
कुछ मामलों में बहुत अधिक या कम शुगर भी पेट की परेशानी का कारण बन सकती है। अगर आपको दस्त हो जाते हैं, जो रुकने का नाम नहीं लेते हैं तो आपकी समस्या और बढ़ सकती है। इस स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.