
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 20, 2024 5:55 PM IST
Diabetes symptoms in 30s: डायबिटीज की बीमारी सबसे तेजी से बढ़ने वाली लाइफस्टाइल डिजिजेज में से एक है और भारत में डायबिटीज के मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का कारण बनती जा रही है। डायबिटीज की बीमारी को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि, इस बीमारी का प्रभाव बहुत गम्भीर होता है और डायबिटीज के मरीजों को इस बीमारी को मैनेज करने के लिए आजीवन मेहनत करनी पड़ती है। डायबिटीज की बीमारी मरीजों के शरीर को धीरे-धीरे अंदर से बीमार और कमजोर बनाती रहती है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण ऑर्गन्स को नुकसान पहुंच सकता है।
डायबिटीज की बीमारी में मरीजों में किडनी खराब होने, आंखों से जुड़ी समस्याएं और हार्ट डिजिज का रिस्क (Risk of heart diseases in diabetes) बढ़ने जैसी स्थितियां देखी जाती हैं। वहीं, पैरों की नसों में दर्द, स्किन से जुड़ी प्रॉब्लम्स का जोखिम भी डायबिटीज की वजह से बढ़ जाता है।
जैसा कि डायबिटीज का कोई स्थायी इलाज नहीं है ऐसे में डायबिटिक्स को अपनी बीमारी को मैनेज करने के लिए पूरे जीवन मेहनत करनी पड़ती है और कई तरह की सावधानियां भी बरतनी पड़ सकती हैं। डायबिटीज की बीमारी को सही तरीके से मैनेज करने के लिए इसके लक्षणों को पहचानने और उनको मैनेज करने की कोशिश करनी चाहिए। 25-30 साल की उम्र में जब डायबिटीज की बीमारी होती है तो ऐसे में लोगों को किस तरह की समस्याएं महसूस होती है उनके बारे में पढ़ें यहां। ये लक्षण दिखते ही आप अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें और इलाज के लिए जरूरी उपाय करें।
हाई ब्लड शुगर लेवल या डायबिटीज हो जाने पर आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। शुगर की बीमारी में शरीर की नसों को डैमेज पहुंचता हैऔर इससे नसें कमजोर होने लगती हैं। इन सबके कारण नसों में ब्लड की सप्लाई धीमी पड़ने लगती है। आंखों की तरह ब्लड सर्कुलेशन ठीक ना होने से रेटिना पर असर पड़ता है। इससे, डायबिटीज रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy) का रिस्क बढ़ जाता है। इसके अलावा रेटिना के प्रमुख हिस्से मैक्यूला में भी सूजन बढ़ जाती है। इन सबके कारण आपको आंखों में ये समस्याएं हो सकते हैं-
किसी भी उम्र में डायबिटीज होने पर जो लक्षण सबसे पहले दिखायी देते हैं उनमें एक परेशानी जरूर देखी जाती है। डायबिटीज के मरीजों को बार-बार प्यास लगती है। ढेर सारा पानी पीने के बावजूद उनकी प्यास कम नहीं होती है और वे दोबारा पानी पीने लगते हैं। कई बार बहुत अधिक मात्रा में पानी पीने से पेट में दर्द और भारीपन भी महसूस हो सकता है।
डायबिटीज के पहले लक्षणों में बार-बार पेशाब होने की समस्या भी शामिल है। दरअसल, अधिक मात्रा में पानी पीने से शरीर में यूरीन का निर्माण भी अधिक मात्रा में होता है। इसकी वजह से डायबिटीज के मरीजों को जल्दी-जल्दी पेशाब करने के लिए भी उठना पड़ता है। इसके साथ ही पेशाब का रंग गाढ़ा होने जैसे कुछ लक्षण भी डायबिटीज मरीजों में देखे जाते हैं।
अगर आपको इस तरह के लक्षण महसूस हों तो अपना ब्लड शुगर लेवल चेक कराएं और डॉक्टर से सलाह-मशविरा करें।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।