निक जोनस ने शेयर किया टाइप-1 डायबिटीज के 4 संकेत, बचपन में हुई थी शुगर की बीमारी
Nick Jonas Type 1 Diabetes: निक जोनस के अनुसार 4 संकेतों को टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण के तौर पर पहचाना जा सकता है।
डायबिटीज (Diabetes) एक आजीवन रहने वाली बीमारी है। यह एक मेटाबॉलिक डिसॉर्डर है, जिसमें मरीज़ के शरीर के रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर बहुत अधिक होता है। जब, व्यक्ति के शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन (Insulin) नहीं बन पाता है और शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति ठीक से प्रतिक्रिया नहीं कर पाती हैं। जैसा कि, इंसुलिन का बनना शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रक्त से शरीर की कोशिकाओं में ग्लूकोज़ का संचार करता है। इसीलिए, जब इंसुलिन सही मात्रा में नहीं बन पाता तो पीड़ित व्यक्ति के बॉडी मेटाबॉलिज्म (Body Metabolism) पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।
(Types of diabetes in hindi) हम जो भोजन करते हैं उससे, शरीर को ग्लूकोज प्राप्त होता है जिसे कोशिकाएं शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में उपयोग करती हैं। यदि शरीर में इंसुलिन मौजूद नहीं होता है तो वे अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाती हैं और ब्लड से कोशिकाओं को ग्लूकोज नहीं पहुंचा पाती हैं। जिसके कारण ग्लूकोज ब्लड में ही इकट्ठा हो जाता है और ब्लड में अतिरिक्त ग्लूकोज नुकसानदायक साबित हो सकता है। आमतौर पर डायबिटीज़ 3 प्रकार का होता है-
(Causes of diabetes in hindi) जब शरीर सही तरीके से रक्त में मौजूद ग्लूकोज़ या शुगर का उपयोग नहीं कर पाता। तब, व्यक्ति को डायबिटीज़ की समस्या हो जाती है। आमतौर पर डायबिटीज के मुख्य कारण ये स्थितियां हो सकती हैं-
(Symptoms of diabetes in hindi) पीड़ित व्यक्ति के शरीर में बढ़े हुए ब्लड शुगर के अनुसार उसमें डायबिटीज़ के लक्षण दिखाई देते हैं। ज्यादातर मामलों में अगर व्यक्ति प्री डायबिटीज या टाइप-2 डायबिटीज का से पीड़ित हो तो, समस्या की शुरूआत में लक्षण दिखाई नहीं पड़ते। लेकिन, टाइप-1 डायबिटीज के मरीज़ों में डायबिटीज़ लक्षण बहुत तेजी से प्रकट होते हैं और ये काफी गंभीर भी होते हैं। टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के मुख्य लक्षण ये हैं-
(Diagnosis of diabetes in hindi) डायबिटीज या मधुमेह के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। डायबिटीज़ के निदान के लिए इस प्रकार के कुछ टेस्ट कराने की सलाह दी जा सकती है-
ए1सी टेस्ट (A1C test or glycohaemoglobin test)
इस प्रकार का टेस्ट टाइप 2 डायबिटीज़ के लिए किया जाता है। जिसमें, मरीज़ को हर 3 महीने में एक बार ब्लड टेस्ट कराना होता है और उसका एवरेज ब्लड ग्लूकोज़ लेवल जांचा जाता है। ए1सी टेस्ट में 5 से 10 तक के अंकों में ब्लड में ग्लूकोज़ का स्तर मापा जाता है। अगर टेस्ट रिपोर्ट में 5.7 से नीचे का आंकड़ा दिखाया जाता है तो वह नॉर्मल होता है। लेकिन अगर किसी का ए1सी लेवल 6.5% से अधिक दिखायी पड़ता है तो वह, डायबिटीज़ का मरीज़ कहलाता है।
फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज टेस्ट
हाई ब्लड शुगर की स्थिति को समझने के लिए यह सबसे आम ब्लड टेस्ट है। इस टेस्ट के लिए व्यक्ति को खाली पेट रहते हुए ब्लड सैम्पल देना पड़ता है। जिसके लिए 10-12 घंटों तक भूखे रहने के लिए कहा जाता है। उसके बाद फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज टेस्ट किया जाता है। यह टेस्ट डायबिटीज या प्रीडायबिटीज का पता लगाने के लिए किया जाता है।
ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट
इस टेस्ट में भी खाली पेट रहते ही ब्लड सैम्पल लिया जाता है। यह टेस्ट करने से दो घंटे पहले मरीज को ग्लूकोज युक्त पेय पदार्थ पिलाया जाता है।
रैंडम ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट
इस प्रकार के टेस्ट में पीड़ित व्यक्ति के ब्लड सैम्पल की 4 बार जांच की जाती है। अगर ब्लड शुगर लेवल दो बार नॉर्मल से ज़्यादा पाया जाता है तो प्रेगनेंट महिला को जेस्टेशनल डायबिटीज होने की पुष्टि की जाती है।
