hamburger icon
A
Read in English

Diabetes: डायबिटीक फुट के मरीज़ों को इन बातों का रखना चाहिए ध्यान

ब्लड शुगर लेवल हाई होने पर ग्लूकोज़ लेवल कंट्रोल करने के साथ डायबिटीक फुट से भी बचने के प्रयास करने चाहिए। क्योंकि डायबिटीक फुट की समस्या आपके लिए कई तरीकों से परेशानी की वजह बन सकती है।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 7, 2019 2:17 PM IST

हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज़ (Diabetes) की समस्या पैरों की सेहत और बनावट को भी प्रभावित करती है। डायबिटीज़ के मरीज़ों में डायबिटीक फुट (Diabetic Foot) की समस्या भी होती है। इसीलिए ब्लड शुगर लेवल हाई होने पर ग्लूकोज़ लेवल कंट्रोल करने के साथ डायबिटीक फुट (Diabetic Foot Care tips) से भी बचने के प्रयास करने चाहिए। क्योंकि डायबिटीक फुट की समस्या (Diabetic Foot problem) आपके लिए कई तरीकों से परेशानी की वजह बन सकती है।

क्या है डायबिटीक फुट What is Diabetic Foot:

हाई ब्लड शुगर वाले लोगों को अपने पैरों पर स्थिरता से खड़े होने में दिक्कत होती है। पसीना बनाने वाले स्वेट ग्लैंड्स और ऑयल ग्लैंड्स को कार्य करने में भी बदलाव आ जाते हैं। इसकी वजह से पैरों की त्वचा में बदलाव आने लगते हैं। साथ ही डायबिटीक फुट होने पर पैरों में सूजन, छनछनाहट भी आम है। डायबिटीक फुट में पैरों पर लगने वाली चोट को ठीक होने में बहुत समय लगता है।

डायबिटीक फुट के मरीज़ों को इन बातों का रखना चाहिए ध्यान :

  • घर में या घर के बाहर नंगे पैर ना चलें। इससे आपके पैरों में चोट लग सकती है।
  • रोज़ अपने पैरों की जांच करें। अगर कोई छोटा-मोटा घाव, त्वचा कटने-फटने या चोट के निशान नज़र आएं तो उनकी देखभाल करें। डायबिटीज़ में छोटे-मोटे घाव भी कई परेशानियों का कारण बन सकते हैं।
  • पैरों में सूजन या जलन होने पर कोल्ड या हॉट पैक लगाने से बचें। इनकी वजह से आपकी समस्या घटने की बजाय बढ़ सकती है।
  • चलते समय सावधानी बरतना भी डायबिटीक फुट के मरीज़ों के लिए काफी अहम है। इसी तरह बस में या ट्रेन में सफर करते समय अपने जूते ना निकालें। नंगे पैर रहने या डगमगाने की वजह से आपको चोट लगने का डर हो सकता है और यह आपकी समस्या बढ़ा सकता है।

यह भी पढ़ें-  अगर हों पेट की परेशानियां तो ये नैचुरल रेमेडिज़ ट्राई करें।