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Diabetes diet जिसे न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने तैयार किया

डायबिटीज़ डायट जिसे हर भारतीय कर सकता है फॉलो

Written by Editorial Team |Published : December 1, 2017 4:13 PM IST

 भारत में 6.2 करोड़ लोग डायबिटीज़ से पीड़ित हैं, जो पूरी दुनिया की आबादी का 15 प्रतिशत हिस्सा है। 12 भारतीयों में से एक डायबिटीज़ का मरीज़ है, इसीलिए भारत को दुनिया को डायबिटीज की राजधानी बनती जा रही है। हमने सोचा इस समस्या की सबसे सरल और मूल बातों के बारे में बात की जाए। कभी-कभी वजन कम के साथ-साथ डायबिटीज़, मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी अन्य बीमारियों को हराने के लिए, हम स्वस्थ रहने वाले बुनियादी नियमों का पालन करना चाहिए, जो है हेल्दी लाइफ स्टाईल। हेल्दी बनने के लिए फैंसी जिम में सदस्यता लेने, डायटिशियन की मदद लेने, इम्पोर्टेड सुपरफ़ूड खरीदने या फैंसी रिसॉर्ट्स में जाने पर लाखों रुपये खर्च करने का मतलब नहीं है। अगर हम साधारण और बुनियादी नियमों का पालन करते हैं तो भी हमें डायबिटीज़ से निपटने में मदद हो सकती हैं। ये वही बातें हैं जो हम अपने हमारे घरों में दादा-दादी या हमारे स्कूलों में सुनकर बड़े हुए हैं।

सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर बता रही हैं उन 3 बुनियादी बातों के बारे में जो हमें अपनी अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से होनेवाले मोटापे, डायबिटीज़, हार्मोन संबंधी अन्य समस्याओं पर काबू पाने में मदद हो सकती है।

1. फूड ग्रुप्स पर ध्यान ना दें– फैट, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन-इन खाद्य पदार्थों के नाम का सहारा लेकर कुछ चीज़ों को अच्छा या बुरा बनाया जाता है और उसके बार डिटॉक्स प्लान और प्रॉडक्ट बेचते हैं। कुछ समय बाद कुछ और चीज़ों को ख़राब या अच्छा बनाया जाता है। भोजन केवल पेट भरने का काम नहीं करता इसके साथ आपकी भावनाएं, यादें, पोषण और खुशियां भी जुड़ी हुई हैं। आपको ऐसा भोजन खाना चाहिए जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व होते हैं और ये आपके लिए पोषण देते हैं।

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2. कंपनी और ब्रांड्स के चंगुल में ना फंसे– एक डायट जिसको कोई नाम दिया गया हो, या एक उत्पाद जिसका विज्ञापन करने की ज़रूरत हो (जैसे विटामिन डी वाला दूध, ओरीज़ानोल वाला तेल, सब्जियों वाले नूडल्स आदि), ऐसी चीज़ें खाने से बचें। हेल्दी होने का दावा करनेवाली बाज़ारी चीज़ों की बजाय आपके लिए घर में ही बहुत-से हेल्दी और बेहतर विकल्प उपलब्ध हैं। बस उनका पता लगाएं।

3. हेल्थ प्रोफेशनल्स पर आश्रित ना रहें –डॉक्टरों या डायटिशन आपको जो कुछ भी बताएंगे, उनकी जानकारी आपकी दादी-नानी के उस ज्ञान से बहुत कम होती है। यह ज्ञान जो आपके लिए बिल्कुल ठीक है और आपके लिए फायदेमंद भी, जिसे सदियों से हमारे बुजुर्गों ने सहेजकर रखा है। सदियों से किए गए वैज्ञानिक रिसर्च की मदद लें और अपने आसपास की स्थिति को ध्यान में रखकर अपने लिए एक हेल्दी और संपूर्ण भोजन तैयार करें।

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अनुवादक: Sadhana Tiwari.

चित्रस्रोत:Shutterstock Images.

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