(Diabetes treatment in hindi) टाइप-1 डायबिटीज का कोई स्थायी उपचार नहीं है इसीलिए, व्यक्ति को पूरी ज़िंदगी टाइप-1 डायबिटीज का मरीज़ बनकर रहना पड़ता है। ऐसे लोगों को इंसुलिन लेना पड़ता है जिसकी मदद से वे अपनी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं। लेकिन, टाइप-2 डायबिटीज के लक्षणों से बिना किसी दवा के प्रतिदिन एक्सरसाइज, संतुलित भोजन, समय पर नाश्ता और वजन को नियंत्रित करके छुटकारा पाया जा सकता है। सही डायट की मदद से टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अलावा कुछ ओरल एंटीबायोटिक्स दवाएं टाइप-2 डायबिटीज को बढ़ने से रोकने में मदद करती हैं।
(Preventions of diabetes in hindi) डायबिटीज़ एक गंभीर बीमारी है जिससे, आपको आजीवन परेशानियां हो सकती हैं। डायबिटीज़ से पीड़ित व्यक्ति को स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। लेकिन, कुछ सावधानियां बरतकर डायबिटीज की बीमारी से बचा जा सकता है।
Nick Jonas Type 1 Diabetes: निक जोनस के अनुसार 4 संकेतों को टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण के तौर पर पहचाना जा सकता है।
World Diabetes Day 2022: आज विश्व मधुमेह दिवस के मौके पर हम आपको डायबिटीज के कुछ रिस्क फैक्टर्स (Risk Factors For Diabetes) के बारे में बता रहे हैं जिसे समय रहते ठीक कर आप डायबिटीज रोगी बनने से बच सकते हैं।
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ऐसे लोग जिन्हें डायबिटीज, पीसीओएस, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड और अधिक मीठा खाने की शिकायत है के लिए मुखवास एक रामबाण उपाय है।
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डायबिटीज के मरीजों को बहुत ही सतर्क रहने की आवश्यकता होती है, क्योंकि इस रोग में बहुत तरह के खतरे होते हैं, डायबिटीज में Dry Eye Syndrome भी एक प्रकार का रिस्क फैक्टर है.
अगर डायबिटीज़ के मरीज हैं तो यह जान कर खुशी होगी कि नींबू को डाइट में शामिल करने से ब्लड ग्लूकोज लेवल कम होने में मदद मिलती है। इन तरीकों से करें डाइट में नींबू शामिल।
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डायबिटीज के मरीजों का जीवन काफी कठिन होता है क्योंकि वह शुगर लेवल को बढ़ने से बचाने के लिए अपनी मन पसंद की चीजें खा पी भी नहीं सकते हैं। आज जानें कैसे ब्लड शुगर को कम करने में मदद पाई जा सकती है।
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प्री डायबिटीज बहुत जल्दी डायबिटीज में बदल सकती है इसलिए समय रहते ही इसके लक्षणों को पहचान कर इसका इलाज शुरू करना काफी जरूरी होता है।
जल्दी जल्दी खाने से दिमाग को जरूरी संदेश नहीं मिल पाता है. जिसकी वजह से जरूरी हार्मोन नहीं निकल पाते हैं. इसकी वजह से इंसान का इंसुलिन प्रभावित होता है. इंसुलिन प्रभावित होने की वजह से डायबिटीज का खतरा बढ़ने लगता है.
डायबिटीज के मरीजों के लिए नियम और संयम बहुत जरूरी होता है, यह ब्लड शुगर मैनेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
मौसम ठंडा होने, नमी और ड्राइनेस में उतार-चढ़ाव से डायबिटीक फूट से संबंधित होने वाली समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। आप सर्दियों में डायबिटीक फूट से बचे रहना चाहते हैं, तो एसएल रहेजा हॉस्पिटल, माहिम- फोर्टिस एसोशिएट के कन्सलटेंट डायबिटीक फूट सर्जन डॉ. अरुण बल के बताए इन महत्वपूर्ण टिप्स को जरूर अपनाएं।
Fruits For Diabetes: क्या डायबिटीज पेशेंट के लिए फल खाना फायदेमंद होता है, जवाब 'हाँ' और 'न' दोनों है, क्यों डायबिटीज में सही फल का चुनाव करना और उन्हें सही समय पर खाना बहुत फायदेमंद होता है।
डायबिटीज में सावधानियां बरतने से किडनी से जुड़ी बीमारियों का रिस्क काफी हद तक कम किया जा सकता है। समय से डायग्नोसिस, दवाइयों और लाइफस्टाइल से जुड़े बदलावों की मदद से किडनी की समस्याओं को मैनेज किया जा सकता है।(Risk of kidney disease in Diabetes)
हम आपको यहां तीन हर्बल चाय (Herbal Teas to control Diabetes in Hindi) के बारे में बता रहे हैं, जो शुगर लेवल को कंट्रोल में रखकर डायबिटीज को बढ़ने नहीं देती हैं।
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यह महत्वपूर्ण बात समझ लेना जरूरी है कि, डायबिटीज के यह दो प्रकार प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं, और गर्भकालीन मधुमेह सीधे गर्भावस्था को प्रभावित कर सकता है।
शाकाहारी खानपान का दूसरा लाभ यह है कि यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, सैचुरेटेड फैट को कम करता है और हार्ट की बीमारी होने की संभावना को कम करता है

