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Written By: Jitendra Gupta | Updated : November 14, 2020 7:01 AM IST
विश्व के सामने समूचे इतिहास की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है कोरोनावायरस। हालांकि महामारी को लेकर अब कुछ नया सामने नहीं आ रहा है लेकिन जिस तेजी से इस बीमारी ने पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में लिया है वो वाकई चौंकाने वाला है। वैज्ञानिक और हेल्थ एक्सपर्ट इस बीमारी और वायरस से हमारे शरीर पर पड़ने वाले विभिन्न तरीकों को समझने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस संक्रमण के शुरुआती दिनों से ही यह बात सब जान चुके हैं कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या ह्रदय रोगियों के लिए खतरा अधिक है। लेकिन अब इस संक्रमण और प्रदूषण के बीच एक संबंध साफ हो गया है।
शोध के अनुसार, वायु प्रदूषण हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और सांस संबंधी बीमारियों जैसी स्थितियों को कारण बन सकता है। जबकि इन तीनों बीमारियों से पीड़ित लोगों को कोरोना का खतरा सबसे ज्यादा है। यहां इस बात पर गौर करने की जरूरत है कि दुनिया की 91% आबादी उन क्षेत्रों में रहती है जहां वायु प्रदूषण सुरक्षित स्तरों से अधिक है। इस लेख में हम आपको ये बताने की कोशिश कर रहे हैं कि कैसे मिलकर कोरोना और वायु प्रदूषण आपके जोखिम को बढ़ा सकते हैं और कैसे इस जोखिम को कम से कम किया जा सकता है।
COVID-19 मुख्य रूप से एक सांस संबंधी संक्रमण है, जो हृदय संबंधी गतिविधियों, सेप्टिक शॉक, लिवर और किडनी फेल्योर के साथ शरीर के कई अंगों के कार्य करने की क्षमता को प्रभावित करता है। यह देखा गया है कि यह रोग उन लोगों में अधिक जोखिम भरा साबित होता है, जो पहले से ही ऐसी क्रॉनिक बीमारियों से पीड़ित हैं।
गंभीर रूप से वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहना ऐसी स्वास्थ्य स्थितियों को बढ़ाने का काम करता है और सांस संबंधी बीमारियों को और अधिक घातक बनाता है। ऐसा अनुमान है कि सभी सांस संबंधी संक्रमणों का लगभग 40 फीसदी और लगभग 20 फीसदी कोरोनरी रोग व डायबिटीज के मामले वायु प्रदूषण के कारण होते हैं और यह COVID-19 के लिए चिंता का प्राथमिक क्षेत्र है।
बाहर एक्सरसाइज और खुली जगहों पर टहलने से परहेज करें, खासकर वहां, जहां बहुत अधिक स्मॉग और वायु प्रदूषण हो। स्मॉग आमतौर पर सर्दियों में ज्यादा होता है इसलिए सुबह की सैर से बचना चाहिए।
फेस मास्क पहनना बहुत ज्यादा आवश्यक है क्योंकि यह वायु प्रदूषण के साथ-साथ वायरस से भी सुरक्षा प्रदान करता है।
हाथ की स्वच्छता वायरस से सुरक्षा का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है। भोजन करने और चेहरा छूने से पहले साबुन और पानी से लगातार हाथ धोना बहुत ज्यादा जरूरी है।
डायबिटीज लेवल को प्रबंधित करना बहुत ही आवश्यक है। डायबिटीज रोगियों को नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर की निगरानी करनी चाहिए और किसी भी दवा के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
महामारी के समय में डायबिटीज या वायु प्रदूषण की उपेक्षा करना एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा हो सकता है। हालांकि, ऊपर दिए गए सभी सरल और प्रभावी कदम उठाकर, डायबिटीज रोगी इस स्थिति में भी खुद को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकते हैं।