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डायबिटीज रोगियों में ज्यादा रहता है इन 5 बीमारियों का खतरा? जरूरी है सावधानी

डायबिटीज रोगियों में हृदय, किडनी और आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में करना बहुत जरूरी है।

Written By Anju Rawat
Published : March 9, 2026 4:33 PM IST

डायबिटीज भारत में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुकी है। यह सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने तक सीमित बीमारी नहीं है, बल्कि लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित कर सकती है। अगर, डायबिटीज को सही तरीके से नियंत्रित न किया जाए तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। लगातार हाई ब्लड शुगर, शरीर की रक्त वाहिकाओं और नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे हृदय, किडनी, आंखों और नसों से जुड़ी समस्याएं धीरे-धीरे विकसित होने लगती हैं। आइए, आकाश हेल्थकेयर की सीनियर कंसल्टेंट-एंडोक्रिनोलॉजी डॉ. मोनिका शर्मा (Dr. Monika Sharma, Senior Consultant - Endocrinology, Aakash Healthcare) से जानते हैं कि डायबिटीज रोगियों में कौन-सी बीमारियां होने का खतरा ज्यादा रहता है?

डायबिटीज रोगियों में किन बीमारियों का रहता है खतरा?

1. हृदय रोग

डायबिटीज रोगियों में हृदय रोग का खतरा काफी ज्यादा रहता है। इन रोगियों में सामान्य लोगों की तुलना में हृदय रोग विकसित होने का जोखिम ज्यादा बना रहता है। दरअसल, लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज रोगियों में हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल का खतरा भी बना रहता है।

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2. किडनी की बीमारी

डायबिटीज रोगियों में किडनी की बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। डायबिटीज रोग, किडनी को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। इसे डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है। इस स्थिति में किडनी को फिल्टर करने की क्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है। अगर आपको डायबिटीज रोग है, तो समय-समय पर किडनी की जांच जरूर कराएं। क्योंकि ज्यादातर मामलों में किडनी रोग के लक्षण देरी से नजर आते हैं।

3. आंखों की बीमारी

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डायबिटीज रोगियों में आंखों की बीमारी का खतरा भी ज्यादा बना रहता है। दरअसल, डायबिटीज आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचाता है। इसे डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। धुंधला दिखाई देना, दृष्टि कमजोर होना या गंभीर मामलों में दृष्टि खो जाना आदि इसी के लक्षण होते हैं। अगर आपको डायबिटीज है और आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम हो रही है, तो एक बार डॉक्टर से जरूर मिलें।

4. नसों से जुड़ी समस्या

लंबे समय तक बढ़ा हुआ हाई शुगर लेवल नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। हाथों और पैरों में झनझनाहट, जलन, सुन्नपन या दर्द महसूस होना इसके संकेत हो सकते हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

5. पैरों में संक्रमण और घाव

डायबिटीज के मरीजों में पैरों में घाव जल्दी ठीक नहीं होते हैं। दरअसल, डायबिटीज की वजह से नसों और रक्त प्रवाह में कमी की वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में कुछ मामलों में सर्जरी तक की जरूरत पड़ सकती है। डायबिटीज रोगियों में घाव भी देरी से भरता है।

डायबिटीज को कंट्रोल कैसे करें?

  • डायबिटीज रोगियों को समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच जरूर करानी चाहिए।
  • डायबिटीज रोगियों को बैलेंस और पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
  • रेगुलर एक्सरसाइज करें। आप योगासन और प्राणायाम कर सकते हैं।
  • डायबिटीज रोगियों को दवाइयों का सेवन जरूर करना चाहिए।
  • समय-समय पर आंख, किडनी और हृदय की जांच जरूर कराएं।

Highlights:

  • डायबिटीज रोगियों में हृदय और किडनी रोगों का जोखिम ज्यादा बना रहता है।
  • इन रोगियों में हाई बीपी और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी रहती है।
  • डायबिटीज रोगियों को दवाइयों के साथ जीवनशैली में बदलाव करना भी जरूरी है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।