डायबिटीज के मरीजों को खाने पीने पर बहुत ध्यान रखना पड़ता है। आज के इस लेख में बताई गई कुछ चीजों का सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों को स्वस्थ रहने में काफी मदद मिल सकती है।

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डायबिटीज के मरीजों के लिए नियम और संयम बहुत जरूरी होता है, यह ब्लड शुगर मैनेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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Fruits For Diabetes: क्या डायबिटीज पेशेंट के लिए फल खाना फायदेमंद होता है, जवाब 'हाँ' और 'न' दोनों है, क्यों डायबिटीज में सही फल का चुनाव करना और उन्हें सही समय पर खाना बहुत फायदेमंद होता है।

डायबिटीज में सावधानियां बरतने से किडनी से जुड़ी बीमारियों का रिस्क काफी हद तक कम किया जा सकता है। समय से डायग्नोसिस, दवाइयों और लाइफस्टाइल से जुड़े बदलावों की मदद से किडनी की समस्याओं को मैनेज किया जा सकता है।(Risk of kidney disease in Diabetes)

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शाकाहारी खानपान का दूसरा लाभ यह है कि यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, सैचुरेटेड फैट को कम करता है और हार्ट की बीमारी होने की संभावना को कम करता है

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो आपकी ओरल हेल्थ को प्रभावित कर सकता है. इस मेटाबॉलिक डिजीज और दांतों से जुड़ी समस्याओं के बीच के संबंध को समझने के पढ़ें यह लेख.

