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डायबिटीज़ की समस्या दक्षिण भारतीय लोगों में तेज़ी से फैल रही है औऱ यह काफी व्यापक स्तर पर लोगों को प्रभावित भी कर सकती है। हाई फैट फूड और शारीरिक सक्रियता की कमी वो लाइफस्टाइल फैक्टर्स हैं जो हम भारतीयों को इस बीमारी की चपेट में आने का रास्ता दे रहे हैं।
लेकिन डायबिटीज़ केवल एक बीमारी नहीं है। यह अपने साथ और भी कई स्वास्थ समस्याएं लेक र आती है। हाई ब्लड शुगर या खून में ग्लूकोज़ की मात्रा अधिक होने से आपका शरीर कई तरह से प्रभावित होता है। आइए जानते हैं कि ब्लड ग्लूकोज़ बढ़ने पर आपके दूसरों अंगों पर कैसा प्रभाव पड़ता है।
1. त्वचा - ब्लड शुगर बढ़ने पर सबसे पहले आपकी त्वचा पर प्रभाव पड़ता है। आपको अचानक खुजली महसूस होने लगेगी और स्किन की ड्राईनेस बढ़ जाएगी।ब्लड शुगर के बढ़ने से ऐसी स्थिति बन जाती है। यह स्थिति शरीर में बैक्टीरिया पनपने के अनुकूल बन जाती है, जो स्किन इंफेक्शन्स का खतरा पैदा करती है।
2. प्राइवेट पार्टस- प्राइवेट पार्ट्स में इंफेक्शन भी डायबिटीज़ के मरीज़ों में काफी आम है। स्किन पर होने वाले एलर्जिक रिएक्शन्स हर्पिस और वैजिनाइटिस जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं। कुछ महिलाओं ने शिकायत की है कि डायबिटीज़ की शुरुआत में उन्हें प्रो-लॉन्गड् पीरियड्स की भी समस्या झेलनी पड़ी है। इस स्थिति में उनके पीरियड्स जो आमतौर पर 5-7 दिनों तक के होते हैं, वह 4-5 हफ्तों तक चलते रहे।
3. पैर- डायबिटीज के मरीज़ों को एक लक्षण के तौर पर उनके पैरों में भी बदलाव दिखायी पड़ता है। डायबिटीक फुट नामक इस समस्या में मरीज़ों के पैरों में सूजन, कालापन, बहुत अधिक पसीना, चिपचिपापन जैसे बदलाव आने लगते हैं।
4. इम्यूनिटी- डायबिटीज़ में मरीज़ का इम्यून सिस्टम भी कमज़ोर हो जाता है। नतीज़तन आपके स्किन इंफेक्शन्स और चोट वगैरह ठीक होने में समय लगने लगता है।
5. आंखों की रोशनी- ब्लड शुगर हाई होने पर आपकी आंखों की रोशनी कम होने लगती है। जी हां, हाई ब्लड शुगर में आंखों की रक्त नलिकाएं कमजोर पड़ जाती हैं और रेटिना के आसपास कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है। इसकी वजह से धीरे -धीरे आपकी नज़र धुंधली और कमज़ोर होने लगती है और अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो आप अंधेपन का भी खतरा होता है।