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पैंक्रियाज क्या है (what is pancreas)? पैंक्रियाज एक पत्ती के आकार की ग्रंथि है जो पेट के ऊपरी-बाएं भाग और पेट के पीछे मौजूद होती है। ये 6 से 10 इंच लंबा स्पंजी होता है, जो पूरे पेट में फैला होता है और पेट, छोटी आंत, लिवर और तिल्ली (spleen) से घिरा होता है। पैंक्रियाज पाचन में एक बड़ी भूमिका निभाता है। यह एक प्रकार का जूस बनाता है जिसे एंजाइम कहा जाता है। ये एंजाइम हमारे खाने से निकलने वाले शुगर, फैट और स्टार्च को तोड़ते हैं और इन्हें पचाने में एक जरूरी भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा ये कई बीमारियों जैसे पेट की बीमारी और शुगर की बीमारी जैसे कई बीमारियों से बचाने में एक अहम भूमिका निभाता है। कैसे, आइए जानते हैं। पर उससे पहले जानते हैं पैंक्रियाज का क्या काम है।
पैंक्रियाज हार्मोन बनाकर आपके पाचन तंत्र की भी मदद करता है। ये रासायनिक संदेशवाहक हैं जो आपके खून के माध्यम से पूरे बॉडी में ट्रेवल करते हैं। हार्मोन आपके ब्लड शुगर के स्तर और भूख को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, पेट के एसिड को उत्तेजित करते हैं और कई हार्मोन के प्रोडक्शन में मदद करते हैं। जैसे कि
आपका अग्न्याशय यानी कि पैंक्रियाज खाने को तोड़ने के लिए पेनक्रिएटिक जूस बनाता है। ये जूस आपके पैंक्रियाज के जरिए छोटी आंत के ऊपरी हिस्से तक पहुंचते हैं जिसे डुओडेनम कहा जाता है। हर दिन, आपका पैंक्रियाज लगभग 8 औंस डाइजेस्टिव एंजाइम्स (Digestive enzymes) बनाते हैं। जैसे कि
-लाइपेज (Lipase:), यह एंजाइम लिवर के साथ मिल कर फैट पचाने में मदद करता है।
-इसके अलावा लाइपेज (Lipase) विटामिन ए, डी, ई, के को अवशोषित करने में भी मदद करता है।
-प्रोटीज (Protease) एंजाइम आपके आहार के प्रोटीन को तोड़ता है और प्रोटीन पचाने में मदद करता है।
-इसके अलावा पैंक्रियाज एमाइलेज (Amylase) भी बनाता है । ये एक ऐसा एंजाइम है जो कि स्टार्च को चीनी में तोड़ने में मदद करता है, जिसे आपका शरीर इसे एनर्जी के लिए उपयोग कर सकता है।
पैंक्रियाज एंड्रोक्राइन फंक्शन (An endocrine function) में मददगार है। यानी कि ये खून में कुछ ऐसे हार्मोन का प्रोडक्शन करता है जो कि कई बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी है। जैसे कि ये इंसुलिन हार्मोन प्रड्यूस करता है। ये बीटा कोशिकाएं का 75% हिस्सा बनाती हैं, इंसुलिन का प्रोडक्शन करती है। ये इंसुलिन शरीर को ऊर्जा के लिए खून में शुगर का उपयोग करने में मदद करता है। जब पैंक्रियाज पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर रहा होता है, तो ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है और व्यक्ति को डायबिटीज हो जाता है।
पैंक्रियाज के अल्फा कोशिकाएं ग्लूकागन (Glucagon) का स्राव करती हैं। यानी कि जब ब्लड शुगर बहुत कम हो जाता है, तो ग्लूकागन लिवर को शुगर छोड़ने का संकेत देकर इसे बढ़ा देता है, जो भोजन उपलब्ध न होने की स्थिति में हमेशा बैकअप के रूप में वहां जमा रहता है। तो अगर, पैंक्रियाज सही से काम नहीं करेगा तो लो ब्लड शुगर की समस्या और गंभीर हो सकती है।
गैस्ट्रिन का एक बड़ा हिस्सा पेट में जी कोशिकाओं द्वारा निर्मित होता है, जबकि एक छोटा हिस्सा पैंक्रियाज द्वारा स्रावित होता है। गैस्ट्रिन पाचन के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह गैस्ट्रिक एसिड बनाने के लिए पेट को उत्तेजित करता है। इससे आपका खाना तेजी से पच जाता है और आपको अपच और ब्लोटिंग की समस्या नहीं होती है।
एमिलिन(Amylin) बीटा कोशिकाओं द्वारा निर्मित होता है और पेट खाली करने में मदद करता है। यानी कि ये भूख को नियंत्रित करने में मददगार है। जब शरीर में एमिलिन का प्रोडक्शन कम हो जाता है या ज्यादा हो जाता है तो वेट गेल और वेट लॉस पर इसका असर दिखता है।