महिलाओं में डायबिटीज मेलिटस (Diabetes Mellitus) उनकी मासिक चक्र की सेहत और प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। अनियंत्रित डायबिटीज मेलिटस, हॉर्मोनल असंतुलन की वजह से गर्भाश्य रक्तस्राव का कारक माना जाता है।

डायबिटीज के कारण आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है और अंधेपन या विज़न खोने (Vision Loss) का भी खतरा बढ़ सकता है।

डायबिटिक रेटिनोपैथी या डायबिटिक मैक्युलर एडीमा रेटिना के स्थायी और प्रगतिशील रोग हैं। यदि इनका इलाज न हो, तो दृष्टि हमेशा के लिए खो सकती है। सही समय पर रोग का पता लगाना और रोग पर नियंत्रण के लिए नियमित रूप से जांच करवाना महत्वपूर्ण है।

Diabetes And Heart Health: डायबिटीज एक जटिल बीमारी है, लेकिन थोड़े से अनुशासन के साथ यह संभव है कि आप अपने मधुमेह को सफलतापूर्वक प्रबंधित कर सकते हैं और इस तरह हृदय की जटिलता होने के जोखिम को कम भी कर सकते हैं।

World Diabetes Day 2021: डायबिटीज़ में हाई ब्लड शुगर का अगर इलाज न किया जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, इससे तंत्रिकाओं, किडनी, आंखों एवं अन्य अंगों को नुकसान पहुंच सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार, कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनका सेवन डायबिटीज के मरीजों को नहीं करना चाहिए इससे उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।

डायबिटीज रोगियों के लिए कुछ योगासन (Best yoga for diabetes) बहुत फायदेमंद होते हैं. अगर नियमति तौर पर डायबिटीज रोगी योग के इन आसनों को करेंगे तो ब्लड शुगर कंट्रोल करने में आसानी होती है.

आपको अपना रोज का रूटीन ही ऐसा कर लेना चाहिए कि आपकी शुगर नियंत्रण में रह सके और आपको अधिक रिस्क वाली स्थिति का सामना न करना पड़े।

अगर आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल नहीं रहता है तो अशोक की छाल से बानी इस औषधि का आप इस्तेमाल कर सकते हैं.

एक अध्ययन में कहा गया है कि गर्भनिरोधक गोली पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) से पीड़ित महिलाओं में टाइप- 2 डायबिटीज के होने के खतरे को एक चौथाई से अधिक कम कर सकती है।

यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत एक शोध से पता चला है कि डायबिटीज वाले लोगों को गंभीर बीमारी और मृत्यु का जोखिम दूसरों की तुलना में अधिक है।

टाइप-2 डायबिटीज होने पर इंसुलिन प्रतिरोध स्ट्रोक से जुड़ा हुआ है। इंसुलिन प्रतिरोध तब होता है, जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के लिए ठीक से कम नहीं करती हैं और आसानी से रक्त से ग्लूकोज नहीं ले पाती हैं।

रात में देर रात तक जागने की आदत क्या आपको भी है?

जानिये डायबिटीज होने पर कौन-सा तेल खाना अच्छा होता है?

नट्स आपके ब्लड शुगर को नियंत्रण रखने में मदद करते हैं।

खानेपीने के मजे में अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करना पड़ सकता है बहुत महंगा!

Diabetes के मरीज को अपने साथ चॉकलेट या कैंडी क्यों रखना चाहिए?

अगर आप डायबिटीज से पीड़ित हैं, तो आपको यह बातें हर हाल में पता होनी चाहिए!

क्या ग्रीन टी पीने से डायबिटीज कंट्रोल होता है?

लो ब्लड शुगर लेवल के कारण जिम में दुर्घटनाएं हो सकती हैं जो खतरनाक हो सकते है।

अगर आप सब्जी और फल खाकर हो गए है बोर तो ये हेल्दी जूस ज़रूर लें!

जानिए डायबिटीज़ के मरीजों को जिम शुरू करने से पहले किन बातों का ख्याल रखना चाहिए!

जानिए डायबिटीज कंट्रोल रखने के लिए आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं!

अगर आपको अचानक बेहोशी जैसा महसूस हो तो देर न करें बल्कि तुरंत डॉक्टर के पास जायें!

डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए इससे सस्ता उपाय भला क्या हो सकता है?

रोजे के दौरान अगर बार बार तेज प्यास लगे तो इसे अनदेखा न करें बल्कि डॉक्टर से अपनी जांच करवाएं!

ब्लड ग्लूकोज लेवल कम हो जाने पर जितनी जल्दी हो सके आप घर में मौजूद कोई भी मीठी चीज खाएं!

गर्मियों के मौसम में आप रेगुलर अपना आई चेकअप ज़रूर करवाते रहें!