
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 25, 2018 7:43 AM IST
डायबिटीज एक खतरनाक समस्या है जो भारत में तेजी से बढ़ती जा रही है। इससे आपको कई अन्य गंभीर रोगों का खतरा होता है। यही कारण है कि डॉक्टर डायबिटीज के मरीजों को अपना अच्छी तरह ध्यान रखने की सलाह देते हैं। अधिकतर लोग केवल इतना जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों का ब्लड ग्लूकोज लेवल सिर्फ हाई होता है लो नहीं। आपको बता दें कि डायबिटीज के मरीजों के ब्लड ग्लूकोज लेबल में उतार-चढ़ाव होता रहता है और इसलिए आपको हाइपोग्लाइसीमिया का भी खतरा हो सकता है। कुल मिलाकर आपको नॉर्मल ग्लाइसेमिक लेवल बनाये रखना जरूरी है। मशहूर डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप गाडगे ने बताया कि ब्लड ग्लूकोज लेवल को नियंत्रित करना क्यों हैं महत्वपूर्ण है।
कब होता है ब्लड ग्लूकोज लेवल कम
इस मामले में आपको इंसुलिन, डायट और एक्टिविटी को ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। अगर इन तीन चीजों में से किसी भी गड़बड़ है, तो यह ब्लड ग्लूकोज लेवल कम हो सकता है और आपको हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा हो सकता है।
क्या होता है जब कम हो जाता है ब्लड शुगर हो जाता है कम?
आपने इस बारे में लोगों से अलग-अलग बातें सुनी होंगी। हाइपोग्लाइसीमिया की सही रीडिंग तब होती है, जब आपका ब्लड ग्लूकोज लेवल 70 एमजी / डीएल से नीचे चला जाता है। ऐसा होने पर हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण जैसे पसीना, कंपकंपी और बेचैनी शुरू हो सकते हैं। यह इसके सामान्य लक्षण हैं। दुर्लभ मामलों में आप अजीब तरीके से व्यवहार कर सकते हैं जैसे कि आपके बॉस को थप्पड़ मारना, कपड़े फेंकने आदि।